D. Gukesh को इस बार ग्रैंड चेस टूर के “सुपर रैपिड एवं ब्लिट्ज” चरण में छठे स्थान से संतोष करना पड़ा। टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने कुछ मजबूत मुकाबले जरूर जीते, लेकिन निरंतरता की कमी के कारण वह शीर्ष स्थान तक नहीं पहुंच सके।
स्पोर्ट्स न्यूज़: Hans Niemann ने शानदार वापसी करते हुए ‘सुपर रैपिड एवं ब्लिट्ज’ शतरंज टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम कर लिया। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता Grand Chess Tour का हिस्सा थी, जिसमें दुनिया के कई शीर्ष खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। अमेरिकी ग्रैंडमास्टर नीमैन ने अंतिम दो दौर जीतकर कुल 22.5 अंक के साथ टूर्नामेंट समाप्त किया।
इस जीत के साथ उन्हें ट्रॉफी के अलावा 50 हजार डॉलर की पुरस्कार राशि भी मिली। आखिरी दौर में उन्होंने पोलैंड के Radoslaw Wojtaszek को हराकर खिताब सुनिश्चित किया।
डी गुकेश को छठे स्थान से करना पड़ा संतोष
भारत के विश्व चैंपियन D Gukesh इस टूर्नामेंट में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके और उन्हें छठे स्थान से संतोष करना पड़ा। गुकेश ने 36 संभावित अंकों में से कुल 17 अंक हासिल किए। टूर्नामेंट के प्रारूप के अनुसार खिलाड़ियों ने नौ रैपिड और 18 ब्लिट्ज मुकाबले खेले। रैपिड मुकाबले में जीत पर दो अंक और ब्लिट्ज मुकाबले में जीत पर एक अंक दिया गया। गुकेश ने रैपिड वर्ग में नौ अंक और ब्लिट्ज में आठ अंक अर्जित किए।
हालांकि शुरुआती मुकाबलों में उन्हें संघर्ष करना पड़ा, लेकिन अंतिम दिन उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण जीत दर्ज कर वापसी की कोशिश की। टूर्नामेंट के आखिरी दिन गुकेश ने तीन अहम मुकाबले जीते। उन्होंने अमेरिका के Wesley So, हैंस नीमैन और पोलैंड के Jan-Krzysztof Duda को हराया। हालांकि उन्हें चार मुकाबलों में हार का सामना भी करना पड़ा।
इनमें उज्बेकिस्तान के युवा ग्रैंडमास्टर Javokhir Sindarov के खिलाफ मिली हार खास तौर पर चर्चा में रही। सिंदारोव ने टूर्नामेंट में गुकेश के खिलाफ खेले गए तीन मुकाबलों में 2-1 की बढ़त हासिल की।

इस साल सीमित टूर्नामेंट खेल रहे हैं गुकेश
सबसे कम उम्र के विश्व चैंपियन बने डी गुकेश ने इस वर्ष Grand Chess Tour के मुख्य क्लासिकल टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया था। वह फिलहाल केवल रैपिड और ब्लिट्ज प्रारूपों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। गुकेश इस साल के अंत में प्रतिष्ठित Norway Chess टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा उनका मुकाबला विश्व चैंपियनशिप से जुड़े महत्वपूर्ण इवेंट्स में भी तय माना जा रहा है।
भारतीय शतरंज प्रेमियों की नजरें अब उनके आगामी टूर्नामेंटों पर टिकी हैं, जहां उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। टूर्नामेंट में अमेरिका के Fabiano Caruana ने 22 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। वह खिताब से केवल आधा अंक पीछे रहे। तीसरे स्थान पर वेस्ली सो रहे, जिन्होंने लगातार स्थिर प्रदर्शन किया।
स्लोवेनिया के Vladimir Fedoseev ने 18 अंक के साथ चौथा स्थान हासिल किया, जबकि फ्रांस के Alireza Firouzja पांचवें स्थान पर रहे। इस प्रतियोगिता ने एक बार फिर दिखाया कि अंतरराष्ट्रीय शतरंज में प्रतिस्पर्धा लगातार कठिन होती जा रही है और युवा खिलाड़ी तेजी से उभर रहे हैं।










