सूर्यकुमार यादव ने भारतीय टी20 टीम की कप्तानी से हटाए जाने और टीम से बाहर किए जाने के बाद पहली बार इस पूरे मामले पर खुलकर बात की है। आकाश चोपड़ा के साथ बातचीत में उन्होंने बताया कि जब उन्हें टीम में अपना नाम नहीं मिला तो उनके मन में कई सवाल उठे।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने टी20 टीम की कप्तानी से हटाए जाने और इसके बाद टीम से बाहर किए जाने के फैसले पर पहली बार खुलकर बात की है। करीब दो साल तक भारतीय टी20 टीम की अगुआई करने वाले सूर्यकुमार ने बताया कि जब उन्हें चयनकर्ताओं के फैसले की जानकारी मिली तो उनके लिए उस स्थिति को स्वीकार करना आसान नहीं था।
सूर्यकुमार ने यह भी बताया कि आगामी सीरीज के लिए टीम घोषित होने से करीब दो से तीन दिन पहले चयनकर्ताओं ने उन्हें फोन करके जानकारी दे दी थी कि वह टीम का हिस्सा नहीं होंगे। इसके बावजूद उन्होंने चयनकर्ताओं के फैसले पर सवाल उठाने के बजाय उसे स्वीकार किया और आगे बढ़ने का फैसला किया।
कप्तानी जाने पर निराश हुए थे सूर्यकुमार
सूर्यकुमार यादव ने पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के साथ बातचीत में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने माना कि कप्तानी जाने की खबर सुनकर उन्हें निराशा हुई थी। सूर्या के लिए यह बदलाव इसलिए भी मुश्किल था क्योंकि उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन किया था। एक सफल दौर के बाद अचानक नेतृत्व की जिम्मेदारी से हटना उनके लिए भावनात्मक रूप से आसान नहीं रहा।
हालांकि, उन्होंने चयनकर्ताओं के निर्णय का सम्मान किया। सूर्यकुमार का मानना है कि टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं ने जो फैसला लिया होगा, उसके पीछे भारतीय क्रिकेट टीम के हित को ध्यान में रखने की सोच रही होगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि फैसले के बाद उन्होंने कुछ समय खुद के साथ बिताया और इस बदलाव को समझने की कोशिश की।
टीम से बाहर होने की जानकारी पहले ही मिल गई थी

सूर्यकुमार ने बताया कि टीम की आधिकारिक घोषणा से पहले ही उन्हें अपने चयन को लेकर जानकारी मिल गई थी। उनके मुताबिक, चयनकर्ताओं ने टीम घोषित होने से लगभग 48 से 72 घंटे पहले उन्हें फोन किया था। फोन पर उन्हें बताया गया कि आगामी सीरीज के लिए उनका नाम टीम में शामिल नहीं है। सूर्यकुमार ने इस दौरान चयनकर्ताओं से टीम में जगह देने की कोई विशेष मांग नहीं की। उन्होंने फैसला स्वीकार किया और अपनी ऊर्जा को भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने पर लगाने का निर्णय लिया।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी पर क्या बोले सूर्या?
कप्तानी की जिम्मेदारी श्रेयस अय्यर को दिए जाने पर भी सूर्यकुमार यादव ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह श्रेयस के साथ काफी क्रिकेट खेल चुके हैं और उनकी क्षमता से अच्छी तरह परिचित हैं। सूर्यकुमार के मुताबिक, श्रेयस सिर्फ अच्छे बल्लेबाज ही नहीं बल्कि नेतृत्व करने की क्षमता भी रखते हैं। इसलिए उन्हें इस बात से कोई शिकायत नहीं थी कि कप्तानी किसी और खिलाड़ी को क्यों दी गई। उनकी असली परेशानी उस टीम से अलग होने को लेकर थी जिसके साथ उन्होंने लंबे समय तक काम किया और सफलता हासिल की थी।
सूर्यकुमार यादव की बातों से साफ है कि उनके लिए कप्तानी गंवाने से ज्यादा मुश्किल टीम से बाहर होना रहा। उन्होंने जिस टीम की लंबे समय तक अगुआई की, उसी टीम से अचानक बाहर होना उनके लिए भावनात्मक बदलाव था। क्रिकेट में चयन और नेतृत्व से जुड़े फैसले लगातार बदलते रहते हैं। सूर्यकुमार ने भी इसी वास्तविकता को स्वीकार करते हुए कहा कि खिलाड़ी को परिस्थितियों के अनुसार आगे बढ़ना पड़ता है।










