Swiggy के शेयर में 34% तक की रैली संभव! जानें ब्रोकर्स की चौंकाने वाली रिपोर्ट

Swiggy के शेयर में 34% तक की रैली संभव! जानें ब्रोकर्स की चौंकाने वाली रिपोर्ट

ब्रोकरेज फर्म नोमुरा और मोतीलाल ओसवाल ने Swiggy के शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग दी है और 30–34% तक उछाल की संभावना जताई है। दोनों का कहना है कि कंपनी का फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, खर्च पर नियंत्रण बेहतर हुआ है और मुनाफे की राह अब स्पष्ट होती दिख रही है।

Swiggy Share Price: ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी Swiggy को लेकर दो प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों नोमुरा और मोतीलाल ओसवाल ने सकारात्मक रुख दिखाया है। दोनों फर्मों ने कंपनी के शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग देते हुए 30 से 34 प्रतिशत तक बढ़त की संभावना जताई है। नोमुरा ने Swiggy का टारगेट प्राइस ₹560 और मोतीलाल ओसवाल ने ₹550 तय किया है। रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी के फूड डिलीवरी ऑर्डर और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Instamart में मजबूत ग्रोथ देखी जा रही है, जबकि खर्चों में कमी और मुनाफे की संभावनाएं बढ़ी हैं। इससे निवेशकों के लिए यह स्टॉक एक आकर्षक विकल्प बन सकता है।

ब्रोकरेज फर्मों ने जताया भरोसा

नोमुरा ने Swiggy  का लक्ष्य मूल्य 550 रुपये से बढ़ाकर 560 रुपये कर दिया है, जबकि मोतीलाल ओसवाल ने इसे 550 रुपये पर बनाए रखा है। नोमुरा के विश्लेषक अभिषेक भंडारी और करन नैण का कहना है कि अगर कंपनी अपने कारोबार को समझदारी से संभालती रही और मुनाफे की दिशा साफ रखी, तो स्विगी के शेयर आगे और बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

वहीं, मोतीलाल ओसवाल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कंपनी की ऑपरेटिंग स्थिति सुधर रही है और खर्चों पर नियंत्रण आने से उसकी वित्तीय स्थिति मजबूत हो रही है।

फूड डिलीवरी से बढ़ी कंपनी की रफ्तार

सितंबर तिमाही (Q2 FY26) में स्विगी का फूड डिलीवरी कारोबार तेजी से बढ़ा है। कंपनी की कुल ऑर्डर वैल्यू (GOV) पिछले तीन महीनों में 6 प्रतिशत और पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 19 प्रतिशत बढ़ी है। यह वृद्धि जोमैटो की 18 प्रतिशत ग्रोथ से भी ज्यादा रही।

स्विगी के मासिक सक्रिय ग्राहक (MTU) 5.7 प्रतिशत बढ़कर 1.72 करोड़ हो गए हैं। यानी अब हर महीने और ज्यादा लोग ऐप से ऑर्डर कर रहे हैं। हर ऑर्डर पर कंपनी की कमाई (टेक रेट) भी बढ़कर 25.8 प्रतिशत हो गई है। वहीं, कंपनी का योगदान मार्जिन (कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन) 7.3 प्रतिशत पर स्थिर रहा है।

हालांकि कंपनी को बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते सदस्यता शुल्क और न्यूनतम ऑर्डर वैल्यू घटानी पड़ी, लेकिन उसने अपने EBITDA मार्जिन को बढ़ाकर 2.8 प्रतिशत कर लिया है। यानी खर्चों पर नियंत्रण के बावजूद कंपनी की कमाई में सुधार हुआ है।

क्विक कॉमर्स में तेज़ी से बढ़ रहा Instamart

स्विगी अपने क्विक कॉमर्स बिजनेस “Instamart” को तेजी से विस्तार देने पर काम कर रही है। कंपनी इस सेगमेंट को मजबूत करने के लिए लगभग 10,000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी कर रही है। नोमुरा के मुताबिक, यह फैसला सही समय पर लिया गया है क्योंकि इस क्षेत्र में जेप्टो और ब्लिंकिट जैसी कंपनियों की प्रतिस्पर्धा बढ़ती जा रही है।

मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट में कहा गया है कि Instamart का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है। सितंबर तिमाही में Instamart की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू 70,200 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल की तुलना में 107 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्शाती है।

कंपनी का कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन -4.6 प्रतिशत से सुधरकर -2.6 प्रतिशत पर आ गया है। वहीं, EBITDA मार्जिन -15.8 प्रतिशत से घटकर -12.1 प्रतिशत पर पहुंच गया है। इसका मतलब है कि Instamart धीरे-धीरे घाटे से बाहर निकल रहा है और आने वाले समय में कंपनी के लिए मुनाफे का अहम जरिया बन सकता है।

कंपनी के नतीजे सुधरने लगे हैं

सितंबर तिमाही में स्विगी की कुल आय 5,560 करोड़ रुपये रही, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 12.1 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि कंपनी को अभी भी 1,100 करोड़ रुपये का घाटा हुआ, लेकिन यह नुकसान अब पहले की तुलना में काफी कम है।

ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के अनुसार, फूड डिलीवरी में लगातार बढ़ोतरी, Instamart के बेहतर प्रदर्शन और खर्चों में कटौती से स्विगी की यूनिट इकॉनॉमिक्स में सुधार हो रहा है।

निवेशकों की नजर स्विगी पर

नोमुरा और मोतीलाल ओसवाल दोनों का मानना है कि स्विगी की ग्रोथ स्टोरी अभी खत्म नहीं हुई है। कंपनी का बिजनेस मॉडल मजबूत है, ग्राहक आधार बढ़ रहा है और क्विक कॉमर्स का विस्तार इसे नई ऊंचाई तक ले जा सकता है।

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