ICC Men's T20 World Cup 2026 की जीत के जश्न के बीच भारतीय ऑलराउंडर Hardik Pandya कानूनी मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि Pune के एक वकील ने हार्दिक पंड्या पर जश्न के दौरान National Flag of India के कथित अपमान का आरोप लगाया है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: Hardik Pandya टी20 वर्ल्ड कप 2026 की जीत के बाद एक नए विवाद में घिर गए हैं। भारतीय ऑलराउंडर पर राष्ट्रीय ध्वज के कथित अपमान का आरोप लगाया गया है, जिसके संबंध में Pune में एक वकील ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है।
यह मामला उस समय सामने आया जब सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो और तस्वीरों को लेकर आपत्ति जताई गई, जिनमें पंड्या जीत के जश्न के दौरान भारतीय तिरंगे के साथ दिखाई दे रहे हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जश्न के दौरान राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग का तरीका नियमों के अनुरूप नहीं था।
शिकायत में क्या लगाए गए आरोप
शिकायत Pune के शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई। शिकायतकर्ता वकील वाजिद खान ने आरोप लगाया कि ICC Men's T20 World Cup 2026 के फाइनल में जीत के बाद हुए जश्न के दौरान हार्दिक पंड्या ने तिरंगे को अपने शरीर पर लपेट रखा था और कुछ तस्वीरों में वह अपनी मित्र के साथ मैदान पर लेटे हुए दिखाई दे रहे थे।
शिकायत के अनुसार, यह आचरण Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 के प्रावधानों का उल्लंघन हो सकता है। इस कानून के तहत राष्ट्रीय ध्वज, संविधान या राष्ट्रगान के अपमान को दंडनीय अपराध माना जाता है। वकील का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज का उपयोग सम्मानजनक तरीके से किया जाना चाहिए और किसी भी प्रकार से उसे पहनना, जमीन पर रखना या अनुचित मुद्रा में उपयोग करना कानून के विरुद्ध हो सकता है।

वायरल वीडियो से शुरू हुआ विवाद
यह विवाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों के बाद शुरू हुआ। इन क्लिप्स में भारतीय टीम के खिलाड़ी जीत का जश्न मनाते दिखाई दे रहे हैं। एक वीडियो में हार्दिक पंड्या ट्रॉफी के साथ पोज देते और टीम के साथ खुशी मनाते नजर आते हैं। कुछ तस्वीरों में वह अपनी कथित मित्र Mahika Sharma के साथ मैदान पर बैठे या लेटे हुए दिखाई देते हैं, जबकि उनके शरीर पर तिरंगा लिपटा हुआ नजर आता है। इन्हीं तस्वीरों को आधार बनाकर शिकायत दर्ज कराई गई है।
हालांकि सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यह केवल जीत के उत्साह का हिस्सा था, जबकि कुछ ने इसे राष्ट्रीय ध्वज के अनुचित उपयोग के रूप में देखा।
पुलिस की प्रारंभिक प्रतिक्रिया
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत प्राप्त हो चुकी है और मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर पुलिस ने यह भी कहा कि घटना जिस स्थान पर हुई, वह उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर हो सकती है, लेकिन शिकायतकर्ता ने तर्क दिया कि राष्ट्रीय ध्वज पूरे देश का प्रतीक है, इसलिए शिकायत कहीं भी दर्ज की जा सकती है।
पुलिस ने शिकायत स्वीकार कर ली है और अब यह जांच की जाएगी कि वायरल वीडियो और तस्वीरों में दिख रहा व्यवहार कानून के तहत अपमान की श्रेणी में आता है या नहीं। जांच के बाद ही यह तय होगा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज की जाएगी या नहीं। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े मामलों में अदालतें आमतौर पर यह देखती हैं कि क्या किसी व्यक्ति का उद्देश्य वास्तव में अपमान करना था या घटना अनजाने में हुई। कई मामलों में केवल तस्वीर या वीडियो के आधार पर तुरंत अपराध साबित करना आसान नहीं होता।
विशेषज्ञों के अनुसार, खेल प्रतियोगिताओं में खिलाड़ी अक्सर तिरंगे को ओढ़कर जश्न मनाते हैं, जिसे सामान्यतः देशभक्ति के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। हालांकि ध्वज संहिता के नियमों का पालन करना आवश्यक होता है।











