टीवी से फिल्मों और OTT की दुनिया में कदम रख रही कृतिका कामरा, शौक पर भी की खुलकर बातचीत

टीवी से फिल्मों और OTT की दुनिया में कदम रख रही कृतिका कामरा, शौक पर भी की खुलकर बातचीत

लोकप्रिय टीवी एक्ट्रेस कृतिका कामरा अब छोटे पर्दे से ज्यादा फिल्मों और OTT प्लेटफॉर्म पर अपना करियर आगे बढ़ा रही हैं। हाल ही उनकी फिल्म ‘द ग्रेट शमसुद्दीन फैमिली’ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई है। 

Exclusive: पॉपुलर एक्ट्रेस कृतिका कामरा ने छोटे पर्दे पर ‘कितनी मोहब्बत है’ और ‘कुछ तो लोग कहेंगे’ जैसे शोज़ से खास पहचान बनाई, जबकि अनुभव सिन्हा की फिल्म ‘भीड़’ में विधि के किरदार और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर ‘तांडव’ जैसी वेब सीरीज़ में उनके अभिनय की खूब सराहना हुई। बरेली में जन्मी कृतिका उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल हैं, जिन्होंने टीवी, फिल्मों और डिजिटल स्ट्रीमिंग—तीनों माध्यमों पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। 

इन दिनों वह ओटीटी पर रिलीज़ अपनी नई फिल्म ‘द ग्रेट शमसुद्दीन फैमिली’ को लेकर चर्चा में हैं, और मीडिया से खास बातचीत में उन्होंने अपने करियर, निजी जिंदगी के साथ-साथ घूमने-फिरने के शौक पर भी खुलकर बात की है।

टीवी से OTT और फिल्मों तक का सफर

कृतिका ने छोटे पर्दे पर ‘कितनी मोहब्बत है’ और ‘कुछ तो लोग कहेंगे’ जैसी लोकप्रिय धारावाहिकों से खूब नाम कमाया। इसके अलावा अनुभव सिन्हा की फिल्म ‘भीड़’ में उनका किरदार विधि दर्शकों और आलोचकों दोनों को पसंद आया। OTT प्लेटफॉर्म पर ‘तांडव’ जैसी वेब सीरीज में भी उनके काम की खूब सराहना हुई।

कृतिका बताती हैं, टीवी ने मेरे करियर में बहुत कुछ सिखाया। लेकिन जब मैंने महसूस किया कि खुद को एक चैलेंज देना जरूरी है और नया अनुभव चाहिए, तभी मैंने फिल्मों और वेब शोज के लिए ऑडिशन देना शुरू किया। उन्होंने साफ कहा कि एक्टर के लिए प्लेटफॉर्म मायने नहीं रखता, बल्कि प्रदर्शन और काम की गुणवत्ता अहम होती है।

ट्रैवल और खाना – खुशी का जरिया

कृतिका कामरा सोशल मीडिया पर अक्सर अपने खाने और यात्रा के अनुभव साझा करती हैं। उनका मानना है कि खाना उनके मूड को बदलने में अहम रोल अदा करता है। वह कहती हैं, खाना मेरी जिंदगी में बहुत महत्वपूर्ण है। अगर मेरा मूड खराब होता है तो कुछ खाकर वो ठीक हो जाता है। हमारे खानदान में खाने का बहुत बड़ा रोल है।

इसके साथ ही वह ट्रैवल की शौकीन भी हैं। कृतिका बताती हैं, "ट्रैवल करते वक्त मेरे अंदर अलग जोश आता है। मैं पहले से तय करती हूं कि किस जगह पर कौन सा खास खाना चखना है। कभी-कभी प्लान फेल हो जाता है, लेकिन बाद में जाकर मैंने वहां का स्वाद लिया।

‘द ग्रेट शमसुद्दीन फैमिली’ में परिवार की भूमिका

कृतिका की हालिया फिल्म ‘द ग्रेट शमसुद्दीन फैमिली’ में उनका किरदार बानी दर्शकों के लिए relatable है। वह बताती हैं, हर भारतीय परिवार ग्रेट होता है। हमारे यहां परिवार को बहुत ऊंचा दर्जा दिया जाता है। फिल्म में भी यही दिखाया गया है कि कैसे परिवार का समर्थन अकेले काम करने वाली लड़कियों को ताकत देता है।

फिल्म के दौरान उनके किरदार की डेडलाइन के बावजूद, परिवार हमेशा साथ खड़ा रहता है। यह अनुभव कई सिंगल और कामकाजी लड़कियों के लिए प्रेरणादायक है। कृतिका ने बताया कि जब किसी काम की डेडलाइन पास होती है, तो छोटी-छोटी परेशानियां अक्सर सामने आती हैं। अगर मुझे जल्दी कहीं पहुंचना है और मैं लेट हो जाऊं, तो लिफ्ट नहीं आती, ट्रैफिक रेड लाइट्स मिलती हैं या गाड़ी का टायर पंचर हो जाता है। ऐसा लगता है कि पूरी कायनात उस काम को रोकने के लिए बाधाएं खड़ी कर रही है।

 

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