टिहरी झील बनेगी Global Tourism Hub, 8,000 हेक्टेयर में Master प्लान,Adventure Sports पर रहेगा फोकस

टिहरी झील को Global Tourism Hub बनाने के लिए 8,000 हेक्टेयर में Master Plan बनेगा। Adventure Sports, ट्रैकिंग और गांवों को पर्यटन से जोड़ने पर फोकस रहेगा।

उत्तराखंड सरकार टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए 8,000 हेक्टेयर क्षेत्र का मास्टर प्लान बनाएगी। योजना में Adventure Sports, ट्रैकिंग रूट, गांवों को पर्यटन से जोड़ने और सालभर गतिविधियों पर जोर रहेगा।

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए करीब 8,000 हेक्टेयर क्षेत्र का समग्र मास्टर प्लान और जोनल प्लान तैयार करने का निर्णय लिया है। योजना में सरकारी और निजी भूमि को शामिल किया जाएगा। पर्यटन विकास के साथ पर्यावरणीय संवेदनशीलता, स्थानीय जरूरतों और Adventure Sports को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजना तैयार की जाएगी।

8,000 हेक्टेयर क्षेत्र में तैयार होगा Master Plan

टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने व्यापक योजना तैयार करने का फैसला किया है। इसके तहत करीब 8,000 हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल करते हुए समग्र मास्टर प्लान और जोनल प्लान तैयार किया जाएगा।

इस योजना में सरकारी भूमि के साथ निजी भूमि को भी शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य टिहरी झील और आसपास के क्षेत्रों में होने वाले बेतरतीब निर्माण पर नियंत्रण रखना और पर्यटन विकास को एक सुनियोजित एवं दीर्घकालिक स्वरूप देना है।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में पर्यटन विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने टिहरी झील को ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ की अवधारणा के अनुरूप विकसित करने के लिए पूरे क्षेत्र की दीर्घकालिक योजना तैयार करने को कहा।

Adventure Sports और नए ट्रैकिंग रूट पर जोर

मास्टर प्लान में टिहरी झील की भौगोलिक परिस्थितियों और पर्यटन संभावनाओं के साथ-साथ पर्यावरणीय संवेदनशीलता और स्थानीय जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाएगा।

झील क्षेत्र में Adventure Sports और अन्य पर्यटन गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा नए ट्रैकिंग रूट और ट्रेल विकसित करने की योजना भी बनाई जाएगी।

सरकार का फोकस आसपास के गांवों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने पर भी रहेगा। इससे स्थानीय क्षेत्रों को पर्यटन आधारित गतिविधियों से जोड़ने और स्थानीय स्तर पर अवसर बढ़ाने की योजना है।

मास्टर प्लान तैयार करते समय स्थानीय लोगों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव लेने के निर्देश भी दिए गए हैं। तकनीकी सहयोग के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA), नई दिल्ली और भोपाल से सहयोग लेने की संभावनाएं तलाशने को कहा गया है।

कम जलस्तर में भी जारी रहेंगी पर्यटन गतिविधियां

टिहरी झील में अप्रैल से जून के बीच जलस्तर कम रहने की स्थिति को देखते हुए भी पर्यटन गतिविधियां जारी रखने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

इसके लिए मौसम और झील के जलस्तर के अनुसार वर्षभर का Activity Calendar तैयार करने की योजना है। इसका उद्देश्य पर्यटन गतिविधियों को केवल एक सीमित मौसम तक रखने के बजाय पूरे साल संचालित करने के विकल्प विकसित करना है।

ट्रैकिंग, ट्रेल और अन्य गतिविधियों को मौसम तथा क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुरूप निर्धारित किया जाएगा। इसके साथ ही आसपास के गांवों को पर्यटन सर्किट से जोड़ने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री के सामने प्रस्तुत होगी कार्ययोजना

मुख्य सचिव ने टिहरी झील को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रस्तावित गतिविधियों की विस्तृत कार्ययोजना और प्रस्तुतिकरण तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

प्रस्तावित प्रेजेंटेशन इस तरह तैयार किया जाएगा कि इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके। इसके जरिए टिहरी झील के समग्र विकास, पर्यटन गतिविधियों और क्षेत्रीय संभावनाओं की जानकारी सामने रखी जाएगी।

मुख्य सचिव ने अगली समीक्षा बैठक में टीएचडीसी के अधिकारियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए हैं। इससे झील क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों और पर्यटन योजना के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर चर्चा की जाएगी।

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