तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर रीजनल रिंग रोड, हैदराबाद-अमरावती ग्रीनफील्ड हाईवे, नए एयरपोर्ट और अन्य सड़क परियोजनाओं को शीघ्र मंजूरी देने का अनुरोध किया, ताकि राज्य के बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास को गति मिल सके।
हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने राज्य के सड़क, परिवहन और विमानन बुनियादी ढांचे को तेज़ी से विकसित करने के उद्देश्य से नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को शीघ्र मंजूरी देने और निर्माण कार्य शुरू कराने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से रीजनल रिंग रोड (Regional Ring Road - RRR), हैदराबाद-अमरावती ग्रीनफील्ड हाईवे, मन्नानूर-श्रीशैलम एलिवेटेड कॉरिडोर, मंचेरियल-हैदराबाद वैकल्पिक राजमार्ग और वारंगल व आदिलाबाद हवाई अड्डों के विकास को लेकर केंद्र से सहयोग मांगा।
रीजनल रिंग रोड के उत्तरी हिस्से को जल्द मंजूरी देने की मांग
बैठक में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से अनुरोध किया कि रीजनल रिंग रोड (RRR) के उत्तरी हिस्से के निर्माण के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल से जल्द मंजूरी दिलाई जाए। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए करीब 95 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण पहले ही पूरा किया जा चुका है। ऐसे में यदि समय पर मंजूरी मिल जाती है तो निर्माण कार्य बिना देरी शुरू किया जा सकता है। मुख्यमंत्री का कहना था कि यह परियोजना राज्य की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देगी।
दोनों हिस्सों पर एक साथ काम शुरू करने का सुझाव
रेवंत रेड्डी ने यह भी आग्रह किया कि रीजनल रिंग रोड के उत्तरी और दक्षिणी दोनों हिस्सों को एक साथ मंजूरी देकर निर्माण शुरू किया जाए। उनके अनुसार यदि दोनों सेक्शन पर समानांतर रूप से काम होगा तो परियोजना कम समय में पूरी होगी और निर्माण लागत में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि इससे हैदराबाद और आसपास के क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम होगा तथा औद्योगिक और लॉजिस्टिक गतिविधियों को बड़ा लाभ मिलेगा।
हैदराबाद-अमरावती ग्रीनफील्ड हाईवे को भी मंजूरी देने की अपील
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से हैदराबाद और आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती को जोड़ने वाले प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हाईवे को शीघ्र मंजूरी देने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि यह परियोजना आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के तहत प्रस्तावित है और दोनों राज्यों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। रेड्डी ने कहा कि इस सड़क के बनने से दोनों राज्यों के बीच आर्थिक सहयोग और व्यापार को नई मजबूती मिलेगी।
12 लेन हाईवे से 100 किलोमीटर कम होगी दूरी
मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव रखा कि भारत फ्यूचर सिटी से अमरावती होते हुए बंदर (मछलीपट्टनम) बंदरगाह तक 12 लेन हाईवे विकसित किया जाए। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के पूरा होने से हैदराबाद और विजयवाड़ा के बीच लगभग 100 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी। इससे माल परिवहन तेज होगा, लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और बंदरगाह तक औद्योगिक सामान की आवाजाही अधिक कुशल बन सकेगी।

मन्नानूर-श्रीशैलम एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए वन मंजूरी की मांग
रेवंत रेड्डी ने नितिन गडकरी से मन्नानूर-श्रीशैलम एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए वन विभाग की मंजूरी जल्द दिलाने का भी अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि यह मार्ग नल्लमाला वन्यजीव अभयारण्य, श्रीशैलम मंदिर और श्रीशैलम जलाशय क्षेत्र से होकर गुजरता है। इसलिए पर्यावरणीय मंजूरी इस परियोजना के लिए महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कॉरिडोर धार्मिक पर्यटन, सड़क सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।
मंचेरियल-हैदराबाद के बीच नया छह लेन हाईवे प्रस्तावित
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मंचेरियल से हैदराबाद तक एक नए छह लेन वैकल्पिक राजमार्ग के निर्माण का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि यह सड़क मौजूदा राजीव हाईवे का विकल्प बनेगी और बढ़ते ट्रैफिक का दबाव कम करेगी। रेड्डी ने भरोसा दिलाया कि इस परियोजना के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की जिम्मेदारी राज्य सरकार स्वयं उठाएगी।
उनके अनुसार इस सड़क से कृषि, उद्योग और व्यापार को नए अवसर मिलेंगे।
वारंगल और आदिलाबाद एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने की मांग दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से भी मुलाकात की। उन्होंने अनुरोध किया कि वारंगल (ममनूर) और आदिलाबाद में बनने वाले नए हवाई अड्डों का निर्माण अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दोनों शहरों में भविष्य में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार की बड़ी संभावनाएं हैं।
वारंगल को उत्तर तेलंगाना का एविएशन हब बनाने की योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि वारंगल पहले से ही सड़क और रेल नेटवर्क से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यहां काकतीय मेगा टेक्सटाइल पार्क, काजीपेट कोच फैक्ट्री और अन्य औद्योगिक परियोजनाएं संचालित हो रही हैं। भविष्य में और भी उद्योग स्थापित किए जाने की योजना है। रेड्डी ने सुझाव दिया कि वारंगल एयरपोर्ट पर मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (MRO), एयर कार्गो टर्मिनल और हैंगर सुविधाएं भी विकसित की जाएं। उनका मानना है कि इससे उत्तर तेलंगाना के कई जिलों को सीधा लाभ मिलेगा।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री के अनुसार इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने से तेलंगाना में सड़क, हवाई और लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी मजबूत होगी। बेहतर परिवहन नेटवर्क से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, निवेश आकर्षित होगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की आर्थिक वृद्धि को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से इन परियोजनाओं पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।









