तेलंगाना में धान खरीद संकट पर BRS का सरकार पर हमला, किसानों की परेशानी दूर करने की मांग तेज

तेलंगाना में धान और मक्का की खरीद में देरी से किसानों को परेशानी हो रही है। BRS ने तुरंत स्टॉक उठाने की मांग की और सरकार पर प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाया।

Telangana में धान और मक्का खरीद केंद्रों पर फसल अटकी हुई है। BRS नेताओं ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तुरंत स्टॉक उठाने की मांग की। किसानों को भारी नुकसान और कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

हनुमाकोंडा: तेलंगाना में धान और मक्का की खरीद व्यवस्था को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने राज्य सरकार से मांग की है कि खरीद केंद्रों पर जमा पड़े अनाज के स्टॉक को तुरंत उठाया जाए, ताकि किसानों को भारी आर्थिक और मानसिक संकट से राहत मिल सके। पार्टी नेताओं का कहना है कि खरीद प्रक्रिया में देरी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण राज्य भर के किसानों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जांगांव विधायक डॉ. पल्ला राजेश्वर रेड्डी ने आरोप लगाया कि खरीद केंद्रों पर धान और मक्का के बोरों का भारी जमावड़ा हो गया है, लेकिन सरकार की ओर से समय पर उठाव (लिफ्टिंग) नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति किसानों के हितों के खिलाफ है और तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है।

हनुमाकोंडा में BRS नेताओं की रणनीतिक बैठक

यह मुद्दा उस समय और अधिक प्रमुख हो गया जब हनुमाकोंडा के बालसमुद्रम स्थित डॉ. पल्ला राजेश्वर रेड्डी के आवास पर संयुक्त वारंगल जिले के BRS नेताओं की एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री शामिल हुए।

इस बैठक में पूर्व मंत्री एर्राबेली दयाकर राव, पूर्व विधायक दास्यम विनय भास्कर, नन्नेपुनेनी नरेंद्र, आरूरी रमेश, पेड्डी सुदर्शन रेड्डी, तटीकोंडा राजाैया सहित कई विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारी और वरिष्ठ कार्यकर्ता मौजूद रहे।

बैठक में मुख्य रूप से धान और मक्का खरीद केंद्रों की खराब स्थिति, किसानों को हो रही समस्याएं, राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और आने वाले पार्टी कार्यक्रमों पर चर्चा की गई।

खरीद केंद्रों पर अव्यवस्था और स्टॉक का जमावड़ा

बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. पल्ला राजेश्वर रेड्डी ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पूरे तेलंगाना में खरीद केंद्रों पर धान की बोरियों का अंबार लगा हुआ है, लेकिन सरकार की ओर से पर्याप्त मात्रा में उठाव नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि जहां से अनाज पहले ही उठाया जा चुका है, वहां भी उसे सही ढंग से गोदामों तक नहीं पहुंचाया गया है, जिससे कई स्थानों पर स्टॉक अटका हुआ है।

उनके अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में गंभीर प्रशासनिक विफलता सामने आ रही है, जिसके कारण किसानों की फसलें समय पर बाजार तक नहीं पहुंच पा रही हैं।

गननी बैग की कमी और परिवहन संकट से बढ़ी समस्या

BRS नेताओं ने बताया कि खरीद व्यवस्था में कई स्तरों पर समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। इनमें सबसे प्रमुख समस्या गननी बैग (jute bags) की कमी है, जिसके कारण धान को पैक करने और परिवहन करने में देरी हो रही है।

इसके अलावा, परिवहन व्यवस्था की खराब स्थिति, मजदूरों की कमी और अनलोडिंग में देरी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। कई खरीद केंद्रों पर अनाज लंबे समय से पड़ा हुआ है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

नेताओं का कहना है कि केवल वारंगल ही नहीं, बल्कि पूरे तेलंगाना में स्थित IKP (इंदिरा क्रांति पथम) केंद्रों पर भी इसी तरह की समस्याएं देखी जा रही हैं।

सरकार पर खरीद लक्ष्य पूरा न करने का आरोप

बैठक में सरकार की खरीद नीति पर भी सवाल उठाए गए। डॉ. पल्ला राजेश्वर रेड्डी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने एक करोड़ मीट्रिक टन अनाज खरीदने का लक्ष्य घोषित किया था, लेकिन अब तक इसका 25 प्रतिशत से भी कम ही पूरा हो पाया है।

उनका कहना है कि यह स्थिति दर्शाती है कि सरकार की तैयारी और कार्यान्वयन दोनों ही कमजोर हैं। किसानों के हितों की अनदेखी के कारण ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

किसानों पर बढ़ता तनाव और स्वास्थ्य संकट की चिंता

BRS नेताओं ने चिंता जताई कि धान बिक्री में देरी के कारण किसानों पर अत्यधिक तनाव बढ़ गया है। कई किसान अपनी फसल समय पर नहीं बेच पाने के कारण आर्थिक संकट में फंस गए हैं।

डॉ. रेड्डी ने यह भी दावा किया कि कुछ मामलों में किसानों की मौतें हीट स्ट्रोक और दिल का दौरा पड़ने के कारण हुई हैं, जो इस संकट की गंभीरता को दर्शाता है।

हालांकि, इन दावों पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक स्तर पर इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है।

BRS का सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग

BRS नेताओं ने राज्य सरकार से मांग की है कि खरीद प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और खरीद केंद्रों से धान व मक्का के स्टॉक को तुरंत हटाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया तो किसानों का संकट और गहरा सकता है।

पार्टी ने यह भी कहा कि प्रशासन को जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ानी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसानों को उनकी उपज का सही और समय पर भुगतान मिले।

जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने की अपील

बैठक के दौरान राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा की गई। डॉ. पल्ला राजेश्वर रेड्डी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे जमीनी स्तर पर सदस्यता अभियान को मजबूत करें और अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ें।

उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में पार्टी की भूमिका को मजबूत करने के लिए संगठनात्मक ढांचे को और सक्रिय करना जरूरी है।

मतदाता सूची और SIR प्रक्रिया पर भी चर्चा

बैठक में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर भी चिंता जताई गई। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे यह सुनिश्चित करें कि पात्र मतदाता किसी भी स्थिति में अपने मतदान अधिकार से वंचित न रहें।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हर वोट महत्वपूर्ण है और इसके लिए जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।

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