Tempsens Instruments IPO: 110% प्रीमियम पर धमाकेदार लिस्टिंग, फिर शेयर में आई 7% की गिरावट

Tempsens Instruments IPO ने शेयर बाजार में 110% से ज्यादा प्रीमियम पर शानदार शुरुआत की। NSE पर ₹634 की लिस्टिंग के बाद शेयर में करीब 7% की गिरावट आई। जानें

मेनबोर्ड कैटेगरी में Tempsens Instruments के शेयरों ने शुक्रवार को शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री की। ₹300 के इश्यू प्राइस के मुकाबले शेयर BSE पर ₹631.20 और NSE पर ₹634 पर लिस्ट हुआ, यानी निवेशकों को लिस्टिंग के साथ ही करीब 110-111% का बंपर मुनाफा मिला।

Tempsens Instruments IPO Listing: थर्मल इंजीनियरिंग और इंस्ट्रूमेंटेशन सेक्टर की कंपनी Tempsens Instruments के शेयरों ने स्टॉक मार्केट में शानदार शुरुआत की। कंपनी के आईपीओ में शेयर पाने वाले निवेशकों को लिस्टिंग के साथ ही 100 फीसदी से अधिक का रिटर्न मिला। हालांकि, शुरुआती तेजी के बाद बाजार में मुनाफावसूली हावी हो गई और कारोबारी सत्र के अंत तक शेयर में करीब 7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

कंपनी का आईपीओ 300 रुपये प्रति शेयर के इश्यू प्राइस पर आया था। शुक्रवार को इसकी लिस्टिंग बीएसई पर 631.20 रुपये पर हुई, जो इश्यू प्राइस से करीब 110 फीसदी अधिक है। वहीं, एनएसई पर भी शेयर ने लगभग 111 फीसदी प्रीमियम के साथ कारोबार की शुरुआत की। इस तरह आईपीओ निवेशकों के लिए कंपनी के शेयरों की बाजार में एंट्री बेहद मजबूत रही।

लिस्टिंग के बाद बढ़ी तेजी, फिर मुनाफावसूली

बाजार में शुरुआत के बाद Tempsens Instruments के शेयरों में तेजी कुछ समय तक जारी रही। बीएसई पर शेयर शुरुआती लिस्टिंग स्तर से ऊपर भी गया। लेकिन ऊंचे भाव पर निवेशकों ने मुनाफा वसूलना शुरू कर दिया, जिसके बाद शेयर का रुख बदल गया। कारोबारी सत्र के अंत में शेयर 7.03 फीसदी गिरकर 586.80 रुपये पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में एक समय यह 551.20 रुपये तक भी फिसल गया था। यानी लिस्टिंग भाव की तुलना में निचले स्तर पर शेयर में करीब 12.67 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।

हालांकि, गिरावट के बावजूद शेयर अपने 300 रुपये के आईपीओ इश्यू प्राइस से अभी भी करीब 96 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा था। इससे साफ है कि लिस्टिंग के दिन भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद शुरुआती निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिला।

650 करोड़ रुपये का आईपीओ रहा बेहद लोकप्रिय

Tempsens Instruments का आईपीओ निवेशकों के बीच काफी चर्चित रहा। कंपनी ने इस इश्यू के जरिए कुल 650 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई थी। तीन दिन तक चले सब्सक्रिप्शन के दौरान आईपीओ को लगभग 184 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इश्यू में करीब 95 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू शामिल था, जबकि लगभग 555 करोड़ रुपये का हिस्सा ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए पेश किया गया था। इतनी मजबूत मांग ने लिस्टिंग से पहले ही निवेशकों के बीच कंपनी को लेकर सकारात्मक धारणा को मजबूत किया था।

क्या कारोबार करती है Tempsens Instruments?

Tempsens Instruments थर्मल इंजीनियरिंग और तापमान मापने से जुड़े उत्पादों के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी विभिन्न औद्योगिक जरूरतों के लिए तापमान सेंसर और अन्य विशेष उत्पाद तैयार करती है। इसके प्रमुख उत्पादों में तापमान सेंसर, नॉन-कॉन्टैक्ट तापमान सेंसर, इलेक्ट्रिकल हीटिंग सॉल्यूशंस और स्पेशलाइज्ड केबल्स शामिल हैं। इन उत्पादों का इस्तेमाल अलग-अलग औद्योगिक और इंजीनियरिंग अनुप्रयोगों में किया जाता है।

लिस्टिंग के बाद शेयर में आई तेज गिरावट के बावजूद कंपनी के शेयर अभी भी आईपीओ प्राइस से काफी ऊपर हैं। ऐसे में निवेशकों के लिए आगे की रणनीति उनके निवेश उद्देश्य और जोखिम क्षमता पर निर्भर करेगी। ब्रोकरेज फर्म SBI Securities के मुताबिक, जिन निवेशकों को आईपीओ में शेयर आवंटित हुए हैं, वे अपने जोखिम प्रोफाइल और निवेश अवधि को ध्यान में रखते हुए लंबी अवधि के लिए होल्ड करने पर विचार कर सकते हैं। वहीं, जिन निवेशकों का उद्देश्य केवल लिस्टिंग गेन हासिल करना था, वे मौजूदा तेजी में आंशिक या पूर्ण मुनाफावसूली पर विचार कर सकते हैं।

नए निवेशकों के लिए मौजूदा ऊंचे स्तर पर शेयर खरीदने की जल्दबाजी करने के बजाय 'Buy on Dips' यानी कीमत में गिरावट आने पर चरणबद्ध तरीके से खरीदारी की रणनीति अपनाने की सलाह दी गई है। हालांकि, किसी भी रणनीति पर अमल करने से पहले कंपनी के वैल्यूएशन, वित्तीय प्रदर्शन और बाजार की मौजूदा परिस्थितियों का आकलन जरूरी है।

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