BCCI ने टेस्ट क्रिकेट को मजबूत करने के लिए नई योजना बनाई है। वीवीएस लक्ष्मण की निगरानी में युवा खिलाड़ियों को तैयार किया जाएगा। अंडर-19 और अंडर-25 स्तर पर फोकस बढ़ेगा, जिससे भविष्य में टीम इंडिया का प्रदर्शन सुधर सके।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय क्रिकेट में टेस्ट फॉर्मेट को मजबूत करने के लिए Board of Control for Cricket in India ने बड़ा प्लान तैयार किया है। हाल के समय में टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया के प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिली है, जिसके बाद बोर्ड अब रेड बॉल क्रिकेट पर खास ध्यान देने जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य भविष्य के लिए मजबूत टेस्ट खिलाड़ी तैयार करना है, ताकि भारत फिर से इस फॉर्मेट में अपनी पकड़ मजबूत कर सके।
वीवीएस लक्ष्मण को मिली बड़ी जिम्मेदारी
इस पूरे प्लान में VVS Laxman की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है। वह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के डायरेक्टर के तौर पर युवा खिलाड़ियों को तैयार करने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
उनकी निगरानी में खिलाड़ियों को टेस्ट क्रिकेट के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी और रेड बॉल फॉर्मेट की बारीकियों पर काम किया जाएगा। बीसीसीआई का मानना है कि लक्ष्मण के अनुभव और समझ से नई पीढ़ी के खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
अंडर-19 और अंडर-25 पर रहेगा फोकस
इस योजना के तहत बीसीसीआई अंडर-19 और अंडर-25 स्तर पर ज्यादा ध्यान देने जा रहा है। युवा खिलाड़ियों को शुरुआती दौर से ही टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयार किया जाएगा, ताकि वे लंबे फॉर्मेट के दबाव और तकनीक को अच्छी तरह समझ सकें।
रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत की अंडर-19 और अंडर-25 टीम टेस्ट सीरीज खेलने के लिए Sri Lanka का दौरा कर सकती है। इस दौरे का मकसद युवा खिलाड़ियों को इंटरनेशनल कंडीशन में खेलने का अनुभव देना है।
युवा खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा मंच
हाल ही में अंडर-19 टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्ल्ड कप जीता है, जिससे युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। इस टेस्ट सीरीज में वैभव सूर्यवंशी जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी नजर आ सकते हैं, जो अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींच चुके हैं।

इस तरह के दौरे और सीरीज से खिलाड़ियों को लंबे फॉर्मेट में खेलने का मौका मिलेगा, जो उनके करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
इंट्रा-COE टूर्नामेंट का आयोजन
बीसीसीआई का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इस साल जून और जुलाई में एक बड़ा इंट्रा-COE टूर्नामेंट आयोजित करेगा। यह टूर्नामेंट आईपीएल 2026 के खत्म होने के बाद आयोजित किया जाएगा, जिसमें सिर्फ रेड बॉल क्रिकेट खेली जाएगी।
इस टूर्नामेंट में चार दिन के मैच खेले जाएंगे, जो पूरी तरह टेस्ट क्रिकेट के फॉर्मेट पर आधारित होंगे। इसका मकसद ऐसे खिलाड़ियों को तैयार करना है, जो भविष्य में टीम इंडिया के लिए टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर सकें।
64 युवा खिलाड़ियों को मिलेगा मौका
इस इंट्रा-COE टूर्नामेंट में करीब 64 युवा खिलाड़ियों को शामिल किया जाएगा, जिनकी उम्र 25 साल से कम होगी। इन खिलाड़ियों का चयन उनकी प्रतिभा और प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।
वीवीएस लक्ष्मण और उनकी टीम इन खिलाड़ियों पर नजर रखेगी और उनमें से बेहतरीन प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का काम करेगी। इसके साथ ही राष्ट्रीय चयनकर्ताओं और कोचों को भी इस दिशा में काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया का हाल
यह पूरा प्लान ऐसे समय में सामने आया है, जब भारतीय टेस्ट टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। पिछले 5 टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया सिर्फ एक बार ही जीत दर्ज कर पाई है।
इसके अलावा World Test Championship की पॉइंट्स टेबल में भी भारत की स्थिति मजबूत नहीं है और टीम फिलहाल छठे स्थान पर बनी हुई है। ऐसे में फाइनल में पहुंचने की राह काफी मुश्किल नजर आ रही है।








