The Traitors 2: पारुल गुलाटी के एलिमिनेशन पर उठे सवाल, बाहर निकलते ही बोलीं- ‘मेरे गेम को समझा नहीं गया’

The Traitors 2: पारुल गुलाटी के एलिमिनेशन ने शो में नया विवाद खड़ा कर दिया है। बाहर निकलने के बाद अभिनेत्री ने कहा कि उनके गेम और रणनीति को सही तरीके से समझा

‘द ट्रेटर्स 2’ में 32 वर्षीय अभिनेत्री पारुल गुलाटी का सफर पांचवें एपिसोड में ‘सर्कल ऑफ शक’ के दौरान खत्म हो गया। खास बात यह रही कि एलिमिनेशन के बाद पारुल को ‘बेगुनाह’ यानी इनोसेंट घोषित किया गया।

The Traitors Season 2: रियलिटी शो 'द ट्रेटर्स 2' का खेल हर एपिसोड के साथ और ज्यादा दिलचस्प होता जा रहा है। शो के पांचवें एपिसोड में अभिनेत्री और डिजिटल क्रिएटर पारुल गुलाटी का सफर खत्म हो गया। खास बात यह रही कि पारुल 'इनोसेंट' खिलाड़ी थीं, इसके बावजूद वोटिंग में उन्हें गेम से बाहर होना पड़ा। एलिमिनेशन के बाद पारुल ने अपने गेमप्ले और बाहर होने के फैसले पर खुलकर बात की है।

पारुल के मुताबिक, उनके एलिमिनेशन के दौरान गेम में उनके पिछले फैसलों और रणनीति को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। उन्होंने खास तौर पर हरमन सिंघा के एलिमिनेशन का जिक्र किया। पारुल का कहना है कि हरमन को गेम से बाहर करने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और बाद में उनके ट्रेटर होने की पुष्टि हुई। ऐसे में उन्हें खुद ट्रेटर समझकर बाहर किया जाना उनके लिए हैरान करने वाला था।

टाई के बाद वोटिंग में बाहर हुईं पारुल

'द ट्रेटर्स 2' के पांचवें एपिसोड में पारुल गुलाटी और क्रिस्टल डिसूजा के बीच मुकाबला बराबरी पर पहुंच गया। इसके बाद 'सर्कल ऑफ शक' में हुई वोटिंग ने फैसला किया और पारुल को शो से बाहर होना पड़ा। पारुल उस समय एक 'इनोसेंट' के रूप में गेम खेल रही थीं। उनका मानना है कि हरमन सिंघा को पहचानने और उन्हें बाहर करने में उनकी भूमिका को उनके खिलाफ हुई वोटिंग के दौरान नजरअंदाज कर दिया गया।

उनके अनुसार, अगर कोई खिलाड़ी एक दिन पहले किसी ऐसे व्यक्ति को गेम से बाहर करने में मदद करता है, जो बाद में ट्रेटर साबित होता है, तो यह उसकी बेगुनाही के पक्ष में एक अहम संकेत होना चाहिए। लेकिन उन्हें लगता है कि बाकी खिलाड़ियों ने इस पहलू को पर्याप्त गंभीरता से नहीं लिया।

‘अगर दोबारा मौका मिला तो गेम नहीं बदलूंगी’

एलिमिनेशन के बाद पारुल ने यह भी बताया कि अगर उन्हें दोबारा 'द ट्रेटर्स' जैसा गेम खेलने का मौका मिलता है, तो वह अपनी रणनीति में बहुत बड़ा बदलाव नहीं करेंगी। उनका मानना है कि गेम में टाइमिंग को समझना जरूरी है, लेकिन अपनी राय रखने और अपने फैसलों पर कायम रहने से वह पीछे नहीं हटेंगी। पारुल के लिए यह सिर्फ जीत या हार का खेल नहीं, बल्कि परिस्थितियों को समझकर रणनीति बनाने का अनुभव भी रहा।

उन्होंने संकेत दिया कि वह अपने स्वभाव के मुताबिक खुलकर खेलना पसंद करेंगी। हालांकि, भविष्य में ऐसी परिस्थितियों में वह यह जरूर ध्यान रखेंगी कि दूसरे खिलाड़ी उनके फैसलों को किस नजरिए से देख रहे हैं।

पारुल को क्यों माना जा रहा था मजबूत खिलाड़ी?

पारुल के मुताबिक, ट्रेटर्स का लक्ष्य ऐसे खिलाड़ियों को हटाना होता है जो उनके लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकते हैं। इसी वजह से उन्हें लगता है कि अगर ट्रेटर्स या दूसरे खिलाड़ियों को लगा कि वह गेम में उनकी रणनीति को चुनौती दे सकती हैं, तो उनका निशाना बनना स्वाभाविक था। इस नजरिए से पारुल अपने एलिमिनेशन को गेम का हिस्सा मानती हैं, लेकिन उनका सवाल यह है कि उनके पक्ष में मौजूद संकेतों पर चर्चा क्यों नहीं हुई।

पारुल के एलिमिनेशन को लेकर आदित्य कुलश्रेष्ठ, जिन्हें 'कुल्लू' के नाम से जाना जाता है, ने भी उनकी रणनीति को मजबूत माना। उन्होंने पारुल के साथ अभिषेक मल्हान और रणवीर बरार को ऐसे खिलाड़ियों में गिना, जो गेम में सोच-समझकर फैसले ले रहे थे। कुल्लू के अनुसार, पारुल जैसे खिलाड़ी ट्रेटर्स के लिए चुनौती बन सकते थे। इसलिए उन्हें बाहर करने का मौका मिलने पर उसे रणनीतिक रूप से इस्तेमाल करना गेम का हिस्सा था।

टाई के दौरान पारुल को निशाना बनाए जाने के पीछे भी यही सोच बताई गई। एक मजबूत 'इनोसेंट' खिलाड़ी को बाहर करना ट्रेटर्स के लिए अपने रास्ते को आसान बनाने की रणनीति हो सकती है।

कौन हैं पारुल गुलाटी?

पारुल गुलाटी भारतीय अभिनेत्री और डिजिटल क्रिएटर हैं। उन्होंने टेलीविजन के साथ-साथ फिल्मों और वेब सीरीज में भी काम किया है। 'Girls Hostel', 'P.O.W. – Bandi Yuddh Ke' और 'Hey Prabhu!' जैसे प्रोजेक्ट्स में उनके काम को दर्शकों ने देखा है। 'द ट्रेटर्स 2' में उनकी एंट्री के बाद दर्शकों की नजर उनके गेमप्ले पर थी। हालांकि, पांचवें एपिसोड में उनका सफर समाप्त हो गया।

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