Tamil Nadu में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए बिसात बिछ चुकी है। इस बार मुकाबला सिर्फ दो द्रविड़ दलों के बीच नहीं है, बल्कि हर एक सीट के लिए ‘करो या मरो’ जैसी स्थिति बन गई है, जिससे चुनावी तनाव और रोमांच दोनों बढ़ गए हैं।
चेन्नई: तमिलनाडु में 23 अप्रैल 2026 को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए सियासी बिसात बिछ चुकी है। इस बार मुकाबला सिर्फ दो द्रविड़ दलों के बीच नहीं है, बल्कि अभिनेता विजय की नई पार्टी की एंट्री ने चुनावी परिदृश्य को और भी रोमांचक बना दिया है। प्रमुख दल डीएमके (DMK) और एआईएडीएमके (AIADMK) ने क्रमशः 175 और 169 सीटों पर उम्मीदवार उतारकर चुनावी बिगुल फूंक दिया है।
AIADMK का पहला हमला DMK के गढ़ में
मुख्य विपक्षी दल AIADMK ने इस बार सत्ताधारी DMK के गढ़ों में घेराबंदी करने की रणनीति बनाई है। AIADMK ने अपने गठबंधन की सीटों का बंटवारा फाइनल कर लिया है और चेन्नई जैसे शहरी क्षेत्रों में भी बढ़त बनाने की तैयारी कर रही है। पार्टी प्रमुख ई. पलानीस्वामी ने मायलापुर से प्रचार की शुरुआत कर अपनी मंशा साफ कर दी है। तमिलनाडु की कुल 234 विधानसभा सीटों में से 169 सीटों पर AIADMK सीधे चुनाव लड़ रही है। वहीं भाजपा को इस गठबंधन में 27 सीटें दी गई हैं।
चेन्नई में महामुकाबला

राजधानी चेन्नई में 16 सीटों में से 13 सीटों पर DMK और AIADMK का सीधा टकराव होने वाला है। इसमें मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन, और स्वास्थ्य मंत्री सुब्रमण्यम जैसे कद्दावर नेताओं की सीटें शामिल हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चेन्नई की ये सीटें चुनाव का अहम मैदान बनेंगी।
तमिलनाडु की राजनीति में इस बार सीमन की ‘नाम तमिलर कत्छी’ (NTK) सभी 234 सीटों पर अकेले दम ठोक रही है। वहीं साउथ सिनेमा के सुपरस्टार विजय की नई पार्टी तमिलगा वेत्त्री कज़गम (TVK) ने चुनावी समीकरण को और जटिल कर दिया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि विजय की एंट्री युवाओं के वोट बैंक पर बड़ा असर डाल सकती है, लेकिन किस दिशा में जाएगा, कहना अभी मुश्किल है।
गठबंधन और सीट वितरण
DMK के नेतृत्व वाले ‘सेकुलर प्रोग्रेसिव अलायंस’ में कांग्रेस को 28 सीटें और DMDK को 10 सीटें मिली हैं। AIADMK के नेतृत्व वाले NDA में BJP को 27 सीटें, PMK को 18 सीटें और AMMK को 11 सीटें मिली हैं। AIADMK और DMK दोनों ही दल 23 अप्रैल के मतदान से पहले अपने गढ़ों में प्रचार तेज कर रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान और बूथवार तैयारियों में जुटे हैं। AIADMK प्रमुख पलानीस्वामी ने कहा कि चेन्नई और शहरी क्षेत्रों में पार्टी की रणनीति वोटरों तक संदेश पहुंचाने और युवाओं को जोड़ने पर केंद्रित होगी।
वहीं DMK ने भी अपनी ताकत दिखाने के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बूथवार तैयारियों को तेज कर दिया है। पार्टी की कोशिश है कि मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन का मजबूत नेतृत्व और विकास की नीतियां जनता के बीच प्रभाव डालें।










