राजस्थान के श्रीगंगानगर में टोल वसूली विवाद के बीच कांग्रेस विधायक Rupinder Singh Kooner को प्रशासन ने नजरबंद कर दिया। विधायक टोल वसूली के खिलाफ आंदोलन का समर्थन कर रहे थे। घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है।
श्रीगंगानगर: राजस्थान के श्री गंगानगर जिले में टोल वसूली को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। श्रीकरणपुर से कांग्रेस विधायक रुपिंदर सिंह कून्नर को प्रशासन ने मंगलवार सुबह उनके 25 बीबी स्थित आवास पर नजरबंद कर दिया। घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब श्रीगंगानगर-पदमपुर स्टेट हाईवे पर स्थित 18 बीबी टोल प्लाजा पर पिछले 42 दिनों से स्थानीय लोग, किसान और सामाजिक संगठन टोल वसूली का विरोध कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि टोल वसूली नियमों के खिलाफ है और स्थानीय लोगों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
टोल विवाद पिछले कई हफ्तों से धीरे-धीरे बड़ा जनआंदोलन बन चुका था। सोमवार को स्थिति तब ज्यादा तनावपूर्ण हो गई जब विधायक कुन्नर अपने समर्थकों के साथ टोल प्लाजा पहुंचे और धरने पर बैठ गए।
टोल प्लाजा पर धरना, पुलिस से धक्का-मुक्की और देर रात हिरासत
सोमवार को विधायक रूपिंदर सिंह कुन्नर बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ 18 बीबी टोल प्लाजा पहुंचे। वहां पहले से चल रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर उन्होंने टोल वसूली का विरोध किया और प्रशासन से तत्काल वसूली बंद करने की मांग की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विधायक के धरने पर बैठने के बाद मौके पर तनाव बढ़ गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की, जिसके दौरान विधायक और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
यह घटनाक्रम देर रात तक चलता रहा। विधायक और उनके समर्थक 13 अप्रैल की रात करीब 9 बजे तक टोल प्लाजा पर डटे रहे। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विधायक और कई समर्थकों को हिरासत में ले लिया।
हालांकि, कुछ समय बाद विधायक को छोड़ दिया गया। लेकिन मंगलवार सुबह प्रशासन ने उन्हें उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कदम आंदोलन को कमजोर करने के लिए उठाया गया है। दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि यह केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कार्रवाई है।

समर्थकों की जुटान, कांग्रेस का हमला और प्रशासन का पक्ष
नजरबंदी के बाद विधायक कुन्नर ने अपने समर्थकों से अपील की कि वे मंगलवार सुबह 10 बजे से उनके 25 बीबी स्थित घर पहुंचें। इसके बाद बड़ी संख्या में किसान, कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग वहां जुटने लगे। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। घर के बाहर बैरिकेडिंग की गई है और आने-जाने वालों पर निगरानी रखी जा रही है।
कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जनता की आवाज दबाने के लिए प्रशासन दबाव की राजनीति कर रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि स्थानीय लोगों की मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, साथ अवैध टोल वसूली के खिलाफ आवाज उठाने वालों को रोका जा रहा है। जनप्रतिनिधियों की स्वतंत्रता सीमित की जा रही है.
वहीं, जिला प्रशासन ने कहा है कि 18 बीबी टोल प्लाजा पर टोल वसूली हाईकोर्ट के आदेशों के तहत दोबारा शुरू कराई गई है। प्रशासन का कहना है कि न्यायालय के निर्देशों का पालन करना जरूरी है और किसी को भी कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
अधिकारियों के अनुसार:
- टोल वसूली वैधानिक आदेशों के तहत जारी है
- विरोध के कारण यातायात बाधित न हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है
- किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस अलर्ट पर है
अंबेडकर जयंती और आंदोलन का नया मोड़
मंगलवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मौके पर बड़ी भीड़ जुटने से आंदोलन को और ताकत मिल सकती है।
टोल विरोध आंदोलन अब सिर्फ शुल्क वसूली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह स्थानीय असंतोष, किसान हित और राजनीतिक प्रतिरोध का प्रतीक बनता जा रहा है।
राजस्थान में टोल वसूली को लेकर पहले भी कई जगह विरोध प्रदर्शन हुए हैं, लेकिन श्रीगंगानगर का मामला इसलिए अहम है क्योंकि इसमें स्थानीय विधायक सीधे आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि:
- प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच कोई समझौता होता है या नहीं
- हाईकोर्ट के आदेशों की व्याख्या को लेकर नई कानूनी चुनौती आती है या नहीं
- नजरबंदी और विरोध के बीच हालात शांत रहते हैं या तनाव बढ़ता है
श्रीगंगानगर का यह टोल विवाद अब स्थानीय प्रशासन, न्यायिक प्रक्रिया और राजनीतिक टकराव का बड़ा मामला बन चुका है। फिलहाल पूरे इलाके की नजर 25 बीबी और 18 बीबी टोल प्लाजा पर बनी हुई है।











