TRAI की ताजा रिपोर्ट में दिल्ली-एनसीआर की मेट्रो और नमो भारत ट्रेनों में मोबाइल नेटवर्क की खराब स्थिति सामने आई है। सर्वे में कॉल ड्रॉप, कवरेज गैप और इंटरनेट स्पीड से जुड़ी कई खामियां उजागर हुई हैं, जिससे यात्रियों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर की मेट्रो और नमो भारत आरआरटीएस में सफर करने वाले लाखों यात्रियों की मोबाइल नेटवर्क संबंधी शिकायतों को TRAI की रिपोर्ट ने सही साबित किया है। अप्रैल 2026 में किए गए सर्वेक्षण में कई प्रमुख रूटों पर कॉल ड्रॉप, कमजोर सिग्नल और धीमी इंटरनेट स्पीड की समस्या सामने आई। रिपोर्ट में टेलीकॉम कंपनियों के प्रदर्शन का भी विस्तृत आकलन किया गया है।
मेट्रो और नमो भारत में नेटवर्क समस्या की पुष्टि
दिल्ली-एनसीआर में रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए मोबाइल कनेक्टिविटी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) की हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कई मेट्रो और नमो भारत रूटों पर मोबाइल नेटवर्क अपेक्षित स्तर का नहीं है। इसी वजह से यात्रियों को अक्सर कॉल न लगने, कॉल ड्रॉप होने और इंटरनेट स्पीड कम मिलने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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TRAI ने अप्रैल 2026 में करीब 490 किलोमीटर लंबे 15 प्रमुख मेट्रो और आरआरटीएस कॉरिडोर पर ड्राइव टेस्ट किया था। इस सर्वे में दिल्ली मेट्रो की विभिन्न लाइनों के अलावा दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को भी शामिल किया गया।
किन कंपनियों का प्रदर्शन कैसा रहा
रिपोर्ट के अनुसार सरकारी टेलीकॉम कंपनी MTNL का प्रदर्शन सबसे कमजोर पाया गया। कवरेज गैप के मामले में MTNL का आंकड़ा 48.1 प्रतिशत दर्ज किया गया, जबकि एयरटेल, जियो और वोडाफोन आइडिया का कवरेज गैप 3 प्रतिशत से भी कम रहा।
कॉल ड्रॉप के मामले में भी MTNL सबसे पीछे रहा, जहां 14.7 प्रतिशत कॉल ड्रॉप रेट दर्ज किया गया। वहीं एयरटेल ने 1 प्रतिशत कॉल ड्रॉप रेट के साथ बेहतर प्रदर्शन किया। जियो और वोडाफोन आइडिया के आंकड़े भी अपेक्षाकृत बेहतर रहे।
इंटरनेट स्पीड में जियो और एयरटेल आगे
डेटा डाउनलोड स्पीड के मामले में जियो का 5जी नेटवर्क सबसे आगे रहा। सर्वे में जियो की औसत डाउनलोड स्पीड 141.28 Mbps दर्ज की गई। एयरटेल ने 81.72 Mbps की औसत स्पीड हासिल की, जबकि वोडाफोन आइडिया की स्पीड 23.94 Mbps रही।
अपलोड स्पीड में एयरटेल ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। एयरटेल की औसत अपलोड स्पीड 25.98 Mbps रही, जबकि जियो 19.99 Mbps और वोडाफोन आइडिया 16.96 Mbps पर रहा। MTNL इस श्रेणी में भी सबसे पीछे रहा।
इन प्रमुख रूटों पर हुआ परीक्षण
TRAI के सर्वे में कई व्यस्त और महत्वपूर्ण रूटों को शामिल किया गया। इनमें सेक्टर-51 नोएडा से डिपो स्टेशन (एक्वा लाइन), द्वारका सेक्टर-21 से नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी (ब्लू लाइन), वैशाली से यमुना बैंक, समयपुर बादली से मिलेनियम सिटी (येलो लाइन), राजा नाहर सिंह से कश्मीरी गेट (वायलेट लाइन) और दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर जैसे प्रमुख मार्ग शामिल रहे।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि नेटवर्क संबंधी समस्याएं केवल अंडरग्राउंड हिस्सों तक सीमित नहीं हैं। कई इलेवेटेड सेक्शनों पर भी यात्रियों को सिग्नल और इंटरनेट कनेक्टिविटी की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
सुधार के लिए कंपनियों को निर्देश
TRAI ने सर्वे के निष्कर्ष सभी प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों के साथ साझा कर दिए हैं। नियामक संस्था ने कंपनियों से कवरेज बढ़ाने, कॉल ड्रॉप कम करने और डेटा स्पीड में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नमो भारत और मेट्रो जैसी हाई-स्पीड सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में निर्बाध मोबाइल कनेक्टिविटी आज यात्रियों की बुनियादी जरूरत बन चुकी है। ऐसे में नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना टेलीकॉम कंपनियों और संबंधित एजेंसियों के लिए प्राथमिकता का विषय होगा।









