अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर प्रस्तावित हमला फिलहाल टाल दिया है। गल्फ देशों की अपील के बाद बातचीत जारी रखने का फैसला लिया गया। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि समझौता विफल होने पर अमेरिकी सेना बड़े सैन्य हमले के लिए पूरी तरह तैयार है।
ईरान/अमेरिका वॉर: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर प्रस्तावित बड़े सैन्य हमले को फिलहाल टालने का ऐलान किया है। ट्रम्प ने कहा कि कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सहित कई खाड़ी देशों के नेताओं ने उनसे सैन्य कार्रवाई रोककर बातचीत को मौका देने की अपील की थी।
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच गंभीर स्तर की बातचीत जारी है और उम्मीद की जा रही है कि ऐसा समझौता संभव है जिसे अमेरिका और पश्चिम एशिया के अन्य देश स्वीकार कर सकें।
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि बातचीत विफल होती है तो अमेरिकी सेना किसी भी समय बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहेगी।
ट्रम्प बोले- “ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए”
व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका की प्राथमिक शर्त यह है कि ईरान किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार हासिल न करे।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित समझौते का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यही होगा कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को नियंत्रित करे और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का पालन करे।
ट्रम्प ने यह भी बताया कि उन्होंने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डेनियल केन और अमेरिकी सैन्य अधिकारियों को निर्देश दिया है कि फिलहाल मंगलवार को प्रस्तावित हमला नहीं किया जाएगा।
अमेरिका और इजराइल की सैन्य तैयारियों की रिपोर्ट
इस बीच पश्चिमी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिका और इजराइल संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारियों को जारी रखे हुए हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार जर्मनी स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों से हथियार और सैन्य उपकरण लेकर कई कार्गो विमान इजराइल पहुंचे हैं। साथ ही इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और ट्रम्प के बीच भी संभावित रणनीति को लेकर चर्चा हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका फिलहाल कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता दे रहा है, लेकिन सैन्य विकल्प अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ता तनाव, वैश्विक ऊर्जा बाजार चिंतित
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का सबसे बड़ा असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर दिखाई दे रहा है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस ट्रांजिट रूट्स में गिना जाता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस क्षेत्र में लगभग 1,500 कारोबारी जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें 20 हजार से अधिक नाविक मौजूद हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों ने मिसाइल और ड्रोन हमलों की आशंका जताई है।
तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए एक नई संस्था “पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA)” बनाने की घोषणा की है।
ईरान का नया समुद्री नियंत्रण सिस्टम
ईरानी अधिकारियों के अनुसार अब होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी जहाजों को ईरानी अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसके तहत जहाजों को प्रवेश से पहले अपने कार्गो, क्रू और यात्रा मार्ग की जानकारी देनी होगी।
ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि यह व्यवस्था देश की संप्रभुता और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लागू की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि केवल वही देश और जहाज इस समुद्री मार्ग का लाभ उठा सकेंगे जो ईरान के साथ सहयोग करेंगे।
विश्लेषकों का मानना है कि ईरान का यह कदम वैश्विक तेल आपूर्ति और ऊर्जा कीमतों पर सीधा असर डाल सकता है।
ऑस्ट्रेलिया ने खरीदा इमरजेंसी जेट फ्यूल
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संभावित सप्लाई संकट को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया ने अतिरिक्त जेट फ्यूल खरीदने का फैसला किया है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार ऑस्ट्रेलिया ने तीन खेपों में 600,000 बैरल से अधिक जेट फ्यूल खरीदा है। यह लगभग 10 करोड़ लीटर ईंधन के बराबर बताया जा रहा है।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि यह कदम देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और संभावित वैश्विक संकट से बचाव के लिए उठाया गया है।
इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया ने ब्रुनेई से कृषि ग्रेड यूरिया की अतिरिक्त सप्लाई भी सुनिश्चित की है।
सऊदी अरब पर ड्रोन हमला, खाड़ी देशों की चिंता बढ़ी
तनाव के बीच सऊदी अरब ने दावा किया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने इराक की दिशा से आए तीन ड्रोन को मार गिराया।
कुवैत और कतर ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे सऊदी अरब की संप्रभुता और क्षेत्रीय सुरक्षा पर हमला बताया।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस तरह की घटनाएं बढ़ती हैं तो पूरे खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता और गहरी हो सकती है।
ईरान का दावा- “हम जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार थे
ट्रम्प द्वारा हमला टालने की घोषणा के बाद ईरान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। हैदराबाद स्थित ईरानी मिशन ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरानी सेना ऐसे जवाब के लिए तैयार थी जैसा पहले कभी नहीं देखा गया।
पोस्ट में ट्रम्प पर तंज कसते हुए कहा गया कि यदि हमला नहीं हुआ तो इसे ईरान की रणनीतिक जीत माना जाएगा।
लेबनान में इजराइली एयर स्ट्राइक
इसी दौरान दक्षिणी लेबनान के टायर जिले में इजराइली लड़ाकू विमानों ने एक इमारत पर एयर स्ट्राइक की।
स्थानीय मीडिया के अनुसार हमला उस इलाके को खाली करने की चेतावनी जारी होने के लगभग एक घंटे बाद हुआ। फिलहाल किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। यह हमला क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव का संकेत माना जा रहा है।
ईरान में सेना के समर्थन में रैली
तेहरान में सैकड़ों नवविवाहित जोड़ों ने सेना और सरकार के समर्थन में कार रैली निकाली। यह रैली राजधानी के आजादी स्क्वायर पर आयोजित की गई, जहां लोगों ने राष्ट्रीय एकजुटता और सैन्य समर्थन का प्रदर्शन किया।
सोशल मीडिया पर रैली के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।









