अमेरिका में हालिया सुरक्षा कदमों के बाद राष्ट्रपति Donald Trump प्रशासन ने वीजा नियम सख्त कर दिए हैं, जिससे 85,000 से अधिक वीजा रद्द हुए। कड़े H-1B नियम, लंबी प्रक्रिया और सोशल मीडिया जांच के कारण भारतीय आवेदकों की चुनौती बढ़ गई है।
H-1B Visa Rules: अमेरिका में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद राष्ट्रपति Donald Trump प्रशासन ने वीजा नियमों को पहले से कहीं ज्यादा कड़ा कर दिया है। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अब तक 85,000 से ज्यादा वीजा रद्द किए जा चुके हैं। इस बड़े कदम का सीधा असर भारतीय वीजा आवेदकों पर पड़ रहा है, खासकर उन पेशेवरों पर जो H-1B वीजा के तहत अमेरिका में काम करने की योजना बना रहे थे। नई नीति के तहत वीजा रिव्यू की प्रक्रिया लंबी, जटिल और सख्त हो गई है, जिससे कई आवेदन देरी और असमंजस में फंस रहे हैं।
85,000 वीजा रद्द, छात्र सबसे ज्यादा प्रभावित
अमेरिकी US State Department ने बताया कि जनवरी से अब तक कुल 85,000 वीजा रद्द किए गए हैं। इनमें 8,000 से ज्यादा स्टूडेंट वीजा शामिल हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से अधिक हैं। यह आंकड़े दिखाते हैं कि ट्रंप प्रशासन इमिग्रेशन एनफोर्समेंट और बॉर्डर सिक्योरिटी पर बेहद कड़ी कार्रवाई कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, नशे में गाड़ी चलाना, चोरी और हमला जैसे अपराध इन रद्दीकरण के मुख्य कारण रहे हैं। इसके अलावा वीजा एक्सपायरी, आतंकवाद से जुड़े संदेह और अन्य गंभीर कारणों से भी कई वीजा कैंसिल किए गए हैं।
नेशनल सिक्योरिटी के नाम पर कठोर कदम
स्टेट डिपार्टमेंट की पोस्ट में राष्ट्रपति ट्रंप की तस्वीर के साथ “Make America Safe Again” का संदेश दिया गया, जिससे स्पष्ट होता है कि सुरक्षा इस कार्रवाई के केंद्र में है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इमिग्रेशन पर किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। हाल के कदमों में उन लोगों के वीजा भी रद्द किए गए जिन पर कंज़र्वेटिव एक्टिविस्ट चार्ली किर्क की हत्या का जश्न मनाने का आरोप लगा था।

व्हाइट हाउस के पास हुए हालिया हमले के बाद इन नियमों में और कड़ाई लाई गई है। राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में वीजा एप्लीकेशन और वीजा होल्डर्स दोनों की निगरानी अब पहले से कहीं ज्यादा कड़ी हो गई है।
भारत में नई सोशल मीडिया स्क्रीनिंग का असर
भारत में अमेरिकी दूतावास ने नई सोशल मीडिया स्क्रीनिंग नीति की घोषणा की है, जिसने H-1B वीजा आवेदकों के बीच चिंता बढ़ा दी है। दूतावास द्वारा जारी सलाह में कहा गया है कि सभी वीजा आवेदकों को 15 दिसंबर से पहले अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल “Public” करने होंगे। ऐसा न करने पर वीजा रिजेक्ट हो सकता है। इसके साथ ही दिसंबर और जनवरी के इंटरव्यू को आगे बढ़ाकर मार्च 2026 या उससे बाद की तारीखों में शिफ्ट कर दिया गया है। दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया है कि पुराने इंटरव्यू स्लॉट पर पहुंचने वाले आवेदकों को एंट्री तक नहीं दी जाएगी।
H-1B वीजा चाहने वाले भारतीयों के लिए मुश्किलें बढ़ीं
H-1B वीजा भारतीय टेक प्रोफेशनलों के लिए लंबे समय से अमेरिका में नौकरी पाने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम रहा है। नई नीति के कारण भारतीय आवेदकों को अब पहले से ज्यादा सतर्क रहना होगा। सोशल मीडिया वेरिफिकेशन ने आवेदन प्रक्रिया को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
इसके कारण जॉब ऑफर्स की ज्वॉइनिंग डेट्स खिसक सकती हैं, कंपनियों को ऑनबोर्डिंग में देरी हो सकती है और आवेदकों की तैयारी पर भी अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। स्टूडेंट्स और रिसर्चर्स के लिए भी यह बदलाव चिंताजनक है, क्योंकि स्टूडेंट वीजा रद्दीकरण की संख्या में भारी उछाल देखा गया है।
नए नियमों में कैसे तैयार रहें
अमेरिका में वीजा एप्लीकेशन अब केवल डॉक्यूमेंट जाँच पर आधारित नहीं रह गया है, बल्कि डिजिटल फुटप्रिंट यानी सोशल मीडिया गतिविधियों की भी विस्तृत जाँच की जा रही है। ऐसे में भारतीय आवेदकों को चाहिए कि वे अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल की समीक्षा करें, पुरानी विवादित या नकारात्मक सामग्री हटाएं, और अपनी पहचान और जानकारी को सही, स्पष्ट और सार्वजनिक रखें।
इसके अलावा पासपोर्ट, जॉब ऑफर लेटर, एजुकेशन डाक्यूमेंट्स और अन्य जरूरी कागज़ों को अपडेट रखना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है। इंटरव्यू डेट्स को दूतावास की वेबसाइट पर नियमित रूप से चेक करना और नई एडवाइजरी का पालन करना भी आवश्यक है।












