भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में CBI मंगलवार को अंतिम रिपोर्ट दाखिल नहीं कर सकी। विशेष अदालत ने अतिरिक्त 14 दिन की रिमांड की मांग खारिज करते हुए 17 अगस्त तक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।
भोपाल: मॉडल से अभिनेत्री बनीं ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में CBI मंगलवार को विशेष अदालत के सामने अपनी फाइनल रिपोर्ट दाखिल नहीं कर सकी। JMFC शोभना भलवे की अदालत ने एजेंसी को 17 अगस्त तक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने आरोपी पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की 14 दिन की अतिरिक्त न्यायिक रिमांड बढ़ाने की मांग भी खारिज कर दी।
CBI तय समय पर दाखिल नहीं कर सकी फाइनल रिपोर्ट
ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को मंगलवार को विशेष अदालत में अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश करनी थी। अदालत ने पहले CBI को 11 अगस्त तक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था, लेकिन एजेंसी निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट पेश नहीं कर सकी।

इसके बाद विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शोभना भलवे की अदालत ने CBI को छह दिन का अतिरिक्त समय दिया। अब जांच एजेंसी को 17 अगस्त तक मामले की फाइनल रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। इसी दिन मामले की अगली सुनवाई भी प्रस्तावित है।
कोर्ट ने 14 दिन की अतिरिक्त रिमांड की मांग ठुकराई
CBI ने मामले में आरोपी पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे व मृतका के पति समर्थ सिंह की न्यायिक रिमांड को 14 दिन और बढ़ाने की मांग की थी। अदालत ने जांच एजेंसी की इस मांग को स्वीकार नहीं किया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता एनोश जॉर्ज कार्लो ने अदालत में दलील दी कि कानून के तहत गिरफ्तारी के बाद निर्धारित अवधि के भीतर जांच एजेंसी को अंतिम रिपोर्ट दाखिल करनी होती है। उन्होंने बताया कि समर्थ सिंह को 18 मई को गिरफ्तार किया गया था और उनकी गिरफ्तारी के 90 दिन 18 अगस्त को पूरे होने वाले हैं।
अदालत ने इसी समयसीमा को ध्यान में रखते हुए CBI को 17 अगस्त तक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
समर्थ सिंह की गिरफ्तारी से जुड़ी 90 दिन की समयसीमा अहम
इस मामले में 90 दिन की कानूनी समयसीमा अब अहम हो गई है। बचाव पक्ष के मुताबिक समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के 90 दिन 18 अगस्त को पूरे होंगे। इससे एक दिन पहले यानी 17 अगस्त को अदालत ने CBI को फाइनल रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने फिलहाल आरोपियों की न्यायिक हिरासत को 14 दिन और बढ़ाने के CBI के अनुरोध को मंजूरी नहीं दी। अब अगली सुनवाई में जांच एजेंसी की रिपोर्ट और मामले से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं पर सुनवाई हो सकती है।
पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत पर भी नजर
मामले में आरोपी पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की नियमित जमानत याचिका मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में भी लंबित है। हाल ही में नंबर नहीं आने के कारण उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई टल गई थी।
इससे पहले ट्रायल कोर्ट उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुका है। अब मामले में CBI की अंतिम रिपोर्ट और हाईकोर्ट में लंबित जमानत याचिका दोनों पर आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
17 अगस्त की सुनवाई पर टिकी नजर
ट्विशा शर्मा मामले में अब 17 अगस्त की तारीख महत्वपूर्ण हो गई है। इस दिन CBI को विशेष अदालत में अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश करनी है। साथ ही आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत से जुड़े मामले पर भी सुनवाई होगी।
मामले में मृतका के पिता की ओर से आरोपियों की जमानत का विरोध करते हुए हाईकोर्ट में आपत्ति भी दाखिल की जा चुकी है। अब अदालत के सामने CBI की रिपोर्ट आने के बाद जांच की दिशा और आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।











