भाजपा महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष राखी राठौड़ ने जोधपुर में कहा कि निकाय और पंचायत चुनावों में महिलाओं को सिर्फ 33 प्रतिशत तक सीमित नहीं रखा जाएगा। गैर-आरक्षित सीटों पर लंबे समय से सक्रिय महिला कार्यकर्ताओं को भी चुनाव लड़ने का अवसर मिल सकता है।
जोधपुर: राजस्थान में आगामी निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष राखी राठौड़ ने बुधवार को जोधपुर दौरे के दौरान कहा कि पार्टी महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को केवल 33 प्रतिशत आरक्षण तक सीमित नहीं रखेगी। उन्होंने कहा कि गैर-आरक्षित सीटों पर भी लंबे समय से जमीनी स्तर पर सक्रिय और संगठन के लिए काम कर रही महिलाओं को चुनावी अवसर दिया जा सकता है। राठौड़ ने मीडिया से बातचीत के दौरान महिला सशक्तिकरण, महिला अपराध, रोजगार, सरकारी योजनाओं और हर घर तिरंगा अभियान समेत कई मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्य महिलाओं को राजनीति और सामाजिक जीवन में अधिक सक्रिय भूमिका देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करना है।
गैर-आरक्षित सीटों पर भी महिलाओं को मौका देने का संकेत
राखी राठौड़ ने निकाय और पंचायत चुनावों में महिलाओं की भागीदारी को लेकर पार्टी की रणनीति पर महत्वपूर्ण संकेत दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों के अलावा ऐसी सीटों पर भी महिला कार्यकर्ताओं को मौका देने पर विचार किया जा सकता है, जहां कोई महिला लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय होकर लोगों के बीच काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि पार्टी महिलाओं की भागीदारी को केवल निर्धारित 33 प्रतिशत तक सीमित रखने के पक्ष में नहीं है। यदि कोई महिला कार्यकर्ता लगातार अपने क्षेत्र में लोगों के साथ जुड़ी हुई है और संगठन के लिए सक्रिय भूमिका निभा रही है, तो उसे चुनाव लड़ने का अवसर मिलना चाहिए। उनके इस बयान को राजस्थान में आगामी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे भाजपा के भीतर महिला कार्यकर्ताओं की चुनावी भूमिका बढ़ाने की रणनीति के संकेत मिलते हैं।
महिला अपराधों पर सरकार का बचाव
जोधपुर दौरे के दौरान राखी राठौड़ से लोहावट क्षेत्र से जुड़े भंवरी देवी हत्याकांड और प्रदेश में महिला अपराधों को लेकर भी सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले में लगातार कार्रवाई कर रही है और आने वाले दिनों में आरोपियों को पकड़ने की उम्मीद है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार महिला सुरक्षा और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। राठौड़ ने 2023 से पहले के राजनीतिक माहौल का उल्लेख करते हुए कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा।
हालांकि, महिला अपराधों से जुड़े मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय होते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस की कार्रवाई, आरोपियों की गिरफ्तारी और अदालत की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ती है।
कांग्रेस पर योजनाएं बंद करने का आरोप
राखी राठौड़ ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने 2018 से पहले चल रही कई योजनाओं को बंद कर दिया था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद किसी योजना को बंद नहीं किया है। उन्होंने कांग्रेस पर सरकार बचाने के लिए राजनीतिक गतिविधियों और होटल की राजनीति का सहारा लेने का आरोप भी लगाया। राठौड़ ने दावा किया कि आगामी पंचायत और निकाय चुनावों में भाजपा को बड़ी जीत मिलेगी।
उनके बयान से साफ है कि भाजपा स्थानीय चुनावों को लेकर संगठनात्मक स्तर पर अपनी तैयारियों को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में महिला मतदाताओं और महिला कार्यकर्ताओं की भूमिका को देखते हुए महिला मोर्चा की सक्रियता पार्टी की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है।
रोजगार और भर्ती को लेकर भाजपा का दावा
राठौड़ ने राजस्थान में रोजगार और सरकारी भर्तियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में पहली बार बड़ी संख्या में सरकारी भर्तियों का कैलेंडर जारी किया गया है और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार की रोजगार नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं को सरकारी नौकरियां देने पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने पचपदरा रिफाइनरी और राइजिंग राजस्थान जैसे बड़े औद्योगिक एवं निवेश कार्यक्रमों से भविष्य में रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद भी जताई।
राठौड़ ने कहा कि राजस्थान की युवा शक्ति भाजपा के साथ है। उन्होंने पिछली सरकार पर पेपर लीक के मामलों को लेकर भी निशाना साधा और भाजपा सरकार की कार्रवाई को बेहतर बताया। राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी भर्तियों को लेकर युवाओं की बड़ी संख्या में रुचि रहती है। ऐसे में रोजगार और परीक्षा प्रक्रिया राजनीतिक दलों के लिए लगातार महत्वपूर्ण मुद्दे बने हुए हैं।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
राखी राठौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार का फोकस महिलाओं को केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर भी है।
महिलाओं के लिए रोजगार, स्वरोजगार, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को लेकर राजनीतिक दल लगातार अपनी नीतियों को जनता के सामने रखते रहे हैं। राठौड़ ने इसी संदर्भ में भाजपा सरकार के कामकाज को महिलाओं के हित से जोड़ते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक भागीदारी मिलने से स्थानीय स्तर पर विकास और सामाजिक मुद्दों को लेकर उनकी आवाज मजबूत हो सकती है।
हर घर तिरंगा अभियान को लेकर तैयारी
जोधपुर दौरे के दौरान राठौड़ ने स्वतंत्रता दिवस से जुड़े हर घर तिरंगा अभियान की तैयारियों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा की पूरी टीम अभियान के तहत सक्रिय रूप से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि तीज और लहरिया जैसे राजस्थान के पारंपरिक आयोजनों को देशभक्ति की भावना के साथ जोड़ने की तैयारी की जा रही है। इसके माध्यम से स्थानीय संस्कृति और राष्ट्रीय पर्व के बीच संबंध मजबूत करने की कोशिश की जाएगी।
राठौड़ ने कहा कि बच्चों को अपने माता-पिता के साथ घर पर तिरंगा फहराने की शपथ भी दिलाई जा रही है। उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से बच्चों और परिवारों में राष्ट्रीय पर्व को लेकर जागरूकता और भागीदारी बढ़ेगी।
पाक विस्थापित परिवारों को तिरंगा बांटने की तैयारी
राखी राठौड़ ने यह भी बताया कि जोधपुर में रहने वाले पाक विस्थापित परिवारों को तिरंगा वितरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन परिवारों को भी स्वतंत्रता दिवस के उत्सव में शामिल किया जाएगा। जोधपुर में पाकिस्तान से आए कई विस्थापित परिवार लंबे समय से रह रहे हैं। भाजपा महिला मोर्चा की ओर से उन्हें हर घर तिरंगा अभियान से जोड़ने की योजना बनाई गई है।
इस पहल को राष्ट्रीय पर्व में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। राठौड़ के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं बल्कि देश के प्रति नागरिकों की एकजुटता और जिम्मेदारी को व्यक्त करने का अवसर है।
स्थानीय चुनावों से पहले राजनीतिक संदेश
राखी राठौड़ का जोधपुर दौरा ऐसे समय हुआ है जब राजस्थान में स्थानीय स्तर की राजनीतिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। पंचायत और निकाय चुनावों में महिलाओं की भागीदारी, रोजगार, महिला सुरक्षा और सरकारी योजनाएं प्रमुख राजनीतिक मुद्दे बन सकते हैं।
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष द्वारा गैर-आरक्षित सीटों पर सक्रिय महिलाओं को भी चुनावी अवसर देने का बयान पार्टी की संभावित रणनीति की ओर संकेत करता है। यदि पार्टी इस दिशा में आगे बढ़ती है तो बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं को स्थानीय राजनीति में अपनी भूमिका मजबूत करने का अवसर मिल सकता है। फिलहाल चुनावी टिकटों को लेकर अंतिम निर्णय पार्टी स्तर पर होना बाकी है। लेकिन राखी राठौड़ के बयान ने राजस्थान की स्थानीय राजनीति में महिलाओं की संभावित भूमिका को लेकर चर्चा जरूर तेज कर दी है।











