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त्योहारी सीजन में बढ़ेगा ई-कॉमर्स का मुनाफा, जानिए कौन-कौन से प्रोडक्ट होंगे हिट

त्योहारी सीजन में बढ़ेगा ई-कॉमर्स का मुनाफा, जानिए कौन-कौन से प्रोडक्ट होंगे हिट

आने वाले फेस्टिव सीजन में ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए शानदार अवसर है। रिपोर्ट के मुताबिक इस बार 1.2 लाख करोड़ रुपये के कारोबार की उम्मीद है, जो 2024 की तुलना में 27% अधिक है। अमेज़न, फ्लिपकार्ट और क्विक कॉमर्स स्टार्टअप्स जैसे ब्लिंकिट, स्विगी इंस्टामार्ट, जेप्टो और बिगबास्केट बिक्री बढ़ाने के लिए तैयार हैं।

नई दिल्ली: भारत में फेस्टिव सीजन 2025 में ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स कंपनियों के लिए बड़ा अवसर लेकर आया है। डेटाम इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के अनुसार, इस बार त्योहारी बिक्री 1.2 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच सकती है, जो पिछले साल से 27% अधिक है। अमेज़न और फ्लिपकार्ट सितंबर में अपनी फेस्टिव सेल शुरू करेंगे, जबकि ब्लिंकिट, स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट जैसे स्टार्टअप्स भी किराना, अप्लायंसेज और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स की बिक्री बढ़ाने के लिए तैयार हैं।

फेस्टिव सीजन में बिक्री में उछाल

डेटाम इंटेलिजेंस के आंकड़ों के अनुसार, 2025 का त्योहारी सीजन पिछले साल की तुलना में 27 प्रतिशत अधिक बिक्री दिखा सकता है। 2024 के त्योहारी सीजन में कुल बिक्री लगभग 94,800 करोड़ रुपये थी। इस साल कुल ऑर्डर वैल्यू में से क्विक कॉमर्स सेगमेंट का योगदान लगभग 14,010 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।

अमेजन इंडिया और फ्लिपकार्ट इस महीने अपनी सालाना फेस्टिव सेल शुरू करेंगे। ब्रांड्स को पिछली सेल्स की गति देखकर इस बार अच्छी डिमांड की उम्मीद है। ब्लिंकिट, स्विगी इंस्टामार्ट, जेप्टो और बिगबास्केट जैसे क्विक कॉमर्स स्टार्टअप्स दिवाली के लिए तैयार हैं। ये कंपनियां इस कॉम्पिटिटिव मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं।

सबसे अधिक खरीदारी किस क्षेत्र में

फेस्टिव सीजन में किराना, अप्लायंसेज और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स की बिक्री सबसे ज्यादा रहने की उम्मीद है। हालांकि, मोबाइल और लाइफस्टाइल कैटेगरी में मार्केट स्लोडाउन की वजह से ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू में कमी हो सकती है। इसके बावजूद, ये कैटेगरीज कुल फेस्टिव सेल्स का आधे से ज्यादा हिस्सा देने वाली हैं।

भारत में फेस्टिव सीजन साल का सबसे बड़ा कंजम्पशन पीरियड होता है। यह परिधान, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू सामान की सालाना सेल्स का लगभग 30-40 प्रतिशत हिस्सा बनाता है। इस साल यह सीजन ई-कॉमर्स और रिटेल कंपनियों के लिए खास महत्व रखता है क्योंकि हाल की तिमाहियों में बिक्री अपेक्षाकृत कमजोर रही थी। मानसून जल्दी आने और बाढ़ के कारण गर्मियों में सेल्स पर असर पड़ा था। ओणम और गणेश चतुर्थी के साथ फेस्टिव सीजन शुरू हो चुका है और यह अक्टूबर में दिवाली के साथ समाप्त होगा। जुलाई में शहरी भारत में कंज्यूमर ट्रेंड्स में तीन साल के बाद सकारात्मक बदलाव देखा गया।

त्योहारों के चलते खरीदारी की रफ्तार तेज

लिबास के फाउंडर सिद्धांत केशवानी ने बताया कि ग्राहक अच्छे डील्स के लिए फेस्टिव शॉपिंग पहले ही शुरू कर चुके हैं। यह ट्रेंड नवंबर और दिसंबर तक जारी रहने की उम्मीद है, जो वेडिंग सीजन से मेल खाता है। लिबास को पिछले साल के मुकाबले 60-70 प्रतिशत ग्रोथ की उम्मीद है। केशवानी ने कहा कि क्विक कॉमर्स उनके लिए नया है, लेकिन रक्षाबंधन में इस चैनल से 20 प्रतिशत ज्यादा बिक्री हुई। दिवाली में ऑफिस फंक्शन्स और फैमिली गेदरिंग्स के कारण डिमांड बढ़ने की संभावना है।

सैकड़ों डी2सी ब्रांड्स भी फेस्टिव डिमांड का फायदा उठाने के लिए ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर लिस्टिंग कर रहे हैं। क्विक कॉमर्स कंपनियां फेस्टिव कैटेगरीज के लिए विज्ञापन दरों को 40-50 प्रतिशत तक बढ़ा रही हैं।

फेस्टिव सीजन में बिक्री बढ़ाने की तैयारी जोरों पर

बेकरी ब्रांड द बेकर्स डजन के को-फाउंडर स्नेह जैन ने बताया कि प्लेटफॉर्म्स ने फेस्टिव बूम के लिए इन्वेंट्री तैयार की है। डार्क स्टोर्स की क्षमता बढ़ाई गई है और फेस्टिव-स्पेसिफिक प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्हें पिछले साल के मुकाबले 30-50 प्रतिशत ग्रोथ की उम्मीद है।

किचन अप्लायंसेज स्टार्टअप बियॉन्ड अप्लायंसेज फेस्टिव पीरियड में सामान्य बिजनेस के मुकाबले तीन गुना ग्रोथ का लक्ष्य रख रहा है। को-फाउंडर ईश्वर के विकास ने बताया कि उनकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्टॉक तैयार कर रही हैं ताकि सप्लाई में कोई कमी न आए।

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