भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को लेकर बड़ा बयान दिया है। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि PoK को वापस लेना हर भारतीय की भावना और संकल्प है और जब यह पूरा होगा तभी देश का उद्देश्य भी पूर्ण होगा।
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत का अंतिम लक्ष्य पीओके को वापस लेना है और जब तक यह उद्देश्य पूरा नहीं होता, तब तक देश का सपना अधूरा रहेगा।
मीडिया को दिए गए एक साक्षात्कार में उमा भारती ने कहा कि पीओके की वापसी केवल सरकार या राजनीतिक दल की सोच नहीं है, बल्कि यह हर भारतीय के दिल की आवाज है। उन्होंने कहा, “जब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर हमारे पास वापस आएगा, तभी भारत का असली मकसद पूरा होगा। यह 1994 में संसद द्वारा पारित सर्वसम्मत प्रस्ताव से भी स्पष्ट है, जिसमें पीओके को भारत का अभिन्न अंग घोषित किया गया था।”
ऑपरेशन सिंदूर पर उमा भारती की प्रतिक्रिया
हाल ही में चर्चा में रहे ऑपरेशन सिंदूर को लेकर उमा भारती ने भारतीय सेना की वीरता की सराहना की। उन्होंने उन लोगों को कड़ा जवाब दिया जिन्होंने इस अभियान पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कहा, जो लोग ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठा रहे हैं, वे न केवल भारतीय सशस्त्र बलों का अपमान कर रहे हैं बल्कि देश की बदनामी भी कर रहे हैं। ऐसे लोगों को राजनीति करने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि वे राष्ट्रीय गर्व को समझने की क्षमता ही नहीं रखते।
उमा भारती ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह लगातार आतंकवाद को बढ़ावा देकर खुद अपने पतन की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ लड़ता रहा है और अंततः इसे समाप्त भी करेगा। उनका कहना था, इस समस्या का समाधान प्राकृतिक न्याय है। पाकिस्तान जब आतंकवाद की वजह से खुद नष्ट होगा, तभी उसे अपनी गलतियों का एहसास होगा।
मालेगांव विस्फोट केस पर बयान
2008 के मालेगांव विस्फोट मामले पर भी उमा भारती ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मामले को हिंदुओं को बदनाम करने और तुष्टिकरण की राजनीति के लिए उपयोग किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित को झूठे आरोपों में फंसाया गया। उमा भारती ने दावा किया कि साध्वी प्रज्ञा को इतनी यातनाएं दी गईं कि उनकी रीढ़ की हड्डी तक क्षतिग्रस्त हो गई।
उन्होंने अपने सुरक्षा अधिकारी का हवाला देते हुए कहा कि साध्वी को 100 से ज्यादा थप्पड़ मारे गए थे और वह इस दौरान लगातार ‘ॐ’ का जाप करती रहीं। वहीं कर्नल पुरोहित के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें भी शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी गईं, यहां तक कि उनके नाखून तक उखाड़ दिए गए।
उमा भारती ने मालेगांव केस की नई जांच की मांग की
उमा भारती ने मालेगांव केस की नई जांच की मांग की। उन्होंने कहा, सवाल यह है कि 2008 में साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित जैसे नाम क्यों जोड़े गए, जबकि असली दोषियों को आज तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? यह राष्ट्रीय सुरक्षा और न्याय से जुड़ा बड़ा सवाल है। ज्ञात हो कि 29 सितंबर 2008 को मालेगांव शहर के भिक्कू चौक स्थित मस्जिद के पास हुए धमाके में छह लोगों की मौत हो गई थी और 95 लोग घायल हुए थे। हालांकि, 31 जुलाई 2024 को मुंबई की विशेष एनआईए अदालत ने सबूतों के अभाव में सातों आरोपियों को बरी कर दिया।
उमा भारती का राजनीतिक जीवन हमेशा सुर्खियों में रहा है। उन्हें भाजपा की फायरब्रांड नेता माना जाता है। 2003 में उन्होंने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी को बड़ी जीत दिलाई और मुख्यमंत्री बनीं। हालांकि बाद में पार्टी के अंदरूनी मतभेदों के चलते उन्हें पद छोड़ना पड़ा।