उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड से जुड़ी एक RTI के मामले में जनसूचना अधिकारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी का निर्धारित समय में जवाब नहीं देने के मामले में संबंधित जनसूचना अधिकारी (PIO) को तलब किया गया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 13 अगस्त को होगी।
मामला सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी से जुड़ा है। आवेदक ने यूपी बोर्ड से संबंधित कुछ सूचनाएं प्राप्त करने के लिए RTI आवेदन किया था। निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन के बाद जानकारी उपलब्ध कराई जानी थी, लेकिन आवेदक को समय पर जवाब नहीं मिलने के बाद मामला आगे बढ़ा।
RTI व्यवस्था के तहत नागरिकों को सरकारी विभागों और सार्वजनिक प्राधिकरणों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सूचना प्राप्त करने का अधिकार है। आवेदन मिलने के बाद संबंधित जनसूचना अधिकारी की जिम्मेदारी होती है कि वह कानून में निर्धारित समयसीमा के भीतर सूचना उपलब्ध कराए या यदि सूचना देने से इनकार किया जाता है तो उसके लिए संबंधित कानूनी प्रावधान के तहत कारण बताए।
इस मामले में समय पर जवाब नहीं मिलने के बाद आवेदक ने संबंधित सूचना आयोग के समक्ष शिकायत या अपील की। सुनवाई के दौरान मामले को गंभीरता से लेते हुए जनसूचना अधिकारी को अगली तारीख पर उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया गया है।
अब 13 अगस्त की सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि RTI आवेदन पर समय से जवाब क्यों नहीं दिया गया और मांगी गई सूचना आवेदक को उपलब्ध कराई गई थी या नहीं। संबंधित अधिकारी को मामले से जुड़े रिकॉर्ड और जवाब के साथ उपस्थित होने की आवश्यकता होगी।
RTI मामलों में अधिकारियों की जवाबदेही महत्वपूर्ण मानी जाती है। सूचना का अधिकार अधिनियम सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से बनाया गया है। किसी आवेदन पर निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने की स्थिति में आवेदक प्रथम अपील और उसके बाद जरूरत पड़ने पर सूचना आयोग का रुख कर सकता है।
यूपी बोर्ड से जुड़े मामलों में RTI के माध्यम से परीक्षा, परिणाम, मूल्यांकन, मान्यता, प्रशासनिक निर्णय और अन्य रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी मांगी जाती रही है। ऐसे मामलों में विभागीय रिकॉर्ड के आधार पर आवेदक को उपलब्ध सूचना देने की प्रक्रिया निर्धारित होती है।
इस मामले में अगली सुनवाई इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जनसूचना अधिकारी को अब यह बताना होगा कि RTI आवेदन पर कार्रवाई में देरी क्यों हुई। यदि सूचना पहले ही उपलब्ध कराई जा चुकी है तो उसका रिकॉर्ड भी प्रस्तुत किया जा सकता है। वहीं यदि सूचना अभी तक नहीं दी गई है, तो आयोग आगे आवश्यक निर्देश दे सकता है।
फिलहाल मामले की अगली सुनवाई 13 अगस्त को निर्धारित है। सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि सुनवाई के दौरान जनसूचना अधिकारी क्या जवाब देते हैं और आवेदक को मांगी गई सूचना उपलब्ध कराने को लेकर क्या निर्देश जारी होते हैं।











