LIVE: सावन के पहले दिन योगी ने बाबा विश्वनाथ का किया जलाभिषेक, काशी की गलियों में घूमे; अयोध्या-प्रयागराज में उमड़ी भीड़

सावन के पहले दिन सीएम योगी ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया। काशी की गलियों में भ्रमण किया, जबकि अयोध्या और प्रयागराज के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगीं।
LIVE: सावन के पहले दिन योगी ने बाबा विश्वनाथ का किया जलाभिषेक, काशी की गलियों में घूमे; अयोध्या-प्रयागराज में उमड़ी भीड़
Photo Credit / Attribution: Google

सावन के पहले दिन उत्तर प्रदेश के प्रमुख शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। वाराणसी से लेकर अयोध्या और प्रयागराज तक सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और बेलपत्र, फूल, धतूरा व अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर लगातार हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंजते रहे।

Yogi Adityanath ने सावन के पहले दिन वाराणसी पहुंचकर Kashi Vishwanath Temple में बाबा विश्वनाथ का विधि-विधान से जलाभिषेक किया। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और लोककल्याण की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान और पूजा का आयोजन किया गया।

पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने काशी की गलियों का भी भ्रमण किया। सावन के पहले दिन काशी का धार्मिक और सांस्कृतिक रंग अलग ही नजर आया। गलियों और मंदिरों के आसपास बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। जगह-जगह शिवभक्तों की भीड़ दिखाई दी और पूरा वातावरण भक्ति से सराबोर रहा।

बाबा विश्वनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए तड़के से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। दूर-दराज से आए कांवड़िए और स्थानीय भक्त गंगाजल लेकर मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने कतार में लगकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए और शिवलिंग पर जल अर्पित किया।

अयोध्या में भी सावन के पहले दिन शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ रही। प्रमुख मंदिरों में सुबह से दर्शन के लिए श्रद्धालु कतार में खड़े नजर आए। लोगों ने भगवान शिव का अभिषेक कर परिवार की खुशहाली और मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना की। मंदिरों में घंटियों और शंखनाद के साथ भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा।

प्रयागराज में भी सावन की शुरुआत श्रद्धा और उत्साह के साथ हुई। शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। कई भक्त गंगा और संगम में स्नान करने के बाद शिवालयों में पहुंचे। गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक कर भक्तों ने पूजा-अर्चना की।

श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की। मंदिरों के आसपास बैरिकेडिंग की गई और कतारबद्ध तरीके से श्रद्धालुओं को दर्शन कराया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे।

सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। भक्त इस दौरान सोमवार का व्रत रखते हैं और शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और फूल चढ़ाते हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ यात्रा भी करते हैं और पवित्र नदियों से जल लेकर अपने क्षेत्र के शिवालयों में अभिषेक करते हैं।

सावन के पहले दिन ही उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक शहरों में जिस तरह श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, उससे आने वाले दिनों में मंदिरों में और अधिक भीड़ की संभावना है। प्रशासन की ओर से भीड़ नियंत्रण, यातायात और सुरक्षा को लेकर तैयारियां की जा रही हैं।

फिलहाल काशी, अयोध्या और प्रयागराज समेत पूरे उत्तर प्रदेश में सावन की भक्ति का रंग देखने को मिल रहा है। कहीं शिवभक्त गंगाजल लेकर मंदिरों की ओर बढ़ रहे हैं तो कहीं मंदिरों में भजन-कीर्तन और रुद्राभिषेक का आयोजन किया जा रहा है। हर-हर महादेव के जयघोष से शिवालयों का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है।

Leave a comment