UP PCS Success Story: Noida की Karishma Chauhan ने AI और Smart Study से हासिल की SDM की पोस्ट

UP PCS 2024 में नोएडा की करिश्मा चौहान ने 17वीं रैंक हासिल कर SDM बनने का सपना पूरा किया। जानें कैसे सेल्फ स्टडी, AI और ChatGPT की मदद से मिली सफलता।

नोएडा की करिश्मा चौहान ने UP PCS 2024 परीक्षा में 17वीं रैंक हासिल कर SDM बनने का सपना पूरा किया। उन्होंने सेल्फ स्टडी, AI टूल्स और अनुशासित तैयारी के दम पर दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की।

UP PCS Topper Karishma Chauhan Success Story: नोएडा की करिश्मा चौहान की सफलता उन उम्मीदवारों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद सिविल सेवा की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बिना कोचिंग सेल्फ स्टडी, AI आधारित नोट्स और नियमित अभ्यास की मदद से UP PCS 2024 परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 17वीं रैंक हासिल की।

दूसरे प्रयास में हासिल की 17वीं रैंक

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की UP PCS 2024 परीक्षा में नोएडा की रहने वाली करिश्मा चौहान ने 17वीं रैंक हासिल कर SDM (Sub-Divisional Magistrate) बनने का सपना साकार किया। उनकी सफलता इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने यह उपलब्धि बिना किसी कोचिंग संस्थान की मदद के हासिल की। करिश्मा ने अपनी तैयारी का आधार सेल्फ स्टडी, समय का सही प्रबंधन और आधुनिक तकनीक को बनाया। आज उनकी कहानी हजारों प्रतियोगी छात्रों के लिए प्रेरणा बन चुकी है।

साधारण परिवार से निकलकर बनीं प्रशासनिक अधिकारी

करिश्मा चौहान का परिवार नोएडा में रहता है। उनके पिता एक बिजनेसमैन हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। परिवार ने हमेशा उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। शुरुआती शिक्षा नोएडा के स्कूल से पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) से जूलॉजी ऑनर्स में स्नातक किया। इसके बाद इग्नू (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा किया। पढ़ाई के साथ उन्हें बैडमिंटन खेलना और खाना बनाना भी पसंद है।

पिता के सपने को बनाया अपना लक्ष्य

करिश्मा ने कई इंटरव्यू में बताया कि उन्हें पहली बार UP PCS परीक्षा के बारे में उनके पिता ने बताया था। पिता चाहते थे कि उनकी बेटी प्रशासनिक अधिकारी बने। यही सपना धीरे-धीरे करिश्मा का लक्ष्य बन गया। उन्होंने कोचिंग के बजाय खुद की रणनीति पर भरोसा किया और नियमित सेल्फ स्टडी के जरिए तैयारी शुरू की। उनका मानना है कि सही दिशा में लगातार मेहनत किसी भी लक्ष्य को हासिल करने में मदद करती है।

AI और ChatGPT का किया स्मार्ट इस्तेमाल

करिश्मा की तैयारी का सबसे चर्चित पहलू आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग रहा। उन्होंने बताया कि मुख्य परीक्षा (Mains) की तैयारी के दौरान उन्होंने ChatGPT की मदद से जनरल स्टडी के विभिन्न विषयों और निबंधों की तैयारी की। उन्होंने लगभग 20 से 30 संभावित निबंध तैयार किए थे, जिनमें से परीक्षा में तीन विषय काफी हद तक मिलते-जुलते आए। इससे उन्हें उत्तर लिखने में काफी मदद मिली।

हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि AI केवल एक सहायक माध्यम था। वास्तविक सफलता नियमित पढ़ाई, विषयों की गहरी समझ और लगातार उत्तर लेखन अभ्यास से मिली। उन्होंने तकनीक का उपयोग अपनी तैयारी को बेहतर बनाने के लिए किया, न कि पढ़ाई का विकल्प बनाने के लिए।

पढ़ाई के दौरान अपनाया अपना अलग तरीका

करिश्मा ने अपनी पढ़ाई का एक दिलचस्प तरीका भी साझा किया। उन्होंने बताया कि पढ़ाई करते समय अक्सर हल्की आवाज में कोई फिल्म या वेब सीरीज चलती रहती थी। उनके अनुसार, इससे उनका ध्यान अधिक केंद्रित रहता था। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि हर छात्र का पढ़ने का तरीका अलग होता है और जरूरी नहीं कि यह तरीका सभी के लिए प्रभावी हो।

पहली असफलता से मिली सफलता की सीख

UP PCS 2024 करिश्मा का दूसरा प्रयास था। पहले प्रयास में वह प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर पाई थीं। इस असफलता से निराश होने के बजाय उन्होंने अपनी कमियों का विश्लेषण किया और नई रणनीति बनाई। उन्होंने रोजाना लगभग 14 से 15 घंटे पढ़ाई की, करेंट अफेयर्स पर विशेष ध्यान दिया और नियमित उत्तर लेखन का अभ्यास जारी रखा।

करिश्मा का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में केवल मेहनत ही नहीं, बल्कि सही रणनीति और निरंतर आत्ममूल्यांकन भी उतना ही जरूरी होता है। उन्होंने अपनी कमजोरियों को पहचानकर उन पर काम किया, जिसका परिणाम दूसरे प्रयास में शानदार सफलता के रूप में सामने आया।

अब UPSC पर है नजर

UP PCS में SDM बनने के बाद भी करिश्मा ने अपने सफर को यहीं खत्म नहीं माना है। उनका अगला लक्ष्य UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास करना है। वे अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ UPSC की तैयारी भी जारी रखना चाहती हैं।

प्रतियोगी छात्रों के लिए उनका संदेश है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत ईमानदारी से की जाए और खुद पर भरोसा बना रहे, तो असफलता भी आगे बढ़ने का अवसर बन जाती है। उनका मानना है कि आधुनिक तकनीक जैसे AI तैयारी को बेहतर बना सकती है, लेकिन सफलता की असली कुंजी अनुशासन, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास ही है।

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