उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के असर से 12 से 15 अक्टूबर 2026 तक पश्चिमी जिलों में हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने किसानों को फसलों की सुरक्षा और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और गाजियाबाद समेत पश्चिमी यूपी के कुछ जिलों में 12 से 15 अक्टूबर तक हल्की बारिश हो सकती है। 12 अक्टूबर को 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पश्चिमी यूपी में बारिश और तेज हवाओं की संभावना
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में मौसम में बदलाव का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर निचले और मध्यम क्षोभमंडल स्तरों पर पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से पूर्वी उत्तर प्रदेश तक एक ट्रफ रेखा का प्रभाव भी मौसम पर पड़ रहा है।
पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। बरेली और अलीगढ़ में हल्की बारिश हुई, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में भी रुक-रुककर बूंदाबांदी देखने को मिली। मौसम में इस बदलाव से तापमान और स्थानीय परिस्थितियों पर असर पड़ रहा है।
मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और गाजियाबाद समेत पश्चिमी यूपी के कुछ जिलों में 12 से 15 अक्टूबर तक हल्की या छिटपुट बारिश होने का अनुमान है। 12 अक्टूबर को हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है, जबकि झोंकों में यह 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके बाद 16 से 18 अक्टूबर के बीच मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है।
पूर्वी यूपी में कब होगी बारिश?
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 12 से 14 अक्टूबर के दौरान मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि, 15 और 16 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद 17 और 18 अक्टूबर को मौसम फिर से शुष्क रहने की संभावना जताई गई है।
मौसम की इन परिस्थितियों को देखते हुए लोगों को अपने जिले के लिए जारी ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए। तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों, कमजोर ढांचों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना उचित रहेगा।
किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह
बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी है। कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने या तिरपाल से ढकने को कहा गया है, ताकि बारिश से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
बागवानी फसलों और छोटे पौधों को सहारा देने की भी सलाह दी गई है। खराब मौसम के दौरान किसानों और आम लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा तेज हवाओं के समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम बदलता रह सकता है। ऐसे में किसानों को फसल कटाई, भंडारण और कृषि संबंधी गतिविधियों की योजना स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार बनानी चाहिए।











