अगले हफ्ते दो नए IPO खुलेंगे, जिनमें Safety Controls और Propshare Celestia शामिल हैं। बाजार में अस्थिरता के बावजूद निवेशकों को मौका मिलेगा। हालांकि दोनों IPO का GMP फिलहाल 0 है, जिससे निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है।
Upcoming IPO: शेयर बाजार में हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद अगले हफ्ते निवेशकों के लिए दो नए IPO (Initial Public Offering) खुलने जा रहे हैं। इनमें एक मेनबोर्ड IPO और एक REIT (Real Estate Investment Trust) शामिल है। ये दोनों इश्यू ऐसे समय पर आ रहे हैं जब वैश्विक अनिश्चितता के कारण मार्केट में अस्थिरता बनी हुई है। फिर भी, नए IPO निवेशकों के लिए अवसर लेकर आते हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबी अवधि में निवेश की योजना बना रहे हैं।
IPO की रफ्तार में आई कमी
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय शेयर बाजार में IPO की बाढ़ देखी गई थी, जहां हर हफ्ते कई कंपनियां अपना पब्लिक इश्यू लेकर आ रही थीं। लेकिन हाल के महीनों में IPO की संख्या में कमी आई है। इसका मुख्य कारण मध्य पूर्व में जारी तनाव और ग्लोबल मार्केट में अस्थिरता है। इस वजह से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता थोड़ी कम हुई है और कंपनियां भी अपने इश्यू लॉन्च करने में सावधानी बरत रही हैं।
हालांकि अब धीरे-धीरे IPO मार्केट फिर से सक्रिय होता दिख रहा है, और अगले हफ्ते दो नए IPO इसका संकेत दे रहे हैं।
Safety Controls & Devices IPO की पूरी जानकारी
सेफ्टी कंट्रोल्स एंड डिवाइसेज का IPO 6 अप्रैल 2026 को खुलेगा और 8 अप्रैल 2026 को बंद होगा। यह एक मेनबोर्ड IPO है, जिसमें निवेशकों को रिटेल कैटेगरी के तहत आवेदन करने का मौका मिलेगा।
इस IPO का प्राइस बैंड ₹75 से ₹80 प्रति शेयर तय किया गया है। लॉट साइज 1600 शेयरों का है, यानी निवेशकों को कम से कम 1600 शेयर के लिए आवेदन करना होगा। इस हिसाब से न्यूनतम निवेश लगभग ₹1,20,000 के आसपास बैठता है।
जहां तक Grey Market Premium (GMP) की बात है, तो फिलहाल इस IPO का GMP शून्य यानी 0 रुपये बताया जा रहा है। इसका मतलब यह है कि अभी तक अनऑफिशियल मार्केट में इस शेयर के लिए कोई अतिरिक्त प्रीमियम नहीं मिल रहा है। हालांकि GMP समय के साथ बदल सकता है और लिस्टिंग के करीब इसमें तेजी या गिरावट आ सकती है।
Propshare Celestia IPO की डिटेल
प्रोपशेयर सेलेस्टिया एक REIT आधारित IPO है, जो रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश का अवसर देता है। इसका पब्लिक इश्यू 10 अप्रैल 2026 को खुलेगा और 16 अप्रैल 2026 को बंद होगा।

इस IPO की खास बात इसका हाई वैल्यू इन्वेस्टमेंट है। इसका प्राइस बैंड ₹10,00,000 से ₹10,50,000 प्रति यूनिट तय किया गया है। इसमें निवेश करने के लिए कम से कम एक यूनिट खरीदनी होगी, यानी न्यूनतम निवेश 10 लाख रुपये से ज्यादा का होगा।
यह IPO उन निवेशकों के लिए ज्यादा उपयुक्त है जो हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (HNI) कैटेगरी में आते हैं और रियल एस्टेट में डायरेक्ट निवेश के बजाय REIT के जरिए एक्सपोजर लेना चाहते हैं।
इस IPO का GMP भी फिलहाल 0 रुपये बताया जा रहा है, यानी अभी ग्रे मार्केट में कोई खास हलचल नहीं दिख रही है।
Grey Market Premium (GMP) क्या संकेत देता है
GMP यानी Grey Market Premium एक अनऑफिशियल इंडिकेटर होता है, जो IPO के लिस्टिंग गेन का अनुमान देता है। जब किसी IPO का GMP पॉजिटिव होता है, तो इसका मतलब है कि निवेशकों के बीच उस शेयर की डिमांड ज्यादा है और लिस्टिंग पर प्रीमियम मिलने की संभावना हो सकती है।
वहीं अगर GMP 0 या नेगेटिव होता है, तो इसका मतलब है कि फिलहाल मार्केट में उस IPO को लेकर ज्यादा उत्साह नहीं है।
इस समय दोनों IPO का GMP 0 है, जो यह संकेत देता है कि निवेशकों का रुख अभी सावधानी भरा है। हालांकि, यह अंतिम संकेत नहीं होता और लिस्टिंग से पहले इसमें बदलाव हो सकता है।
Emiac Technologies IPO अभी भी खुला है
इन दोनों IPO के अलावा एक और IPO फिलहाल खुला हुआ है। Emiac Technologies का SME IPO 27 मार्च 2026 को खुला था और यह 8 अप्रैल 2026 को बंद होगा।
इस IPO का प्राइस बैंड ₹93 से ₹98 प्रति शेयर तय किया गया है और लॉट साइज 1200 शेयरों का है। इस कंपनी की लिस्टिंग BSE SME प्लेटफॉर्म पर 13 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित है।
अब तक इस IPO को केवल 0.35 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है, जो कमजोर निवेशक रुचि को दर्शाता है। इसका GMP भी 0 रुपये है, यानी इसमें भी अभी तक कोई खास ग्रे मार्केट मूवमेंट नहीं है।
निवेश से पहले किन बातों का रखें ध्यान
IPO में निवेश करने से पहले केवल GMP के आधार पर फैसला लेना सही नहीं होता है। निवेशकों को कंपनी के फंडामेंटल्स, बिजनेस मॉडल, ग्रोथ पोटेंशियल और मार्केट कंडीशन को ध्यान में रखना चाहिए।
मेनबोर्ड IPO आमतौर पर ज्यादा स्थिर माने जाते हैं, जबकि SME IPO में जोखिम ज्यादा होता है। वहीं REIT IPO एक अलग तरह का निवेश विकल्प है, जो नियमित इनकम और रियल एस्टेट एक्सपोजर देता है।
मार्केट की स्थिति और IPO पर असर
वर्तमान में ग्लोबल और घरेलू बाजार दोनों में अनिश्चितता बनी हुई है। जियोपॉलिटिकल टेंशन और इकोनॉमिक फैक्टर्स का असर निवेशकों के सेंटिमेंट पर साफ दिखाई दे रहा है। इसी वजह से कई IPO में सब्सक्रिप्शन और GMP कमजोर नजर आ रहा है। लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह अवसर भी हो सकता है, क्योंकि कम वैल्यूएशन पर एंट्री मिलने की संभावना रहती है।








