ईरान तनाव के बीच ट्रंप की रणनीति पर सवाल उठे हैं। विशेषज्ञ Robert Pape के अनुसार अगले 10 दिन अहम हैं, जब अमेरिकी मरीन की तैनाती पूरी होगी और इसके बाद संघर्ष और तेज हो सकता है।
America: ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की रणनीति पर अब उनके ही देश में सवाल उठने लगे हैं। व्हाइट हाउस के पूर्व सलाहकार और सुरक्षा विशेषज्ञ रॉबर्ट पेप (Robert Pape) ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि ट्रंप एक ऐसे जाल में फंस चुके हैं, जहां से निकलना आसान नहीं होगा। उनके अनुसार आने वाले 10 दिन इस पूरे संघर्ष की दिशा तय कर सकते हैं और इसके बाद हालात पूरी तरह बदल सकते हैं।
“ट्रंप एक रणनीतिक जाल में फंस चुके हैं”
रॉबर्ट पेप (Robert Pape) ने इंटरव्यू में कहा कि ट्रंप की मौजूदा स्थिति बेहद जटिल है। उन्होंने बताया कि यह जाल अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है, लेकिन धीरे-धीरे ट्रंप को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। यही वजह है कि उनके फैसलों में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है।
पेप के अनुसार ट्रंप कभी आक्रामक रुख अपनाते हैं तो कभी पीछे हटने के संकेत देते हैं। यह अनिश्चितता इस बात का संकेत है कि वे खुद भी स्थिति को लेकर पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं। इससे यह भी पता चलता है कि अमेरिका की रणनीति में एकरूपता की कमी है।
10 दिनों का इंतजार, मरीन की तैनाती की तैयारी
रॉबर्ट पेप (Robert Pape) ने बताया कि ट्रंप जिन 10 दिनों का इंतजार कर रहे हैं, वह दरअसल अमेरिकी मरीन (US Marines) की तैनाती से जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार यह समय इसलिए लिया जा रहा है ताकि सैन्य बलों को रणनीतिक रूप से सही जगह पर पहुंचाया जा सके।
हाल ही में ट्रंप ने पांच दिनों तक हमले कम करने की बात कही थी, लेकिन पेप का मानना है कि यह कदम शांति के लिए नहीं बल्कि तैयारी का हिस्सा है। जैसे ही मरीन अपनी स्थिति में पहुंचेंगे, हालात और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं।
बयान नहीं, बर्ताव से समझें रणनीति
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रॉबर्ट पेप (Robert Pape) ने कहा कि किसी भी नेता के बयानों से ज्यादा उनके कदमों को समझना जरूरी होता है। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने अपने मरीन को ले जाने वाले जहाजों को वापस लौटने का कोई आदेश नहीं दिया है। इसका मतलब यह है कि अमेरिका अभी भी सैन्य तैयारी में जुटा हुआ है। अगर यह तैयारी पूरी हो जाती है, तो युद्ध का अगला चरण और ज्यादा तेज और आक्रामक हो सकता है।
तेल बाजार पर बढ़ता दबाव
पेप ने चेतावनी दी कि अगर यह तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर सीधे वैश्विक तेल बाजार पर पड़ेगा। हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण बना हुआ है और अगर हालात बिगड़ते हैं, तो तेल की कीमतों में और उछाल आ सकता है।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा और मंदी (recession) का खतरा भी बढ़ सकता है। बड़े वित्तीय संस्थान पहले ही इस तरह की आशंकाएं जता चुके हैं।
ईरान का बढ़ता तेल प्रभाव
रॉबर्ट पेप (Robert Pape) ने कहा कि मौजूदा हालात में ईरान को रणनीतिक बढ़त मिल रही है। उन्होंने तेल दबदबा (oil hegemon) शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ईरान का प्रभाव ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले कई दशकों से अमेरिका की नीति यह रही है कि कोई भी देश तेल पर इतना मजबूत नियंत्रण न बना सके। लेकिन वर्तमान स्थिति इस रणनीति के उलट जा रही है।
लंबा खिंच सकता है युद्ध
पेप ने यह भी कहा कि अगर अमेरिका ईरान में अपने सैनिक उतारता है, तो यह संघर्ष लंबा खिंच सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह वही स्थिति होगी जिससे अमेरिका हमेशा बचना चाहता रहा है। इस तरह के युद्ध में न केवल सैन्य बल्कि आर्थिक और राजनीतिक नुकसान भी होता है। इससे अमेरिका के लिए स्थिति और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकती है।









