यूएस ओपन महिला सिंगल्स फाइनल में आर्यना सबालेंका और एलेना रिबाकिना आमने-सामने होंगी। रिबाकिना विश्व नंबर-1 बनेंगी, जबकि सबालेंका लगातार तीसरा US Open खिताब जीतकर इतिहास रचने और 2026 का पहला ग्रैंड स्लैम हासिल करने उतरेंगी
USOPEN 2026: आर्यना सबालेंका को पता है कि US Open खिताब जीतना भी उन्हें विश्व नंबर-1 रैंकिंग बचाने की गारंटी नहीं देता। शनिवार को फाइनल में एलेना रिबाकिना के सामने उतरते समय सबालेंका के पास हालांकि एक अतिरिक्त प्रेरणा होगी—साल के आखिरी ग्रैंड स्लैम को जीतकर न्यूयॉर्क में लगातार तीसरी बार चैंपियन बनने का इतिहास रचना।
रिबाकिना से फाइनल में होगी चौथी भिड़ंत
US Open के महिला सिंगल्स फाइनल में आर्यना सबालेंका और एलेना रिबाकिना आमने-सामने होंगी। दोनों खिलाड़ियों के लिए यह मुकाबला कई मायनों में महत्वपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया की धरती पर साल के पहले ग्रैंड स्लैम के फाइनल में आमने-सामने आने के बाद दोनों अब ग्रैंड स्लैम सीजन का समापन भी एक-दूसरे के खिलाफ करेंगी।
रिबाकिना ने इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में सबालेंका को हराकर खिताब जीता था। इसके बाद सबालेंका ने इंडियन वेल्स और मियामी में रिबाकिना को मात देकर हिसाब बराबर करने की कोशिश की। अब दोनों की 2026 में चौथी भिड़ंत US Open के फाइनल में होगी।
हालांकि, इस मुकाबले से पहले रैंकिंग का समीकरण सबालेंका के पक्ष में नहीं है। रिबाकिना पहले ही विश्व नंबर-1 स्थान हासिल करने की स्थिति में पहुंच चुकी हैं। सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही उन्होंने सबालेंका को पीछे छोड़ने की स्थिति सुनिश्चित कर ली थी।
99 हफ्ते की नंबर-1 बादशाहत का अंत तय
सबालेंका करीब 99 सप्ताह तक विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर रही हैं। US Open के फाइनल से पहले ही उन्हें पता है कि अब यह लंबा दौर समाप्त होने वाला है।
पूर्व ब्रिटिश नंबर-1 एनाबेल क्रॉफ्ट ने BBC Radio 5 Live पर इस स्थिति को सबालेंका के लिए अतिरिक्त प्रेरणा बताया। उनके मुताबिक रैंकिंग गंवाने की स्थिति सबालेंका को और अधिक आक्रामक होकर खेलने के लिए प्रेरित कर सकती है।
सबालेंका के कोच एंटोन डुब्रोव ने भी माना कि रैंकिंग का मुद्दा उनके लिए मानसिक रूप से ऊर्जा लेने वाला रहा है। हालांकि, अब रैंकिंग का फैसला हो जाने के बाद टीम इसे नकारात्मक के बजाय अतिरिक्त ईंधन के रूप में देख रही है।
डुब्रोव के मुताबिक अब सबालेंका को रैंकिंग के बारे में लगातार सोचने की जरूरत नहीं है और वह पूरी तरह अगले अध्याय पर ध्यान दे सकती हैं। उनका संदेश साफ है—अब फिर से लक्ष्य का पीछा करना है और खिताब के लिए पूरी ताकत लगानी है।
लगातार तीसरी बार US Open जीतने का मौका
सबालेंका इस फाइनल में केवल रिबाकिना से पिछली हार का बदला लेने के लिए नहीं उतरेंगी। उनके सामने इतिहास रचने का भी मौका है।
चार ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुकी सबालेंका न्यूयॉर्क में लगातार तीसरी बार महिला सिंगल्स खिताब जीतने वाली ओपन एरा की केवल तीसरी महिला खिलाड़ी बनने की कोशिश करेंगी।
2026 में अब तक उनका कोई ग्रैंड स्लैम खिताब नहीं आया है। इसलिए US Open जीतना उनके लिए इस सीजन का सबसे बड़ा पुरस्कार साबित हो सकता है।
सेमीफाइनल में अमेरिका की तीसरी वरीयता प्राप्त जेसिका पेगुला के खिलाफ सबालेंका का प्रदर्शन इस पूरे टूर्नामेंट में उनके सबसे प्रभावशाली प्रदर्शनों में से एक रहा। उन्होंने उस मुकाबले में उस आक्रामकता, आत्मविश्वास और स्वतंत्रता के साथ खेल दिखाया, जिसकी कमी पिछले कुछ महीनों में नजर आई थी।
खराब दौर के बावजूद टीम ने रखा भरोसा
US Open से पहले सबालेंका के खेल और मानसिक स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे थे। पिछले पांच महीनों में उन्होंने कई ऐसे मुकाबले गंवाए, जिनमें वह मजबूत स्थिति में थीं और जिनमें उनसे जीत की उम्मीद की जा रही थी।
फ्रेंच ओपन क्वार्टर फाइनल इसका सबसे बड़ा उदाहरण रहा। सबालेंका ने 25वीं वरीयता प्राप्त डायना श्नाइडर के खिलाफ एक सेट और डबल ब्रेक की मजबूत बढ़त हासिल कर ली थी। इसके बावजूद वह मुकाबला 3-6, 7-5, 6-0 से हार गईं।
क्ले कोर्ट सीजन में भी उनकी मानसिक एकाग्रता पर सवाल उठे। मैड्रिड में उन्होंने हेली बैप्टिस्ट के खिलाफ छह मैच प्वाइंट गंवाए। इसके बाद रोम में सोराना सिस्टीया के खिलाफ पहला सेट जीतने के बाद भी वह मुकाबला नहीं बचा सकीं।

नॉर्थ अमेरिकन हार्ड-कोर्ट सीजन में भी कमजोरी की झलक दिखाई दी। सिनसिनाटी ओपन में 20 वर्षीय चेक खिलाड़ी सारा बेजलेक के खिलाफ सबालेंका ने स्पष्ट बढ़त बनाई, लेकिन अंततः सीधे सेटों में मुकाबला हार गईं।
फिर भी उनकी टीम ने घबराहट नहीं दिखाई। हाई-परफॉर्मेंस कोच जेसन स्टेसी ने कहा कि ऐसे दौर को खेल का हिस्सा समझना जरूरी है। उनका मानना था कि सबालेंका को खुद बने रहने की आजादी देने और जरूरत के मुताबिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने से उन्हें अपनी ताकत वापस पाने में मदद मिल सकती है।
चोट के बाद रिबाकिना ने बदला रुख
रिबाकिना के लिए भी US Open की राह आसान नहीं रही। सिनसिनाटी क्वार्टर फाइनल के दौरान टखने में चोट लगने के बाद वह कई दिनों तक ठीक से चल भी नहीं पा रही थीं। ऐसे में उनके US Open में खेलने पर भी सवाल खड़े हो गए थे।
लेकिन 2022 विंबलडन चैंपियन ने न सिर्फ टूर्नामेंट में हिस्सा लिया, बल्कि शुरुआती चार मुकाबले बेहद प्रभावी तरीके से जीते। उनकी सर्विस ने विरोधियों को रैलियों में प्रवेश करने का पर्याप्त मौका नहीं दिया।
इसके बाद चीन की झेंग किनवेन और घरेलू पसंदीदा कोको गॉफ के खिलाफ जीत ने दिखाया कि रिबाकिना केवल अपनी सर्विस पर निर्भर नहीं हैं। उन्होंने बेसलाइन रैलियों और लंबे शारीरिक मुकाबलों में भी दबाव झेलने की क्षमता दिखाई।
क्रॉफ्ट ने रिबाकिना के बदलाव को उल्लेखनीय बताया। उनके मुताबिक चोट के बाद रिबाकिना ने टेनिस बॉल के साथ अभ्यास करने के बजाय अपनी टीम के साथ दूसरे पहलुओं पर काम किया। इसमें मानसिक तैयारी और बातचीत पर विशेष ध्यान शामिल रहा होगा।
दोनों खिलाड़ियों ने खत्म की शुरुआती चिंताएं
US Open से पहले सबालेंका और रिबाकिना दोनों अलग-अलग तरह की चिंताओं से जूझ रही थीं। सबालेंका के सामने फॉर्म और मानसिक मजबूती का सवाल था, जबकि रिबाकिना चोट से जूझ रही थीं।
लेकिन फाइनल तक पहुंचकर दोनों ने अपनी-अपनी चुनौतियों को पीछे छोड़ दिया है। इससे एक बार फिर यह स्पष्ट हुआ है कि मौजूदा WTA टूर पर दोनों सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल हैं।
इस साल के दोनों प्रमुख ग्रैंड स्लैम फाइनल में इन्हीं दोनों की मौजूदगी इस प्रतिद्वंद्विता को और खास बनाती है। ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद अब US Open का फाइनल भी इन्हीं के बीच खेला जाएगा।
सबालेंका बोलीं- जीत के लिए जो करना होगा, तैयार हूं
सबालेंका के लिए यह फाइनल रैंकिंग, पुरानी हार और इतिहास—तीनों का मिश्रण है। विश्व नंबर-1 स्थान अब रिबाकिना के पास जाना तय है, लेकिन सबालेंका के पास न्यूयॉर्क में लगातार तीसरी बार खिताब जीतकर सीजन का शानदार अंत करने का मौका है।
सबालेंका ने ग्रैंड स्लैम सीजन के आखिरी मुकाबले को लेकर कहा कि यह सीजन की अंतिम बड़ी कोशिश जैसा महसूस हो रहा है। उनका पूरा ध्यान अब मुकाबले के लिए तैयार रहने और जीत हासिल करने के लिए जरूरी हर चीज करने पर है।
रैंकिंग का दबाव अब भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन उसी ने सबालेंका को अतिरिक्त प्रेरणा भी दे दी है। दूसरी ओर रिबाकिना ऑस्ट्रेलियन ओपन की सफलता के बाद एक और बड़ा खिताब जीतने के इरादे से उतरेंगी। ऐसे में शनिवार का US Open फाइनल दोनों के लिए 2026 के ग्रैंड स्लैम अभियान का निर्णायक अध्याय बनने जा रहा है।











