उत्तराखंड के चंपावत जिले के टनकपुर में यूको बैंक के एक खाते में विभिन्न राज्यों से साइबर ठगी की रकम जमा होने का मामला सामने आया है। शुरुआती जांच में करीब ₹3.5 लाख के लेनदेन का पता चला है। पुलिस ने खाताधारक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चंपावत: उत्तराखंड के टनकपुर में पुलिस ने यूको बैंक के एक खाते का इस्तेमाल कथित साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के मामले में कार्रवाई की है। जांच के दौरान तेलंगाना, गुजरात, गुवाहाटी और जम्मू-कश्मीर से जुड़े लेनदेन सामने आए हैं। शुरुआती जांच में खाते में करीब साढ़े तीन लाख रुपये जमा होने की जानकारी मिली है। पुलिस ने खाताधारक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
यूको बैंक खाते में कई राज्यों से जमा हुई ठगी की रकम
चंपावत जिले के टनकपुर क्षेत्र में साइबर अपराध से जुड़ा मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस के अनुसार, स्थानीय यूको बैंक की टनकपुर शाखा में संचालित एक खाते का इस्तेमाल अलग-अलग राज्यों के लोगों से कथित तौर पर ठगी गई रकम जमा करने के लिए किया गया। इस संबंध में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज चार शिकायतों की जांच की गई थी।
कोतवाली टनकपुर में तैनात उपनिरीक्षक जितेंद्र सिंह बिष्ट को साइबर सेल चंपावत और संबंधित पोर्टल से प्राप्त शिकायतों की जांच सौंपी गई थी। जांच के दौरान सामने आया कि विभिन्न राज्यों में दर्ज साइबर धोखाधड़ी के मामलों से जुड़ी रकम बार-बार इसी बैंक खाते में ट्रांसफर की गई।
पुलिस के मुताबिक, तेलंगाना, गुजरात, गुवाहाटी और जम्मू-कश्मीर से इस खाते में लेनदेन हुआ। शुरुआती जांच में करीब साढ़े तीन लाख रुपये जमा होने की जानकारी मिली है। पुलिस अब इन लेनदेन के स्रोत और उनसे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
नौकरी और निवेश में भारी मुनाफे का दिया गया लालच
जांच में सामने आया कि साइबर ठग कथित तौर पर सोशल मीडिया, फोन कॉल और ऑनलाइन ऐप के माध्यम से लोगों को निशाना बनाते थे। लोगों को शेयर बाजार में अच्छा मुनाफा, नौकरी दिलाने या निवेश पर भारी रिटर्न देने का लालच देकर रकम ट्रांसफर कराई जाती थी।
पुलिस ने बैंक शाखा प्रबंधक से प्राप्त केवाईसी और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद खाताधारक की पहचान टनकपुर के ज्ञानखेड़ा निवासी दीपक सक्सेना, पुत्र पूरन सक्सेना, के रूप में की है। पुलिस का आरोप है कि खाते का इस्तेमाल साइबर अपराध से जुड़ी रकम प्राप्त करने के लिए किया गया।
इस मामले में खाताधारक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह धारा धोखाधड़ी करके संपत्ति या धन प्राप्त करने से संबंधित मामलों में लागू होती है। हालांकि, मामले में आरोपों की पुष्टि जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी।
पुलिस खंगाल रही अंतरराज्यीय साइबर नेटवर्क
टनकपुर के कोतवाल चेतन सिंह रावत के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है। विवेचना उपनिरीक्षक कुशल सिंह को सौंपी गई है। पुलिस लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड, बैंक दस्तावेजों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रकम किस तरह खाते तक पहुंची और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस बैंक अधिकारियों या कर्मचारियों की संभावित भूमिका की भी जांच कर रही है। फिलहाल उनकी संलिप्तता को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच का उद्देश्य इस मामले से जुड़े संभावित अंतरराज्यीय साइबर नेटवर्क की कड़ियों का पता लगाना है।
यह मामला ऑनलाइन निवेश, नौकरी और अधिक रिटर्न का लालच देकर की जाने वाली धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहने की जरूरत भी बताता है। किसी अनजान व्यक्ति या ऐप के कहने पर पैसे ट्रांसफर करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांचना जरूरी है। साइबर ठगी होने पर पीड़ितों को तुरंत अपने बैंक और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए।











