उत्तरकाशी में मौसम विभाग का रेड अलर्ट, गंगोत्री-यमुनोत्री यात्रा रोकी गई; बारिश के बीच यात्रियों की सुरक्षा पर फोकस

उत्तरकाशी में भारी बारिश के रेड अलर्ट के बीच गंगोत्री-यमुनोत्री यात्रा रोक दी गई प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मौसम साफ होने तक सतर्क रहने को कहा
उत्तरकाशी में मौसम विभाग का रेड अलर्ट, गंगोत्री-यमुनोत्री यात्रा रोकी गई; बारिश के बीच यात्रियों की सुरक्षा पर फोकस
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उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में मौसम के बिगड़ते मिजाज को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। मौसम विभाग की भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी के बीच गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया गया है। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं को मौसम साफ होने तक सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी है। प्रदेश में शनिवार और रविवार को कई जिलों में भारी से बहुत भारी और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हुआ है। शनिवार को बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंह नगर के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि देहरादून, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट है। रविवार को मौसम और अधिक सक्रिय रहने का अनुमान है। उस दिन देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी में रेड अलर्ट तथा उत्तरकाशी समेत कई पर्वतीय जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

उत्तरकाशी से गंगोत्री और बड़कोट से यमुनोत्री जाने वाले मार्गों पर भी मौसम की स्थिति को लेकर विशेष निगरानी रखी जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के चारधाम सेक्टर अपडेट में उत्तरकाशी-गंगोत्री और बड़कोट-यमुनोत्री सेक्टर में बारिश की संभावना दर्ज की गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश होने पर सड़क पर मलबा आने, भूस्खलन होने और यातायात प्रभावित होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यात्रा रोकने का उद्देश्य श्रद्धालुओं को संभावित जोखिम वाले मार्गों पर जाने से रोकना है।

चारधाम यात्रा के दौरान उत्तरकाशी जिले से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगोत्री और यमुनोत्री धाम पहुंचते हैं। सितंबर के अंतिम दिनों में यात्रा अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक मौसम खराब होने पर यात्रियों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रशासन की ओर से यात्रियों को मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने और बिना अनुमति या सुरक्षा आकलन के आगे नहीं बढ़ने की सलाह दी जा रही है।

मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के दौरान उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा ऊंचाई वाले इलाकों में 4,000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर बर्फबारी की भी संभावना बताई गई है। इस मौसम बदलाव को मानसून की विदाई से पहले सक्रिय हुए सिस्टम से जोड़कर देखा जा रहा है।

बारिश के दौरान सबसे ज्यादा चिंता पर्वतीय सड़कों को लेकर रहती है। उत्तराखंड में इस मानसून के दौरान कई सड़कों को नुकसान पहुंचने और जगह-जगह मार्ग बाधित होने की रिपोर्ट सामने आई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार मानसून के दौरान प्रदेश की 658 सड़कों को 2,034 स्थानों पर क्षति पहुंची है। टिहरी, चमोली और पौड़ी जैसे पर्वतीय जिलों में सड़क क्षति के कई मामले दर्ज किए गए हैं। ऐसी परिस्थितियों में चारधाम मार्गों पर यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हो जाता है।

उत्तरकाशी में यात्रा रोकने का असर उन श्रद्धालुओं पर भी पड़ रहा है जो गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए जिले में पहुंचे हैं। यात्रियों को मौसम में सुधार और प्रशासन से आगे की अनुमति मिलने का इंतजार करना होगा। यात्रा कब दोबारा शुरू होगी, यह स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए प्रशासन के निर्णय पर निर्भर करेगा।

चारधाम यात्रा को लेकर राज्य सरकार भी लगातार जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दे रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के जिलाधिकारियों तथा संबंधित विभागों को संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने और राहत-बचाव की व्यवस्थाएं तैयार रखने को कहा है। जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों को सक्रिय रखने और मौसम संबंधी चेतावनियों को स्थानीय स्तर तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

मौसम विभाग के चारधाम सेक्टर अपडेट में यात्रा मार्गों के लिए समय-समय पर अलग-अलग स्तर की बारिश और आंधी-तूफान संबंधी चेतावनियां जारी की जाती हैं। 26 सितंबर के शुरुआती अपडेट में उत्तरकाशी-गंगोत्री और उत्तरकाशी-बड़कोट सेक्टर में हल्की बारिश की संभावना दर्ज थी, जबकि प्रदेश के दूसरे पर्वतीय मार्गों पर भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी भी दी गई थी। बाद के मौसम पूर्वानुमान में अगले दो दिनों के दौरान उत्तरकाशी समेत पर्वतीय जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पहाड़ों में मौसम तेजी से बदल सकता है। किसी मार्ग पर बारिश कम होने के बावजूद ऊपर के इलाकों में हुई तेज बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है या सड़क पर मलबा आ सकता है। इसी वजह से प्रशासन यात्रा मार्गों की स्थिति और मौसम की चेतावनी को ध्यान में रखकर आवाजाही नियंत्रित कर रहा है। यात्रियों को भी स्थानीय प्रशासन की अनुमति और निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

फिलहाल उत्तरकाशी में मौसम की स्थिति को देखते हुए गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं को सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन का जोर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने और मौसम सामान्य होने के बाद ही यात्रा को आगे बढ़ाने पर है। मौसम विभाग की चेतावनी समाप्त होने और मार्ग सुरक्षित पाए जाने के बाद ही यात्रा को सामान्य रूप से शुरू करने का फैसला लिया जाएगा।

उत्तराखंड में मानसून की वापसी से पहले एक बार फिर सक्रिय हुए मौसम ने चारधाम यात्रा व्यवस्था के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। सरकार और प्रशासन की ओर से लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। मौसम विभाग की चेतावनी के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन, पुलिस और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने तथा जोखिम वाले रास्तों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।

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