केशव प्रसाद मौर्य ने खाद्य प्रसंस्करण विभाग को निर्देश दिया है कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण यूनिट स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जाए।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए नई पहल शुरू करने की तैयारी की है। राज्य के उपमुख्यमंत्री Keshav Prasad Maurya ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से जोड़ने के लिए एक स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाए।
यह निर्णय राज्य में ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने और महिला स्वावलंबन को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार चाहती है कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं छोटे स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण यूनिट लगाकर आय के नए स्रोत विकसित करें।
खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ेंगी समूह की महिलाएं
उपमुख्यमंत्री ने खाद्य प्रसंस्करण विभाग को निर्देश दिया कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें छोटे उद्योग स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके लिए विभागों के बीच समन्वय बनाकर एक विस्तृत SOP तैयार की जाएगी, ताकि योजना का लाभ अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए अलग से वार्षिक कैलेंडर तैयार किया जाए और इन कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाए, ताकि योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देश

यह निर्देश उपमुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में खाद्य प्रसंस्करण विभाग, ग्राम्य विकास विभाग और राष्ट्रीय एकीकरण विभाग के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं में भुगतान लंबित है, उन्हें नियमानुसार तुरंत जारी किया जाए। साथ ही, वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए उपलब्ध बजट का समय से उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्थिति में बजट की राशि लैप्स नहीं होनी चाहिए।
उपमुख्यमंत्री ने राज्य ग्राम्य विकास संस्थान को निर्देश दिया कि प्रदेश में हर महीने कम से कम एक लाख लोगों को प्रशिक्षण देने की क्षमता विकसित की जाए।उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए समयबद्ध कैलेंडर जारी किया जाए और प्रशिक्षणार्थियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। सरकार का लक्ष्य है कि प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
अन्य राज्यों की योजनाओं का अध्ययन
बैठक के दौरान यह भी निर्देश दिया गया कि राष्ट्रीय एकीकरण विभाग का एक दल हरियाणा भेजा जाए, जहां चल रही योजनाओं का अध्ययन किया जाएगा। इस अध्ययन के आधार पर उत्तर प्रदेश में भी नई योजनाओं को लागू करने की रणनीति तैयार की जाएगी। सरकार का मानना है कि अन्य राज्यों के सफल मॉडल को अपनाकर योजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़क निर्माण में नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने कहा कि बेहतर तकनीक के उपयोग से सड़कों की गुणवत्ता और टिकाऊपन दोनों में सुधार होगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलेगी।








