Uttrakhand: चमोली में फटा बादल, तीन गांव तबाह और 10 लोग लापता, राहत-बचाव अभियान जारी

Uttrakhand: चमोली में फटा बादल, तीन गांव तबाह और 10 लोग लापता, राहत-बचाव अभियान जारी

उत्तराखंड के चमोली में बादल फटने से तीन गांवों में भारी तबाही हुई। कई घर मलबे में दब गए और 10 लोग लापता हो गए। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत व बचाव कार्य में लगी हैं।

Uttarakhand Cloud Burst: उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदानगर घाट क्षेत्र में देर रात दो जगह बादल फटने की घटना हुई। भारी बारिश के बाद अचानक आई फ्लैश फ्लड ने तीन गांवों में बड़ी तबाही मचा दी। इस हादसे में कई घर मलबे में दब गए और अब तक 10 लोगों के लापता होने की पुष्टि हुई है।

सबसे ज्यादा प्रभावित गांव

इस आपदा से नंदानगर तहसील के कुन्तरी लगाफाली, सरपाणी और धुर्मा गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। कुन्तरी लगाफाली में छह घर पूरी तरह से मलबे में दब गए जबकि धुर्मा गांव में पांच घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। सरपाणी गांव में भी खेत-खलिहानों को भारी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों का कहना है कि रात में अचानक आई आपदा ने लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया।

लापता लोगों की संख्या बढ़ी

शुरुआत में तीन लोगों के लापता होने की खबर आई थी। लेकिन राहत कार्य बढ़ने के साथ यह संख्या बढ़कर 10 हो गई है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि वास्तविक आंकड़ा बचाव कार्य पूरा होने के बाद ही सामने आ पाएगा।

बचाव कार्य तेज

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम नंदप्रयाग पहुंच चुकी है और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम गोचर से घटनास्थल के लिए रवाना हो गई है। मेडिकल टीम भी मौके पर पहुंच गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अनुसार तीन एंबुलेंस घटनास्थल पर भेजी गई हैं ताकि घायलों को तुरंत इलाज मिल सके।

मलबे और मवेशियों का नुकसान

भारी बारिश से आए मलबे ने कई घर पूरी तरह ध्वस्त कर दिए। खेत और खलिहानों को भी नुकसान हुआ है। मवेशियों के हताहत होने की भी जानकारी मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि उनका जीवन-यापन करने का आधार पूरी तरह बर्बाद हो गया है।

बचाव दल के सामने चुनौतियां

लगातार बारिश और मलबे की वजह से राहत कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। कई जगह सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे रेस्क्यू टीमों को घटनास्थल तक पहुंचने में समय लग रहा है। फिर भी एसडीआरएफ और एनडीआरएफ लगातार फंसे और लापता लोगों को ढूंढने का प्रयास कर रही हैं।

इस हादसे ने गांव के लोगों को डरा दिया है। रात में तेज आवाज के साथ अचानक आया मलबा घरों को बहा ले गया। कई परिवार सुरक्षित जगहों पर शरण ले रहे हैं और प्रशासन से मदद की उम्मीद कर रहे हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, घनसाली, शिवपुरी, देवप्रयाग, ऋषिकेश, चंबा, मसूरी और धनोल्टी जैसे क्षेत्रों में गरज और तूफान के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में बादल फटने और फ्लैश फ्लड की घटनाएं मॉनसून में आम हो जाती हैं और इनसे बड़ा नुकसान होता है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खतरे वाले इलाकों से दूर रहें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें। राज्य सरकार ने भी राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से यह भी कहा गया है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी और लापता लोगों की तलाश जारी रहेगी।

Leave a comment