जम्मू-कश्मीर की त्रिकुटा पहाड़ियों में आज शंकराचार्य मंदिर का शिलान्यास किया जाएगा। 31.51 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट धार्मिक पर्यटन, स्थानीय रोजगार और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
Jammu-Kashmir: छह दशकों के इंतजार के बाद आज जम्मू-कश्मीर में ऐतिहासिक क्षण आने वाला है। लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा आज त्रिकुटा पहाड़ियों में श्री शंकराचार्य मंदिर का शिलान्यास करेंगे। यह मंदिर श्री माता वैष्णो देवी श्राइन के पास की पहाड़ियों में स्थित होगा, जहां पहले कभी इस प्रोजेक्ट का विचार 1967 में आया था। लगभग छह दशक बाद यह सपना अब हकीकत बनने जा रहा है।
मंदिर का महत्व और लोकेशन
श्री शंकराचार्य मंदिर कॉम्प्लेक्स आद्य शंकराचार्य को समर्पित होगा। यह जम्मू और कश्मीर के रियासी जिले की त्रिकुटा पहाड़ियों में स्थित होगा। इस इलाके में पहले से ही माता वैष्णो देवी मंदिर है, जो देशभर से लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। इस नए मंदिर का निर्माण क्षेत्रीय पर्यटन और धार्मिक महत्व को और बढ़ाने वाला है।
आधुनिकीकरण के साथ बड़े प्रोजेक्ट
अधिकारियों के अनुसार यह स्टेट-ऑफ-द-आर्ट मंदिर लेफ्टिनेंट गवर्नर के नेतृत्व में सोचा गया एक बड़ा प्रोजेक्ट है। इस मंदिर के साथ-साथ रियासी जिले में माता वैष्णो देवी के बेस कैंप कटरा में एक म्यूजियम बनाने का भी प्रस्ताव है। यह म्यूजियम पूरे भारत के प्रमुख देवी तीर्थ स्थलों की रिप्लिका और प्रतिनिधित्व वाली देवियों को दिखाएगा।

मंदिर प्रोजेक्ट में एक्सेस रोड, पब्लिक यूटिलिटीज़ और 50 कमर्शियल दुकानें बनाने की योजना भी शामिल है। इन दुकानों का उद्देश्य तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए सुविधाएं और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। मंदिर के निर्माण की अनुमानित लागत 31.51 करोड़ रुपये बताई गई है।
जमीन और MoU का विवरण
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) और संबंधित जमीन मालिकों के बीच 2025 में एक मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर साइन किया गया था। मंदिर का निर्माण जमीन मालिकों द्वारा दान की गई 41 कनाल जमीन पर होगा। यह जमीन मंदिर निर्माण के साथ-साथ मोटरेबल एक्सेस ट्रैक, तीर्थयात्रियों के लिए टॉयलेट और पानी के पॉइंट जैसी सुविधाओं के लिए भी दी गई है।
भक्तों के लिए लाभ
अधिकारियों ने कहा कि इस मंदिर प्रोजेक्ट से भक्तों के आध्यात्मिक अनुभव में काफी वृद्धि होगी। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं के कारण क्षेत्र में आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ेगी। इससे स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे। मंदिर और आसपास की सुविधाएं यह सुनिश्चित करेंगी कि तीर्थयात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित अनुभव मिले।
समुदाय का सहयोग
मंदिर प्रोजेक्ट का उद्देश्य सिर्फ धार्मिक महत्व बढ़ाना नहीं है, बल्कि स्थानीय समुदाय के समावेशी विकास पर भी ध्यान देना है। अधिकारियों ने कहा कि मंदिर के आसपास विकसित होने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। साथ ही स्थानीय लोगों की भागीदारी और सहयोग से यह धार्मिक केंद्र लंबे समय तक जीवंत और आकर्षक बना रहेगा।










