वाराणसी में बाढ़ के बाद गंगा घाटों और नदी की सफाई के लिए नमामि गंगे व नगर निगम ने अभियान तेज किया है। दशाश्वमेध घाट से एक टन से अधिक कचरा हटाया गया, जबकि पितृ पक्ष में स्वच्छता की अपील की गई।
वाराणसी: बाढ़ के बाद गंगा घाटों पर जमा सिल्ट, पूजा सामग्री और अन्य अवशेषों की सफाई के लिए नगर निगम और नमामि गंगे ने अभियान शुरू किया है। शुक्रवार को दशाश्वमेध घाट पर अभियान के दौरान गंगा से एक टन से अधिक कचरा निकाला गया। अधिकारियों और स्वयंसेवकों ने पितृ पक्ष के दौरान लोगों से घाटों और जलाशयों को साफ रखने में सहयोग की अपील की।
बाढ़ के बाद घाटों पर बढ़ी सफाई की जरूरत
वाराणसी में हाल की बाढ़ के बाद गंगा के घाटों पर बड़ी मात्रा में सिल्ट यानी गाद जमा हो गई है। इसके साथ ही पूजा सामग्री और बाढ़ के साथ बहकर आई कई अन्य चीजें भी नदी और घाटों के आसपास जमा हो गई हैं। इससे घाटों की व्यवस्था प्रभावित होने के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इसी स्थिति को देखते हुए नमामि गंगे और नगर निगम ने घाटों के साथ गंगा नदी में भी सफाई अभियान तेज किया है। स्वयंसेवकों की मदद से नदी में बहती और सतह पर तैरती सामग्री को बाहर निकाला जा रहा है।
दशाश्वमेध घाट से निकाला गया एक टन से ज्यादा कचरा
शुक्रवार को दशाश्वमेध घाट पर नगर निगम और नमामि गंगे की टीम ने विशेष सफाई अभियान चलाया। इस दौरान गंगा से एक टन से अधिक कचरा बाहर निकाला गया। अभियान में गंगा पुत्र के रूप में जाने जाने वाले स्वयंसेवकों ने भी हिस्सा लिया।
नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने बताया कि बाढ़ के बाद गंगा की तलहटी और सतही जल में कई तरह की चीजें पहुंच जाती हैं। इनकी समय पर सफाई जरूरी है, ताकि नदी के पानी और घाटों की स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिल सके।
नगर निगम और नमामि गंगे के आह्वान पर स्थानीय लोग भी सफाई अभियान में भाग ले रहे हैं। वॉलंटियर्स लोगों को नदी और घाटों पर कचरा नहीं डालने तथा स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
पितृ पक्ष में स्वच्छता का संदेश
पितृ पक्ष को देखते हुए अभियान के जरिए लोगों को गंगा घाटों और जलाशयों की स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया जा रहा है। राजेश शुक्ला ने लोगों से अपील की कि पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने के साथ गंगा और घाटों की सफाई का संकल्प भी लें।
उन्होंने इसे “स्वच्छता से पितरों को श्रद्धांजलि” के संदेश से जोड़ा और जनसामान्य से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
श्रमदान अभियान में राजेश शुक्ला के साथ प्रियंवदा दुबे, दिनेश चौधरी, सेवी देवी, लकी देवी, सीमा देवी, मोहन, गोपाल साहनी, महेंद्र साहनी और सुनील श्रीवास्तव समेत अन्य लोग शामिल रहे।
अभियान का उद्देश्य बाढ़ के बाद घाटों और गंगा में जमा कचरे व अवशेषों को हटाने के साथ श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण तैयार करना है। लगातार चल रहे सफाई प्रयासों के साथ स्थानीय स्तर पर गंगा स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।










