Vedanta Limited समूह की चार कंपनियों की लिस्टिंग के बाद इनकी परफॉर्मेंस और आउटलुक पर ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म्स की नजर बनी हुई है। इसी क्रम में Vedanta Aluminium के शेयरों को लेकर Kotak Institutional Equities और Citigroup ने अपनी-अपनी राय और विश्लेषण साझा किया है।
बिजनेस न्यूज़: एल्युमिनियम सेक्टर में संभावित तेजी और मजबूत फंडामेंटल्स को देखते हुए निवेशकों की नजर एक बार फिर Vedanta Aluminium के शेयरों पर टिक गई है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म्स कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज और सिटी (CITI) ने कंपनी के स्टॉक पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए ‘BUY’ रेटिंग दी है और इसके लिए ₹560 से ₹600 तक का टारगेट प्राइस तय किया है।
हालांकि 18 जून को कंपनी के शेयरों में करीब 3% की गिरावट देखने को मिली, लेकिन ब्रोकरेज रिपोर्ट्स ने लंबी अवधि के लिए मजबूत ग्रोथ की संभावना जताई है।
कोटक इंस्टीट्यूशनल का नजरिया: मजबूत ग्रोथ और लागत में कमी का फायदा
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के अनुसार वेदांता एल्युमिनियम इस समय सेक्टर की सबसे मजबूत कंपनियों में से एक है। इसके पीछे कई कारण बताए गए हैं, कंपनी की क्षमता विस्तार (capacity expansion) से FY2026–29 के बीच वॉल्यूम ग्रोथ लगभग 6% CAGR रहने की उम्मीद है। साथ ही, बॉक्साइट और कोयला खदानों के साथ बैकवर्ड इंटीग्रेशन से उत्पादन लागत में करीब $150 प्रति टन तक की कमी आ सकती है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वैश्विक एल्युमिनियम बाजार में सप्लाई की कमी और ऊंची कीमतें कंपनी की कमाई को और मजबूत कर सकती हैं। इसके साथ ही मजबूत फ्री कैश फ्लो (FCF) से कंपनी कर्ज घटाने और शेयरधारकों को बेहतर रिटर्न देने में सक्षम होगी। इन सभी फैक्टर्स को देखते हुए कोटक ने स्टॉक पर ₹600 का टारगेट प्राइस और BUY रेटिंग दी है।
CITI की रिपोर्ट: सप्लाई शॉर्टेज से बढ़ सकती है कीमतें
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ग्लोबल ब्रोकरेज CITI ने भी वेदांता एल्युमिनियम पर सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हुए BUY रेटिंग दी है और ₹560 का टारगेट प्राइस तय किया है। CITI के अनुसार आने वाले वर्षों में एल्युमिनियम की कीमतों में मजबूती देखने को मिल सकती है। अनुमान के मुताबिक CY27/28 में एल्युमिनियम की औसत कीमत $3,700 से $3,800 प्रति टन तक रह सकती है।
हालांकि हाल ही में अमेरिका-ईरान समझौते (US-Iran MoU) के बाद कीमतों में थोड़ी गिरावट आई है, लेकिन ब्रोकरेज का मानना है कि वैश्विक बाजार में एल्युमिनियम की सप्लाई डेफिसिट (कमी) बनी हुई है।
अगले 3–6 महीने में कीमतों में तेज़ी का अनुमान
CITI की रिपोर्ट के अनुसार आने वाले 3 से 6 महीनों में इन्वेंट्री तेजी से घट सकती है, जिससे कीमतें मौजूदा $3,400 प्रति टन से बढ़कर 15–20% ऊपर $4,000 प्रति टन तक जा सकती हैं। ब्रोकरेज का कहना है कि यह स्थिति वैश्विक स्तर पर एक बड़ा सप्लाई शॉक है। स्मेल्टर्स (smelters) को उत्पादन दोबारा शुरू करने में 6 से 18 महीने लग सकते हैं, जबकि इस दौरान डिमांड लगातार बढ़ती रहेगी।
ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के अनुसार वैश्विक स्तर पर एल्युमिनियम की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है, खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में इसके उपयोग के कारण। ऐसे में बढ़ते वॉल्यूम और कम लागत संरचना के साथ Vedanta Aluminium को आने वाले समय में मजबूत मुनाफा मिलने की संभावना है।








