विजय हजारे ट्रॉफी: वेंकटेश अय्यर बने मध्य प्रदेश के कप्तान, रजत पाटीदार की जगह मिली जिम्मेदारी

विजय हजारे ट्रॉफी से पहले मध्य प्रदेश क्रिकेट टीम में बड़ा बदलाव हुआ है। रजत पाटीदार की जगह वेंकटेश अय्यर को कप्तान बनाया गया है। जानिए पूरी खबर।

आईपीएल 2026 ऑक्शन के कुछ ही दिनों बाद वेंकटेश अय्यर को बड़ी जिम्मेदारी मिल गई है। खराब आईपीएल 2025 सीजन के बावजूद टीमों का उन पर भरोसा कायम दिख रहा है।

स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय क्रिकेट में घरेलू टूर्नामेंटों की अहम भूमिका हमेशा से रही है और अब विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 से पहले मध्य प्रदेश क्रिकेट में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। IPL 2026 ऑक्शन के कुछ ही दिनों बाद ऑलराउंडर वेंकटेश अय्यर को मध्य प्रदेश टीम का नया कप्तान नियुक्त किया गया है। वह इस प्रतिष्ठित वनडे टूर्नामेंट में रजत पाटीदार की जगह टीम की अगुवाई करेंगे। यह फैसला क्रिकेट गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

IPL 2026 ऑक्शन के बाद बढ़ा भरोसा

भले ही वेंकटेश अय्यर का IPL 2025 सीजन कुछ खास नहीं रहा हो, लेकिन फ्रेंचाइजी और चयनकर्ताओं का उन पर भरोसा कायम है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि IPL 2026 मिनी ऑक्शन में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने उन्हें 7 करोड़ रुपये में खरीदा। अय्यर के लिए गुजरात टाइटंस और लखनऊ सुपर जायंट्स ने भी बोली लगाई थी, जबकि उनकी पुरानी टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने 6.80 करोड़ रुपये तक दांव लगाया। 

अंततः RCB ने बाज़ी मार ली। ऑक्शन के तुरंत बाद उन्हें मध्य प्रदेश की कप्तानी सौंपा जाना यह दिखाता है कि घरेलू क्रिकेट में उनकी नेतृत्व क्षमता पर भरोसा किया जा रहा है।

विजय हजारे ट्रॉफी: वेंकटेश अय्यर बने मध्य प्रदेश के कप्तान, रजत पाटीदार की जगह मिली जिम्मेदारी

रजत पाटीदार की जगह कप्तानी, चौंकाने वाला फैसला

वेंकटेश अय्यर को कप्तान बनाए जाने का सबसे बड़ा पहलू यह है कि उन्होंने रजत पाटीदार की जगह ली है। पाटीदार ने हाल के वर्षों में न सिर्फ RCB को IPL 2025 का खिताब जिताया, बल्कि मध्य प्रदेश को भी घरेलू टूर्नामेंटों में मजबूत नेतृत्व दिया। उनकी कप्तानी में टीम ने रणजी ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन किया था। इसी कारण विजय हजारे ट्रॉफी से पहले पाटीदार का कप्तानी से हटना कई प्रशंसकों और विशेषज्ञों के लिए हैरान करने वाला फैसला माना जा रहा है।

मध्य प्रदेश की टीम हाल ही में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के सुपर लीग चरण तक पहुंची थी, हालांकि वह फाइनल में जगह नहीं बना सकी। इस टूर्नामेंट में वेंकटेश अय्यर ने 10 मैचों में 211 रन बनाए थे। भले ही यह प्रदर्शन असाधारण न रहा हो, लेकिन उनके अनुभव और ऑलराउंड क्षमता को कप्तानी के लिए अहम माना गया।

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