भारती एयरटेल ने मार्केट कैप के मामले में जियो प्लेटफॉर्म्स को पीछे छोड़ दिया है। जियो ने 28 अक्टूबर को लिस्टिंग के बाद दूसरा स्थान हासिल किया था, लेकिन नौ दिन में एयरटेल ने यह जगह वापस ले ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले नंबर पर बनी हुई है।
बिजनेस न्यूज़: टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारती एयरटेल ने शेयर बाजार में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनी बन गई है। शुक्रवार, 6 नवंबर को एयरटेल के शेयरों में करीब 2.5 प्रतिशत की तेजी आई, जिससे उसकी मार्केट वैल्यू जियो प्लेटफॉर्म्स से आगे निकल गई। खास बात यह है कि जियो ने महज नौ दिन पहले ही शेयर बाजार में लिस्ट होकर दूसरा स्थान हासिल किया था।
नौ दिन पहले जियो ने मारी थी बाजी, अब एयरटेल निकली आगे
भारतीय शेयर बाजार में दो बड़ी टेलीकॉम कंपनियों के बीच मार्केट वैल्यू को लेकर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। 28 अक्टूबर को मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स ने 30,213 करोड़ रुपये के IPO के बाद शेयर बाजार में कदम रखा था। लिस्टिंग के दिन कंपनी की वैल्यू इतनी बढ़ गई कि उसने भारती एयरटेल को पीछे छोड़ दिया।
लेकिन यह बढ़त ज्यादा समय तक नहीं टिक सकी। एयरटेल के शेयरों में खरीदारी बढ़ने और कंपनी के तिमाही नतीजे आने के बाद तस्वीर बदल गई। 6 नवंबर को NSE पर भारती एयरटेल का शेयर करीब 2.5 प्रतिशत चढ़कर 2,107 रुपये पर बंद हुआ। इससे कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 13,14,998 करोड़ रुपये पहुंच गया। दूसरी तरफ जियो प्लेटफॉर्म्स की मार्केट वैल्यू 12,95,158 करोड़ रुपये रही। इस तरह दोनों कंपनियों के बीच करीब 19,840 करोड़ रुपये का अंतर हो गया।
देश की सबसे बड़ी कंपनी कौन सी है?
मार्केट कैप के मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज अभी भी देश की सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी है। 6 नवंबर को इसकी मार्केट वैल्यू करीब 17,86,295 करोड़ रुपये रही। रिलायंस के बाद अब भारती एयरटेल दूसरे और जियो प्लेटफॉर्म्स तीसरे स्थान पर है। बैंकिंग सेक्टर की दिग्गज HDFC बैंक चौथे नंबर पर है। इसका मार्केट कैप करीब 12,16,460 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। वहीं, ICICI बैंक लगभग 11,28,302 करोड़ रुपये की वैल्यू के साथ पांचवें स्थान पर रहा।
इस रैंकिंग का आधार कंपनियों के शेयरों का बाजार मूल्य है। इसका मतलब यह नहीं है कि एयरटेल के ग्राहकों की संख्या जियो से ज्यादा हो गई है। यहां सिर्फ शेयर बाजार में कंपनियों की कुल वैल्यू की तुलना की गई है।
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एयरटेल के शेयरों में तेजी की क्या रही वजह?
एयरटेल की मार्केट वैल्यू बढ़ने के पीछे उसके बेहतर तिमाही नतीजों को अहम कारण माना जा रहा है। कंपनी ने गुरुवार, 5 नवंबर को वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए थे। जुलाई से सितंबर के बीच कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले करीब 31 प्रतिशत बढ़कर 8,887.5 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी ने 6,791.6 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था।
कंपनी के कुल कारोबार से होने वाली कमाई में भी सुधार आया है। सितंबर तिमाही में इसका रेवेन्यू बढ़कर 60,878 करोड़ रुपये हो गया। यह पिछले साल की तुलना में 16.7 प्रतिशत ज्यादा है। नतीजे आने के बाद निवेशकों ने एयरटेल के शेयरों में दिलचस्पी दिखाई, जिसका असर शुक्रवार को शेयर की कीमत पर देखने को मिला।
हर ग्राहक से एयरटेल की कमाई भी बढ़ी
एयरटेल के तिमाही नतीजों में एक और आंकड़ा खास रहा। कंपनी का प्रति ग्राहक औसत राजस्व यानी ARPU बढ़कर 271 रुपये प्रति महीना हो गया है। पिछले साल इसी तिमाही में यह 256 रुपये था। इसका मतलब है कि कंपनी अब अपने मोबाइल ग्राहकों से औसतन पहले से ज्यादा कमाई कर रही है। टेलीकॉम कंपनियों के लिए ARPU काफी महत्वपूर्ण होता है। इससे पता चलता है कि किसी कंपनी को हर ग्राहक से औसतन कितना पैसा मिल रहा है।
एयरटेल ने महंगे रिचार्ज प्लान, पोस्टपेड ग्राहकों की बढ़ती संख्या और डेटा इस्तेमाल में बढ़ोतरी के चलते इस आंकड़े में सुधार दर्ज किया है। भारत में कंपनी के मोबाइल कारोबार का रेवेन्यू भी सालाना आधार पर 10.1 प्रतिशत बढ़ा है।
मुनाफे के साथ कारोबार भी हुआ मजबूत
एयरटेल की ऑपरेटिंग कमाई में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई है। कंपनी का EBITDA सितंबर तिमाही में 35,240 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल इसी अवधि में यह 29,919 करोड़ रुपये था। इसमें 17.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। EBITDA से कंपनी के मुख्य कारोबार की कमाई का अंदाजा लगाया जाता है।
इसके अलावा एयरटेल ने अपनी नेटवर्क सेवाओं को बेहतर बनाने और नए ग्राहकों को जोड़ने पर भी निवेश बढ़ाया है। कंपनी ने सितंबर तिमाही में रिकॉर्ड 12 लाख नए पोस्टपेड ग्राहक जोड़े। इससे उसके पोस्टपेड ग्राहकों की कुल संख्या 3.12 करोड़ से अधिक हो गई।












