वीडियोकॉन के पूर्व मालिक वेणुगोपाल धूत दिवालिया घोषित, SBI का ₹12,668 करोड़ बकाया

Venugopal Dhoot News: वीडियोकॉन के पूर्व मालिक वेणुगोपाल धूत को NCLT ने दिवालिया घोषित किया है। SBI का उन पर ₹12,668 करोड़ बकाया है। जानें आगे क्या होगा।

NCLT ने वीडियोकॉन के पूर्व प्रमोटर वेणुगोपाल धूत को दिवालिया घोषित कर दिया है। SBI ने उन पर 12,668 करोड़ रुपये बकाया होने का दावा किया है। कर्ज चुकाने का प्रस्ताव खारिज होने के बाद अब उनकी संपत्तियों से वसूली की प्रक्रिया शुरू होगी।

बिजनेस न्यूज़: कभी इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में बड़ा नाम रहे वीडियोकॉन समूह के पूर्व प्रमोटर वेणुगोपाल धूत की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मुंबई बेंच ने गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को उन्हें दिवालिया घोषित कर दिया। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की याचिका पर यह फैसला सुनाया गया है। बैंक का दावा है कि धूत पर ब्याज और जुर्माने समेत 12,668 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम बकाया है। अब उनकी संपत्तियों से कर्ज वसूली की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

वेणुगोपाल धूत को दिवालिया क्यों घोषित किया गया?

वीडियोकॉन समूह के पूर्व प्रमोटर वेणुगोपाल नंदलाल धूत को NCLT की मुंबई बेंच ने व्यक्तिगत दिवालियापन मामले में बड़ा झटका दिया है। न्यायिक सदस्य विनय गोयल और तकनीकी सदस्य चरणजीत सिंह गुलाटी की पीठ ने SBI की याचिका स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया। यह मामला वीडियोकॉन समूह की कंपनियों को दिए गए बैंक लोन से जुड़ा है। 

धूत ने कंपनी के कई कर्जों के लिए व्यक्तिगत गारंटी दी थी। इसका मतलब था कि कंपनी लोन नहीं चुकाती है, तो बैंक गारंटी की शर्तों के अनुसार धूत से भी वसूली कर सकता है। वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज और उससे जुड़ी कंपनियों ने बैंकों से टर्म लोन और वर्किंग कैपिटल के लिए कर्ज लिया था। बाद में कंपनियां भुगतान करने में नाकाम रहीं। 

इसके चलते फरवरी 2018 में बैंकों ने धूत की व्यक्तिगत गारंटी लागू कर दी। वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के खिलाफ जून 2018 में कॉरपोरेट दिवालियापन प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसके बाद SBI ने धूत की व्यक्तिगत गारंटी के आधार पर अलग से कानूनी कार्रवाई शुरू की।

SBI का कितना पैसा बकाया है?

वीडियोकॉन के पूर्व मालिक वेणुगोपाल धूत दिवालिया घोषित, SBI का ₹12,668 करोड़ बकाया

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने ट्रिब्यूनल को बताया कि 30 सितंबर 2026 तक धूत से जुड़ा कुल बकाया 12,668.06 करोड़ रुपये पहुंच गया था। इसमें मूल कर्ज के साथ ब्याज और जुर्माना भी शामिल है। बैंक के दावे के मुताबिक, रुपये में दिए गए टर्म लोन से जुड़ा बकाया करीब 9,322.10 करोड़ रुपये है। वीडियोकॉन टेलीकम्युनिकेशंस से संबंधित कर्ज लगभग 1,437.76 करोड़ रुपये और वर्किंग कैपिटल से जुड़ी देनदारी करीब 1,908.19 करोड़ रुपये है।

इतनी बड़ी रकम की वसूली के लिए SBI ने दिवालियापन कानून के तहत ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाया था। NCLT ने मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद पाया कि बैंक की याचिका कानूनी शर्तों को पूरा करती है। इसके बाद धूत के खिलाफ दिवालियापन का आदेश जारी कर दिया गया।

600 करोड़ रुपये चुकाने का प्रस्ताव क्यों हुआ खारिज?

दिवालिया घोषित होने से पहले वेणुगोपाल धूत ने कर्जदाताओं को भुगतान करने की योजना पेश की थी। इसमें उन्होंने 36 महीने के भीतर 600 करोड़ रुपये लौटाने का प्रस्ताव दिया था। धूत की योजना पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में एक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट विकसित करने की थी। उनका कहना था कि इस प्रोजेक्ट से मिलने वाली कमाई के जरिए बैंकों का कुछ कर्ज चुकाया जाएगा।

हालांकि, कर्जदाताओं ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। इसकी बड़ी वजह थी कि भुगतान पूरी तरह भविष्य में बनने वाले प्रोजेक्ट और उससे होने वाली कमाई पर निर्भर था। प्रोजेक्ट के लिए जरूरी मंजूरियां मिलेंगी या नहीं, निर्माण कब पूरा होगा और उससे कितनी रकम आएगी, इन बातों को लेकर स्थिति साफ नहीं थी।

इसके अलावा धूत ने शुरुआत में कोई रकम जमा करने की पेशकश नहीं की थी। समाधान पेशेवर ने यह भी पाया कि प्रस्ताव तय कानूनी प्रक्रिया के अनुसार उनके परामर्श से तैयार नहीं किया गया था। इन्हीं वजहों से कर्जदाताओं ने भुगतान योजना मंजूर नहीं की। इसके बाद 17 जुलाई 2026 को NCLT ने प्रस्ताव खारिज करते हुए व्यक्तिगत कर्ज समाधान प्रक्रिया समाप्त कर दी।

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