महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने की तैयारी, 12 नवंबर से चलेगा विशेष अभियान

यूपी में हर 1000 पुरुष मतदाताओं पर 834 महिलाएं दर्ज हैं। 12 नवंबर से विशेष अभियान शुरू होगा। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता महिलाओं का पंजीकरण कराएंगी।

उत्तर प्रदेश में महिला और पुरुष मतदाताओं की संख्या के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। हर 1,000 पुरुष मतदाताओं पर केवल 834 महिलाएं दर्ज हैं। इस अंतर को कम करने के लिए 12 नवंबर से विशेष अभियान चलाया जाएगा।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मतदाता सूची को दुरुस्त करने की तैयारी शुरू हो गई है। चुनाव आयोग का ध्यान खासतौर पर उन महिलाओं और युवाओं पर है, जिनके नाम अभी तक वोटर लिस्ट में नहीं जुड़ पाए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सभी जिलों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से पात्र महिलाओं का पंजीकरण कराया जाएगा।

यूपी में पुरुषों के मुकाबले 1.21 करोड़ कम महिला वोटर

उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में महिलाओं की संख्या पुरुषों के मुकाबले काफी कम है। 7 अक्टूबर 2026 तक के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में करीब 13.47 करोड़ मतदाता दर्ज हैं। इनमें लगभग 7.34 करोड़ पुरुष और 6.13 करोड़ महिला मतदाता हैं। इसके अलावा 4,082 थर्ड जेंडर मतदाताओं के नाम भी सूची में शामिल हैं।

महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने की तैयारी, 12 नवंबर से चलेगा विशेष अभियान

इन आंकड़ों के मुताबिक, पुरुषों की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या करीब 1.21 करोड़ कम है। हर 1,000 पुरुष मतदाताओं पर केवल 834 महिलाएं दर्ज हैं। वर्ष 2025 की मतदाता सूची में यह अनुपात 877 था।

प्रदेश में महिलाओं की आबादी को देखते हुए चुनाव आयोग ने इस अंतर पर ध्यान दिया है। 2011 की जनगणना के अनुसार, उत्तर प्रदेश में हर 1,000 पुरुषों पर 912 महिलाएं थीं।

हालांकि, जनसंख्या के अनुपात और मतदाता सूची के आंकड़ों की सीधी तुलना नहीं की जा सकती। मतदाता बनने के लिए उम्र और दूसरी कानूनी शर्तें पूरी होना जरूरी है।

घर-घर जाकर महिलाओं के नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाए जाएंगे

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिन पात्र महिलाओं के नाम मतदाता सूची में नहीं हैं, उनकी पहचान की जाए।

इस काम में आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और महिला स्वयं सहायता समूहों का सहयोग लिया जाएगा। ये कार्यकर्ता अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर ऐसी महिलाओं की जानकारी जुटाएंगी, जो मतदान की पात्रता रखती हैं लेकिन अभी तक उनका नाम वोटर लिस्ट में दर्ज नहीं है।

इसके बाद संबंधित महिलाओं को फॉर्म-6 भरने में मदद दी जाएगी। यह फॉर्म नए मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होता है।

सरकार और चुनाव आयोग की कोशिश है कि जानकारी की कमी या दूसरी वजहों से पात्र महिलाओं का नाम मतदाता सूची में छूटने न पाए।

12 नवंबर से शुरू होगा मतदाता सूची का पुनरीक्षण

उत्तर प्रदेश में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी Special Summary Revision (SSR) 2027 की प्रक्रिया 12 नवंबर 2026 से शुरू होगी।

इस अभियान में एक जनवरी 2027 को अर्हता तिथि माना गया है। यानी उस तारीख तक 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले पात्र युवा मतदाता बनने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 12 नवंबर को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 11 दिसंबर तक नाम जोड़ने और सूची में सुधार से संबंधित दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी।

प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर तक किया जाना है। इसके बाद 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने का कार्यक्रम तय है।

18 से 19 साल के युवाओं के पंजीकरण पर भी जोर

महिलाओं के साथ पहली बार वोट डालने वाले युवाओं के पंजीकरण पर भी खास ध्यान दिया जाएगा।

प्रदेश में 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग की अनुमानित आबादी 84.47 लाख बताई गई है। इसके मुकाबले 7 अक्टूबर तक केवल 19.62 लाख युवा मतदाता सूची में दर्ज थे।

यह अंतर बताता है कि इस आयु वर्ग तक मतदाता पंजीकरण की जानकारी पहुंचाने की जरूरत है। हालांकि, पूरी अनुमानित आबादी को बिना जांच के अपंजीकृत पात्र मतदाता नहीं माना जा सकता।

युवाओं को जागरूक करने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और दूसरे शिक्षण संस्थानों में बने चुनावी साक्षरता क्लबों को सक्रिय किया जाएगा।

सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी इन क्लबों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर पात्र विद्यार्थियों का पंजीकरण कराने में सहयोग करेंगे।

इसके अलावा एनएसएस, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र और दूसरे युवा संगठनों की भी मदद लेने की योजना है।

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