AIADMK नेता सेल्लूर राजू ने अभिनेता विजय की राजनीति पर तंज कसते हुए कमल हासन का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि केवल लोकप्रियता से चुनाव नहीं जीते जाते और जनता अंततः काम व नीतियों के आधार पर फैसला करती है।
New Delhi: तमिलनाडु की राजनीति में जैसे ही आगामी विधानसभा चुनावों की आहट तेज हुई है, वैसे ही राजनीतिक बयानबाज़ी भी तीखी होती जा रही है। इसी कड़ी में अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (AIADMK) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सेल्लूर राजू ने अभिनेता से नेता बने विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) पर तीखा हमला बोला है। राजू ने विजय की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि विजय का हश्र अभिनेता कमल हासन जैसा नहीं होगा, जिन्हें अंततः एक सीट के लिए डीएमके (DMK) के साथ गठबंधन करना पड़ा।
कमल हासन का उदाहरण क्यों दे रही है AIADMK
सेल्लूर राजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ शब्दों में कहा कि तमिलनाडु में कई अभिनेताओं ने राजनीति में कदम रखा है, लेकिन हर किसी को जनता का स्थायी समर्थन नहीं मिल पाया। उन्होंने कमल हासन का जिक्र करते हुए कहा कि कमल हासन ने भी राजनीति में उतरते समय भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई और वैकल्पिक राजनीति का वादा किया था, लेकिन आज उन्हें एक सीट के लिए सत्तारूढ़ डीएमके से समझौता करना पड़ा।
राजू ने कहा कि विजय के लिए भी यही चेतावनी है कि केवल लोकप्रियता और स्टारडम (stardom) के सहारे राजनीति में लंबे समय तक टिके रहना आसान नहीं होता। जनता अंततः काम और नीतियों के आधार पर फैसला करती है, न कि फिल्मों की लोकप्रियता पर।
विजय की रैलियों में भीड़ पर सवाल
AIADMK नेता ने विजय की जनसभाओं में उमड़ने वाली भीड़ को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि विजय एक बड़े अभिनेता हैं और उनके करोड़ों प्रशंसक हैं, इसलिए उनकी रैलियों में भीड़ जुटना स्वाभाविक है। लेकिन यह भीड़ राजनीतिक समर्थन का पुख्ता सबूत नहीं मानी जा सकती।
राजू के मुताबिक जब कोई अभिनेता पहली बार या दूसरी बार जनता के बीच आता है, तो लोग उसे देखने के लिए बड़ी संख्या में जुटते हैं। लेकिन अगर वही अभिनेता लगातार तीसरी बार जनता से मिलने आता है, तब यह साफ हो जाता है कि भीड़ स्टारडम के कारण है या राजनीतिक विश्वास के कारण। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर विजय के साथ मशहूर कॉमेडियन वदिवेलु या अभिनेत्री नयनतारा भी मंच पर आ जाएं, तो भीड़ और ज्यादा बढ़ सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह भीड़ वोट में बदलेगी।
“राजनीति में नए हैं, जनता के लिए कुछ किया नहीं”
सेल्लूर राजू ने विजय को राजनीति में नया खिलाड़ी बताते हुए कहा कि उन्होंने अब तक जनता के लिए कोई ठोस काम नहीं किया है। न उन्होंने कोई चुनाव लड़ा है और न ही प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाई है। ऐसे में खुद को डीएमके का मुख्य विकल्प बताना जल्दबाजी है।
उन्होंने कहा कि राजनीति में केवल भाषण और रैलियां काफी नहीं होतीं। जमीन पर काम, संगठन और जनता के बीच भरोसा बनाना जरूरी होता है। AIADMK नेता के मुताबिक उनकी पार्टी और गठबंधन वर्षों से राज्य की राजनीति में सक्रिय है और जनता के मुद्दों पर लगातार काम कर रहा है।
विजय का दावा और AIADMK की प्रतिक्रिया

हाल ही में अभिनेता विजय ने दावा किया था कि आगामी विधानसभा चुनाव में मुकाबला सिर्फ उनकी पार्टी टीवीके और डीएमके के बीच होगा। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सेल्लूर राजू ने कहा कि किसी भी पार्टी की असली ताकत का फैसला जनता करती है, न कि खुद को घोषित करने से।
उन्होंने कहा कि AIADMK जमीन पर मजबूत है और आगामी चुनाव में AIADMK के नेतृत्व वाला गठबंधन ही जीत दर्ज करेगा। राजू ने यह भी कहा कि उन्हें विजय के हर बयान का जवाब देना जरूरी नहीं लगता, क्योंकि वह अभी राजनीति की शुरुआती अवस्था में हैं।
ऑडियो लॉन्च कार्यक्रम का जिक्र
AIADMK नेता ने मलेशिया में हुए विजय के एक ऑडियो लॉन्च कार्यक्रम का भी जिक्र किया, जहां विजय ने अपने प्रशंसकों से पूछा था कि क्या उन्हें फिल्मों में काम करना जारी रखना चाहिए या नहीं। प्रशंसकों ने उन्हें सिनेमा जारी रखने की सलाह दी और विजय ने जवाब में कहा था कि “देखते हैं”।
राजू ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि लोग शायद विजय को एक अभिनेता के रूप में देखने आते हैं, न कि एक राजनेता के रूप में सुनने। राजनीति में गंभीरता और स्पष्टता जरूरी होती है, जो केवल फिल्मों की लोकप्रियता से नहीं आती।
BJP के साथ गठबंधन की अटकलें
टीवीके और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संभावित गठबंधन को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी AIADMK नेता ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह फैसला पूरी तरह से संबंधित दलों का है, लेकिन विजय ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि उनकी विचारधारा क्या है और वे जनता के लिए क्या करना चाहते हैं।
राजू ने सावधानी बरतते हुए कहा कि बिना स्पष्ट एजेंडा और जमीन पर काम के किसी भी गठबंधन से चुनावी सफलता मिलना मुश्किल होता है।
तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता बनाम संगठन
तमिलनाडु की राजनीति में एमजीआर और जयललिता जैसे उदाहरण रहे हैं, जिन्होंने अभिनय से राजनीति तक का सफर तय किया और मजबूत संगठन खड़ा किया। AIADMK नेता का कहना है कि केवल अभिनेता होना काफी नहीं है, बल्कि संगठन, नीति और प्रशासनिक अनुभव भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि AIADMK एक कैडर बेस्ड पार्टी है, जिसकी जड़ें गांव और शहर दोनों में मजबूत हैं। वहीं टीवीके अभी शुरुआती दौर में है और उसे लंबा रास्ता तय करना है।
AIADMK का चुनावी दावा
सेल्लूर राजू ने पूरे भरोसे के साथ कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में AIADMK के नेतृत्व वाला गठबंधन जीत दर्ज करेगा। उन्होंने कहा कि जनता अब भावनात्मक नारों से आगे बढ़कर स्थिरता, विकास और सुशासन चाहती है।
उनका दावा है कि DMK की नीतियों से जनता असंतुष्ट है और TVK अभी उस स्तर पर नहीं पहुंची है कि वह मुख्य मुकाबले में शामिल हो सके।











