दिल्ली में 14 दिसंबर को होने वाली कांग्रेस की “वोट चोर-गद्दी छोड़” महारैली से पहले राजस्थान कांग्रेस ने जयपुर में रणनीतिक बैठक कर SIR प्रक्रिया और बूथ तैयारी की समीक्षा की। गहलोत, पायलट, डोटासरा और रंधावा ने संभावित मतदाता नाम कटौती को लेकर गंभीर चिंता जताई।
राजस्थान कांग्रेस ने दिल्ली में होने वाली प्रस्तावित महारैली से पहले SIR प्रक्रिया और बूथ-स्तरीय तैयारियों की समीक्षा के लिए जयपुर में महत्वपूर्ण बैठक की। इसमें अशोक गहलोत, सचिन पायलट, गोविंद सिंह डोटासरा और प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा शामिल हुए। नेताओं ने आशंका जताई कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में मतदाता प्रपत्र “अनकलेक्टेड” दिखाए गए हैं, जिससे लाखों नाम सूची से हटाए जाने की संभावना है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि BJP और चुनाव आयोग मिलकर कांग्रेस समर्थक बूथों पर प्रभाव डालने का प्रयास कर रहे हैं। नेताओं ने बीएलए को अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर हर मतदाता की जांच और दस्तावेज़ सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यह केवल अभियान नहीं, बल्कि लोकतंत्र बचाने की लंबी लड़ाई है।
महारैली से पहले रणनीति तेज
कांग्रेस ने “वोट चोर-गद्दी छोड़” रैली को सफल बनाने के लिए संगठनात्मक तैयारी पर जोर दिया। जयपुर में हुई बैठक में बूथ प्रबंधन, मतदाता सूची और SIR प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा की गई।
SIR प्रक्रिया पर चिंता, लाखों नाम हटने की आशंका
नेताओं ने बताया कि पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में प्रपत्र “अनकलेक्टेड” पाए गए हैं। इससे कांग्रेस को आशंका है कि मतदाता सूची से लाखों नाम हट सकते हैं, जो चुनावी परिणामों को प्रभावित करेगा।
BJP-EC पर कांग्रेस का आरोप
डोटासरा ने कहा कि BJP कांग्रेस समर्थक समुदायों को निशाना बनाकर बूथों पर प्रभाव डालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बीएलए को फील्ड में सक्रिय रहकर हर मतदाता की जांच करने को कहा, ताकि नाम कटने से रोका जा सके।
गहलोत-पायलट-रंधावा बोले—यह लोकतंत्र की लड़ाई
गहलोत ने कहा कि देश का लोकतंत्र खतरे में है और सभी कांग्रेसजनों को एकजुट रहना होगा। रंधावा ने इसे लंबी लड़ाई बताया, जबकि पायलट ने चेताया कि अगर नाम हटे तो चुनाव की विश्वसनीयता ही खत्म हो जाएगी।










