War 2 का हिस्सा बनने वाली थीं अनुप्रिया गोयनका, किरदार हटने के बाद हुईं बाहर; बोलीं- अब सोच-समझकर चुनती हूं काम

अनुप्रिया गोयनका ने बताया कि वह War 2 का हिस्सा बनने वाली थीं, लेकिन उनका किरदार हटने के बाद वह फिल्म से बाहर हो गईं। एक्ट्रेस ने कहा कि अब वह अपने प्रोजेक्ट्स

सिनेमा जगत में कलाकारों के लिए लगातार अपनी पसंद का काम हासिल करना आसान नहीं होता। ऐसे में कलाकार खुद को समय के साथ अपडेट रखने के लिए नई चीजें सीखते रहते हैं और अपनी कार्यशैली में भी बदलाव करते हैं।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: अभिनेत्री अनुप्रिया गोयनका ने हाल ही में अपनी फिल्मी यात्रा और फिल्मों के चयन को लेकर खुलकर बात की। 'टाइगर जिंदा है', 'पद्मावत' और 'वॉर' जैसी चर्चित फिल्मों में काम कर चुकीं अभिनेत्री ने बताया कि वह ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर स्टारर 'वॉर 2' का हिस्सा बनने वाली थीं, लेकिन बाद में कहानी में उनके किरदार के लिए जगह नहीं बची। इसके चलते वह फिल्म का हिस्सा नहीं बन सकीं।

अनुप्रिया गोयनका का कहना है कि 'वॉर 2' से बाहर होना उनके किसी फैसले का परिणाम नहीं था। उनके मुताबिक, फिल्म की कहानी में बदलाव के दौरान उनके किरदार की जरूरत खत्म हो गई। अभिनेत्री ने यह भी बताया कि अब वह अपने करियर में ऐसे प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दे रही हैं, जिनमें उनके किरदार की कहानी में महत्वपूर्ण भूमिका हो।

'वॉर 2' में नहीं बन पाई किरदार की जगह

अनुप्रिया गोयनका इससे पहले 2019 में रिलीज हुई फिल्म 'वॉर' में नजर आई थीं। इस फिल्म में ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला और यह बॉक्स ऑफिस पर भी सफल रही। हालांकि, जब इसके अगले भाग 'वॉर 2' की योजना बनी, तो अनुप्रिया को उम्मीद थी कि वह फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनी रहेंगी। लेकिन अभिनेत्री के अनुसार, बाद में फिल्म की कहानी में ऐसा बदलाव हुआ कि उनके किरदार के लिए जगह नहीं रही।

अपने अनुभव के बारे में बात करते हुए अनुप्रिया ने कहा कि वह 'वॉर 2' का हिस्सा बनने वाली थीं, लेकिन बाद में कुछ परिस्थितियां बदलीं और कहानी में उनके पात्र की भूमिका नहीं बची। उन्होंने इसे किसी व्यक्तिगत निर्णय के बजाय प्रोजेक्ट से जुड़ा बदलाव बताया।

बड़े बजट की फिल्मों से दूरी का क्या है कारण?

अनुप्रिया गोयनका ने यह भी स्पष्ट किया कि बड़े बजट की फिल्मों से दूरी बनाना उनका कोई पूर्व नियोजित फैसला नहीं था। उनके अनुसार, करियर में काम का चुनाव हमेशा किसी तय रणनीति के तहत नहीं होता। कई बार परिस्थितियां और मिलने वाले अवसर अपने आप कलाकार के करियर की दिशा तय करते हैं।अभिनेत्री ने अपने करियर के शुरुआती दौर में कई बड़े प्रोजेक्ट्स में काम किया। 

'टाइगर जिंदा है', 'पद्मावत' और 'वॉर' जैसी फिल्मों में उन्हें महत्वपूर्ण भूमिकाएं मिलीं। उनका मानना है कि इन फिल्मों में उनके किरदार केवल नाम के लिए नहीं थे, बल्कि कहानी में उनकी अपनी अहमियत थी।

बड़ी फिल्मों में महिला कलाकारों के लिए चुनौती

अनुप्रिया ने बड़े बजट की फिल्मों में महिला कलाकारों के किरदारों को लेकर भी अपनी राय साझा की। उनका कहना है कि किसी अभिनेत्री के लिए बड़े व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स में बार-बार मजबूत और प्रभावशाली भूमिकाएं हासिल करना आसान नहीं है, खासकर तब जब वह फिल्म की केंद्रीय नायिका न हों।उनके मुताबिक, इंडस्ट्री में अब भी कई बड़े प्रोजेक्ट्स में महिला किरदारों को सीमित दायरे में लिखा जाता है। उन्होंने कहा कि 'टाइगर जिंदा है', 'पद्मावत' और 'वॉर' में उनके किरदार अच्छे थे, लेकिन हर बड़े बजट की फिल्म में इसी स्तर की भूमिका मिलना मुश्किल है।

अब ऐसे किरदार चाहती हैं अनुप्रिया

अभिनेत्री ने अपने मौजूदा करियर को लेकर कहा कि अब वह किसी भी फिल्म या सीरीज का हिस्सा बनने से पहले अपने किरदार को ध्यान से समझती हैं। वह ऐसे रोल करना चाहती हैं, जिनका कहानी पर वास्तविक प्रभाव हो और जिनके बिना फिल्म की कहानी अधूरी महसूस हो। अनुप्रिया के लिए अब केवल किसी बड़े बैनर या बड़े बजट वाली फिल्म का हिस्सा बनना पर्याप्त नहीं है। वह ऐसे प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता देना चाहती हैं, जहां उनके किरदार को कहानी में उचित स्थान और गहराई मिले।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें स्वतंत्र और छोटे स्तर के प्रोजेक्ट्स में काम करने का अनुभव पसंद आ रहा है। ऐसे प्रोजेक्ट्स में कलाकारों को अक्सर कहानी और किरदार के साथ अधिक रचनात्मक स्वतंत्रता मिलती है।

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