WhatsApp Restricted Chat फीचर की टेस्टिंग, लिंक्ड डिवाइसेज और चैट एक्सपोर्ट पर लगेगी रोक

WhatsApp Restricted Chat फीचर की टेस्टिंग कर रहा है। इससे चैट मीडिया सेव, एक्सपोर्ट, Meta AI और लिंक्ड डिवाइसेज से चैट एक्सेस पर रोक लगेगी।

WhatsApp कथित तौर पर Restricted Chat फीचर की टेस्टिंग कर रहा है। इसके तहत चैट मीडिया सेव करने, चैट एक्सपोर्ट, Meta AI और लिंक्ड डिवाइसेज से बातचीत एक्सेस करने पर रोक लगाई जा सकेगी।

Tech: Meta का मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp एक नए Restricted Chat फीचर की टेस्टिंग कर रहा है, जिसका मकसद यूजर्स को बातचीत पर ज्यादा कंट्रोल देना है। WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार, यह फीचर पुराने Advanced Chat Privacy विकल्प का नया नाम हो सकता है। इसे फिलहाल चुनिंदा Android बीटा टेस्टर्स के लिए रोलआउट किया जा रहा है।

Advanced Chat Privacy का बदलेगा नाम

WhatsApp अपने प्राइवेसी फीचर्स में लगातार बदलाव कर रहा है। इसी कड़ी में कंपनी कथित तौर पर मौजूदा Advanced Chat Privacy फीचर को नए नाम Restricted Chat के साथ पेश करने की तैयारी कर रही है। WABetaInfo की रिपोर्ट के मुताबिक, नए नाम के साथ इस फीचर में कुछ अतिरिक्त प्राइवेसी और सिक्योरिटी लिमिटेशन्स भी शामिल की जा रही हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, यह बदलाव इसलिए भी किया जा सकता है ताकि फीचर के नाम को लेकर यूजर्स के बीच होने वाले कन्फ्यूजन को कम किया जा सके। कुछ यूजर्स को मौजूदा नाम से ऐसा लग सकता है कि इस फीचर को एक्टिवेट नहीं करने पर उनकी चैट की प्राइवेसी कम हो जाती है। फिलहाल Restricted Chat को चुनिंदा Android बीटा यूजर्स के साथ टेस्ट किया जा रहा है।

चैट पर लागू होंगे कई तरह के Restrictions

Restricted Chat को चैट इन्फो स्क्रीन के जरिए एक्टिवेट किया जा सकता है। इसे ऑन करने के बाद किसी खास चैट पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए जा सकेंगे। सामने वाला यूजर चैट में मौजूद मीडिया को अपने फोन में ऑटोमैटिकली सेव नहीं कर पाएगा। इसके साथ ही वह उस बातचीत को एक्सपोर्ट करने में भी सक्षम नहीं होगा।

इस फीचर के जरिए चैट में Meta AI के इस्तेमाल को भी सीमित किया जा सकेगा। यानी Restricted Chat एक्टिवेट होने के बाद सामने वाला व्यक्ति उस बातचीत के साथ Meta AI का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।

Linked Devices से भी चैट एक्सेस पर रोक

इस फीचर की सबसे अहम खासियत लिंक्ड डिवाइसेज को लेकर बताई जा रही है। Restricted Chat एक्टिव होने के बाद सामने वाला यूजर WhatsApp Web, टैबलेट या दूसरे लिंक्ड डिवाइस के जरिए उस बातचीत को एक्सेस नहीं कर सकेगा।

WABetaInfo द्वारा शेयर किए गए WhatsApp बीटा Android ऐप के डिस्क्रिप्शन के अनुसार, यह बदलाव बातचीत में शामिल लोगों को चैट एक्सेस करने के लिए अनऑफिशियल क्लाइंट्स या AI एजेंट्स का इस्तेमाल करने से रोकने में मदद कर सकता है। ऐसे कई अनऑफिशियल टूल्स बातचीत तक पहुंच बनाने के लिए लिंक्ड डिवाइसेज पर निर्भर हो सकते हैं।

मैसेज प्राइमरी डिवाइस तक रहेंगे सीमित

Restricted Chat को एक्टिवेट करने के बाद चैट के मैसेज दोनों यूजर्स के प्राइमरी डिवाइसेज तक सीमित रहेंगे। इससे बातचीत को दूसरे डिवाइसेज या बाहरी टूल्स के जरिए एक्सेस करने की संभावनाओं को सीमित किया जा सकेगा।

यह फीचर WhatsApp के मौजूदा एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के अलावा एक अतिरिक्त प्राइवेसी लेयर के तौर पर काम कर सकता है। हालांकि, चूंकि यह अभी टेस्टिंग में है, इसलिए इसके अंतिम फीचर्स और उपलब्धता में बदलाव संभव है।

WhatsApp में दूसरे बदलावों पर भी काम

WhatsApp इसके अलावा अपने इंटरफेस में भी बदलावों की टेस्टिंग कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी बिना टेक्स्ट लेबल वाले बॉटम नेविगेशन बार के नए डिजाइन पर काम कर रही है। इससे ऐप का इंटरफेस ज्यादा क्लीन दिखाई दे सकता है और इसका लुक iPhone जैसा होने की संभावना है।

इससे पहले WhatsApp ने टीन अकाउंट्स के लिए पैरेंटल कंट्रोल्स भी पेश किए हैं। इनका उद्देश्य माता-पिता को बच्चों के WhatsApp इस्तेमाल पर अतिरिक्त सेफ्टी गार्ड्स और एक्सेस लिमिटेशन उपलब्ध कराना है।

Leave a comment