मुंबई एयरपोर्ट के 60 साल पुराने T1 का होगा रीडेवलपमेंट, कुछ उड़ानें नवी मुंबई होंगी शिफ्ट

मुंबई एयरपोर्ट के 60 साल पुराने T1 का जनवरी 2027 से रीडेवलपमेंट होगा। कुछ उड़ानें नवी मुंबई शिफ्ट होंगी, क्षमता 33% बढ़ेगी।

अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स जनवरी 2027 से मुंबई एयरपोर्ट के 60 साल पुराने T1 का चरणबद्ध रीडेवलपमेंट शुरू करेगी। काम के दौरान कुछ उड़ानों को अस्थायी रूप से नवी मुंबई एयरपोर्ट पर शिफ्ट किया जा सकता है।

मुंबई: अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड जनवरी 2027 से मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 60 साल पुराने टर्मिनल 1 का चरणबद्ध रीडेवलपमेंट शुरू करेगी। स्ट्रक्चरल सेफ्टी को देखते हुए पहले चरण में T1B के नॉर्थ सेक्शन को हटाया जाएगा। कंपनी के मुताबिक, इस दौरान एयरपोर्ट के करीब 91% पैसेंजर ट्रैफिक पर असर नहीं पड़ेगा और कुछ उड़ानों को अस्थायी रूप से नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शिफ्ट करने का विकल्प दिया जाएगा।

जनवरी 2027 से शुरू होगा मुंबई एयरपोर्ट T1 का रीडेवलपमेंट

अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) द्वारा संचालित मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) जनवरी 2027 से मुंबई एयरपोर्ट के 60 साल पुराने टर्मिनल 1 का चरणबद्ध तरीके से रीडेवलपमेंट शुरू करने जा रहा है। यह फैसला टर्मिनल की स्ट्रक्चरल सेफ्टी को लेकर लंबे समय से बनी चिंताओं के बाद लिया गया है। अप्रैल में टर्मिनल 1 में आग लगने की घटना के बाद इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर चिंता और बढ़ गई थी। ऐसे में पुराने टर्मिनल में जरूरी बदलाव करना प्राथमिकता बन गया है।

रीडेवलपमेंट के पहले चरण में टर्मिनल 1B के नॉर्थ सेक्शन को हटाया जाएगा। यह हिस्सा T1 की कुल क्षमता का लगभग एक-तिहाई है। बड़े स्तर पर होने वाले इस निर्माण का के बावजूद AAHL का कहना है कि मुंबई एयरपोर्ट के सालाना 55 मिलियन यात्रियों में से लगभग 91% पैसेंजर ट्रैफिक पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

पहले चरण के दौरान करीब 5 मिलियन यात्री प्रति वर्ष यानी लगभग 9% कुल ट्रैफिक को ऑपरेशनल बदलावों का सामना करना पड़ सकता है। कंपनी की कोशिश है कि रीडेवलपमेंट के दौरान फ्लाइट ऑपरेशन और यात्रियों की आवाजाही पर कम से कम असर पड़े।

कुछ उड़ानें नवी मुंबई एयरपोर्ट पर हो सकती हैं शिफ्ट

फ्लाइट शेड्यूल को सुचारू बनाए रखने के लिए AAHL एयरलाइंस को अपने कुछ ऑपरेशन अस्थायी रूप से नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शिफ्ट करने का विकल्प दे रहा है। इसका उद्देश्य मुंबई एयरपोर्ट के T1 पर निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों को होने वाली परेशानी को कम करना है।

AAHL के CEO अरुण बंसल ने यात्रियों की सुरक्षा को सबसे महत्वपूर्ण बताया है। उनके अनुसार, नवी मुंबई एयरपोर्ट पर ऑपरेशन ले जाना एक अस्थायी ऑपरेशनल व्यवस्था होगी। इसका मतलब यह नहीं है कि मुंबई एयरपोर्ट का मुख्य ट्रैफिक स्थायी रूप से नवी मुंबई एयरपोर्ट पर शिफ्ट किया जा रहा है।

इस व्यवस्था से उन एयरलाइंस को भी अपने शेड्यूल को मैनेज करने में मदद मिल सकती है, जिनकी उड़ानें रीडेवलपमेंट के पहले चरण से प्रभावित हो सकती हैं।

नवी मुंबई एयरपोर्ट देगा एयरलाइंस को इंसेंटिव

नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने एयरलाइंस और यात्रियों के लिए कई फाइनेंशियल इंसेंटिव की पेशकश की है। नई इंटरनेशनल उड़ानों के लिए लैंडिंग फीस पर 100% की छूट दी जाएगी। इसके अलावा इंटरनेशनल यात्रियों को कैश वाउचर देने की भी व्यवस्था की गई है।

इन इंसेंटिव का उद्देश्य दोनों एयरपोर्ट के बीच यूजर डेवलपमेंट फीस यानी UDF में मौजूद अंतर को संतुलित करना है। इससे एयरलाइंस के लिए कुछ ऑपरेशन को अस्थायी रूप से नवी मुंबई ले जाना अधिक सुविधाजनक हो सकता है।

रीडेवलपमेंट के बाद 33% बढ़ेगी T1 की क्षमता

रीडेवलपमेंट पूरा होने के बाद मुंबई एयरपोर्ट के मॉडर्न टर्मिनल 1 की पैसेंजर हैंडलिंग क्षमता में 33% की बढ़ोतरी होगी। मौजूदा क्षमता 15 mppa से बढ़कर 20 mppa हो जाएगी। यानी भविष्य में टर्मिनल हर साल अधिक यात्रियों को संभाल सकेगा।

मुंबई एयरपोर्ट और नवी मुंबई एयरपोर्ट को एक-दूसरे के पूरक एविएशन हब के रूप में विकसित करने की योजना है। दोनों एयरपोर्ट के बीच बेहतर तालमेल से मुंबई की कमर्शियल और रीजनल ट्रांसपोर्ट जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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