अमेरिकी सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी Sabrina Gonzalez Pasterski अपनी असाधारण उपलब्धियों के कारण चर्चा में हैं। 14 साल की उम्र में विमान उड़ाने से लेकर MIT और हार्वर्ड तक का सफर तय करने वाली सबरीना को आज कई लोग 'अगली आइंस्टीन' कह रहे हैं।
Sabrina Pasterski Success Story: अमेरिकी वैज्ञानिक Sabrina Gonzalez Pasterski का नाम इन दिनों दुनिया की सबसे प्रतिभाशाली युवा वैज्ञानिकों में लिया जा रहा है। बचपन से विज्ञान के प्रति उनका जुनून, कम उम्र में विमान बनाना, प्रतिष्ठित संस्थानों में शोध और ब्रह्मांड से जुड़े जटिल सवालों पर काम करने की वजह से उन्हें कई लोग 'अगली आइंस्टीन' के रूप में देख रहे हैं।
कौन हैं Sabrina Gonzalez Pasterski?

Sabrina Gonzalez Pasterski एक अमेरिकी सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी (Theoretical Physicist) हैं। उनका जन्म 3 जून 1993 को अमेरिका के शिकागो, इलिनोइस में हुआ था। उनकी मां क्यूबा-अमेरिकी और पिता पोलिश-अमेरिकी हैं। बचपन से ही उनकी रुचि गणित, विज्ञान और इंजीनियरिंग में थी। आज वह कनाडा के प्रतिष्ठित Perimeter Institute for Theoretical Physics में रिसर्च फैकल्टी के रूप में कार्यरत हैं और आधुनिक भौतिकी के सबसे कठिन विषयों पर शोध कर रही हैं।
14 साल की उम्र में बनाया और उड़ाया अपना विमान
जिस उम्र में अधिकांश बच्चे स्कूल की पढ़ाई और खेलकूद में व्यस्त रहते हैं, उस समय सबरीना ने अपने पिता के गैरेज में एक सिंगल-इंजन विमान बनाना शुरू कर दिया था। उन्होंने 12 वर्ष की उम्र में Zenith CH 601 XL एयरक्राफ्ट की असेंबली शुरू की और 14 वर्ष की उम्र में उसे पूरा करके सफलतापूर्वक उड़ाया।
कम उम्र में इस उपलब्धि ने उन्हें वैज्ञानिक समुदाय और शिक्षा जगत में अलग पहचान दिलाई। यही कारण है कि उनकी प्रतिभा की तुलना अक्सर अल्बर्ट आइंस्टीन जैसे महान वैज्ञानिकों से की जाती है।
MIT ने पहले किया इंतजार, फिर खुद दिया दाखिले का प्रस्ताव
साल 2010 में Sabrina ने Massachusetts Institute of Technology (MIT) में दाखिले के लिए आवेदन किया था, लेकिन शुरुआत में उन्हें वेटिंग लिस्ट में रखा गया। बाद में उन्होंने अपने बनाए विमान का वीडियो संस्थान को भेजा।
उनकी प्रतिभा से प्रभावित होकर MIT ने बीच सेशन में ही उन्हें प्रवेश का प्रस्ताव दिया। इसके बाद उन्होंने मात्र तीन वर्षों में 5.0 के परफेक्ट ग्रेड के साथ अपनी बैचलर डिग्री पूरी की। वह लगभग दो दशकों में MIT के फिजिक्स विभाग में टॉप करने वाली पहली महिला बनीं और प्रतिष्ठित Orloff Scholarship हासिल करने वाली पहली महिला भी रहीं।
हार्वर्ड से PhD और बड़े ऑफर भी किए अस्वीकार
MIT के बाद Sabrina ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी Andrew Strominger के मार्गदर्शन में PhD पूरी की। उनकी प्रतिभा को देखते हुए NASA, Blue Origin और Brown University जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं ने उन्हें आकर्षक अवसर दिए।
रिपोर्ट्स के अनुसार, Brown University ने उन्हें लगभग 1.1 मिलियन डॉलर के पैकेज पर असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि Sabrina ने इन अवसरों को स्वीकार करने के बजाय 2021 में कनाडा के Perimeter Institute for Theoretical Physics में रिसर्च का रास्ता चुना।
क्यों कहा जा रहा है 'अगली आइंस्टीन'?
Sabrina Pasterski की रिसर्च ब्रह्मांड के सबसे जटिल सवालों पर केंद्रित है। वह ब्लैक होल, क्वांटम ग्रेविटी, स्पेस-टाइम और ब्रह्मांड की उत्पत्ति जैसे विषयों पर काम कर रही हैं। उन्होंने Celestial Holography Initiative की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य क्वांटम मैकेनिक्स और गुरुत्वाकर्षण के बीच संबंध को बेहतर तरीके से समझना है।
इस रिसर्च प्रोग्राम को 2023 में Simons Foundation से 8 मिलियन डॉलर की ग्रांट मिली। इस परियोजना में हार्वर्ड, ऑक्सफोर्ड, कैम्ब्रिज और Institute for Advanced Study जैसे विश्वस्तरीय संस्थानों के वैज्ञानिक भी शामिल हैं।
हालांकि उन्हें "अगली आइंस्टीन" कहा जाता है, लेकिन यह एक लोकप्रिय उपाधि है, कोई आधिकारिक वैज्ञानिक सम्मान नहीं। उनकी पहचान उनके मौलिक शोध, असाधारण उपलब्धियों और आधुनिक भौतिकी में योगदान के कारण लगातार मजबूत होती जा रही है।













