वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट में पाकिस्तान जीत की मजबूत स्थिति में होने के बावजूद बड़ी हार का सामना करना पड़ा। 211 रन के अपेक्षाकृत आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और पूरी टीम सिर्फ 120 रन पर ऑलआउट हो गई।
स्पोर्ट्स न्यूज़: पाकिस्तान क्रिकेट टीम को वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में ऐसी हार का सामना करना पड़ा, जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी। 211 रन के अपेक्षाकृत आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की पूरी टीम मात्र 120 रन पर सिमट गई और मेजबान वेस्टइंडीज ने मुकाबला 90 रन से अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने न केवल शानदार वापसी की, बल्कि टेस्ट क्रिकेट में अपने संघर्ष और जुझारूपन का भी बेहतरीन उदाहरण पेश किया।
मैच के चौथे दिन तक पाकिस्तान मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा था। उसके गेंदबाजों ने दूसरी पारी में वेस्टइंडीज को कम स्कोर पर रोक दिया था और ऐसा लग रहा था कि टीम आसानी से लक्ष्य हासिल कर लेगी। लेकिन अंतिम पारी में बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और जीत हाथ से निकल गई।
पहली पारी में वेस्टइंडीज ने बनाई मजबूत बढ़त
टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 311 रन बनाए। टीम के बल्लेबाजों ने शुरुआती झटकों के बावजूद उपयोगी साझेदारियां कीं और पाकिस्तान के सामने प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। जवाब में पाकिस्तान की पहली पारी 282 रन पर समाप्त हुई। हालांकि वह वेस्टइंडीज के स्कोर के करीब पहुंच गया, लेकिन 29 रन की बढ़त मेजबान टीम के खाते में रही। इस बढ़त ने मैच को संतुलित बनाए रखा और दूसरी पारी को निर्णायक बना दिया।
पाकिस्तान के गेंदबाजों ने दिलाई वापसी
दूसरी पारी में पाकिस्तान के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास ने बेहतरीन लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट झटके। उनके अलावा खुर्रम शहजाद और मोहम्मद अली ने दो-दो विकेट लेकर वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी को ज्यादा देर टिकने नहीं दिया। वेस्टइंडीज दूसरी पारी में 181 रन पर ऑलआउट हो गई। इसके बाद पाकिस्तान को जीत के लिए 211 रन का लक्ष्य मिला। टेस्ट क्रिकेट के लिहाज से यह लक्ष्य चुनौतीपूर्ण तो था, लेकिन असंभव नहीं माना जा रहा था।

आसान लक्ष्य के सामने बिखर गई पाकिस्तान की बल्लेबाजी
211 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही। दोनों सलामी बल्लेबाज जल्दी पवेलियन लौट गए। आजान अवेस और इमाम-उल-हक केवल तीन-तीन रन बनाकर आउट हो गए, जिससे टीम दबाव में आ गई। इसके बाद तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए बाबर आजम ने एक छोर संभालने की कोशिश की, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे। कप्तान शान मसूद केवल तीन रन बना सके, जबकि सलमान अली आगा बिना खाता खोले आउट हो गए। विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान भी केवल 11 रन ही जोड़ सके।
मध्यक्रम के बल्लेबाज भी जिम्मेदारी निभाने में असफल रहे। आमिर जमाल शून्य पर आउट हुए और अली उस्मान भी केवल दो रन बना सके। लगातार विकेट गिरने से पाकिस्तान की रन गति भी प्रभावित हुई और टीम मैच में वापसी नहीं कर सकी।
बाबर आजम का संघर्ष नहीं आया काम
जब पूरी टीम संघर्ष कर रही थी, तब बाबर आजम ने धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी करते हुए एक छोर संभाले रखा। उन्होंने नाबाद 58 रन बनाए और अंत तक आउट नहीं हुए। हालांकि दूसरे बल्लेबाजों से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। दिलचस्प बात यह रही कि पाकिस्तान की पारी की सबसे बड़ी साझेदारी अंतिम विकेट के लिए बनी। बाबर आजम और मोहम्मद अब्बास ने दसवें विकेट के लिए 49 रन जोड़े। इससे हार का अंतर जरूर कम हुआ, लेकिन टीम को जीत तक पहुंचाने के लिए यह पर्याप्त नहीं था।
जायडेन सील्स बने जीत के हीरो
वेस्टइंडीज की जीत में तेज गेंदबाज जायडेन सील्स ने सबसे अहम भूमिका निभाई। उन्होंने पाकिस्तान की बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह ध्वस्त करते हुए पांच विकेट अपने नाम किए। उनकी सटीक गेंदबाजी के सामने पाकिस्तान के बल्लेबाज टिक नहीं सके। 41वें ओवर में सील्स ने मोहम्मद अब्बास को आउट कर पाकिस्तान की पारी समाप्त की। इसके साथ ही उन्होंने अपना पांचवां विकेट भी पूरा किया और वेस्टइंडीज को 90 रन की शानदार जीत दिलाई।











