Women’s Hockey World Cup 2026: रानी रामपाल को भारत से बड़ी उम्मीदें, बोलीं- कंसिस्टेंसी रही तो टीम करेगी शानदार प्रदर्शन

Women’s Hockey World Cup 2026 से पहले रानी रामपाल ने भारतीय टीम से उम्मीदें जताई हैं। उन्होंने कहा कि अगर टीम में कंसिस्टेंसी रही तो भारत शानदार प्रदर्शन कर

विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप का आगाज 15 अगस्त से होने जा रहा है। इस बड़े टूर्नामेंट से पहले भारतीय महिला हॉकी टीम की तैयारियों और उसकी संभावनाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय महिला हॉकी टीम आगामी महिला हॉकी विश्व कप में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद के साथ मैदान पर उतरेगी। टूर्नामेंट 15 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। भारतीय टीम की तैयारियों और विश्व कप में उसके प्रदर्शन की संभावनाओं को लेकर पूर्व कप्तान रानी रामपाल ने भरोसा जताया है। उनका मानना है कि मौजूदा टीम में अनुभव और युवा प्रतिभा का अच्छा संतुलन है, जो भारत को बड़े टूर्नामेंट में मजबूत दावेदार बना सकता है।

रानी रामपाल ने कहा कि भारतीय टीम हालिया मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन कर रही है और नेशंस कप से लौटने के बाद खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। उनके मुताबिक टीम के पास अनुभवी खिलाड़ियों के साथ कई प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी भी हैं। ऐसे में अगर टीम पूरे टूर्नामेंट में निरंतरता बनाए रखने में सफल रहती है, तो उसके पास अच्छा प्रदर्शन करने का मजबूत मौका है।

अनुभव और युवा खिलाड़ियों का संतुलन अहम

रानी रामपाल के मुताबिक भारतीय महिला हॉकी टीम का मौजूदा संयोजन काफी संतुलित है। टीम में ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय हॉकी का लंबा अनुभव है, जबकि कुछ युवा खिलाड़ी पहली बार विश्व कप जैसे बड़े मंच पर उतरने जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बड़े टूर्नामेंट में अनुभव बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि खिलाड़ियों को सिर्फ विपक्षी टीम से नहीं बल्कि दबाव और उम्मीदों से भी मुकाबला करना पड़ता है। 

भारतीय टीम दो बार ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुकी है और एक बार चौथे स्थान तक पहुंची है। इस अनुभव का फायदा मौजूदा टीम को विश्व कप में मिल सकता है।

विदेशी कोचिंग स्टाफ से भी फायदा

रानी रामपाल ने टीम की तैयारियों में विदेशी कोचिंग स्टाफ की भूमिका को भी अहम बताया। उनके अनुसार लंबे समय से टीम के साथ जुड़े कोच ने खिलाड़ियों को बड़े टूर्नामेंट की चुनौतियों के लिए तैयार किया है। भारतीय टीम को हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक मुकाबले खेलने का मौका मिला है। अर्जेंटीना जैसे मजबूत हॉकी देश में खेलने के अलावा टीम ने विश्व कप से पहले जर्मनी में भी मुकाबले खेले हैं। इस तरह का अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर खिलाड़ियों को अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने और दबाव संभालने का अनुभव देता है।

कप्तान सलीमा टेटे समेत इन खिलाड़ियों पर नजर

रानी रामपाल ने भारतीय टीम के कई खिलाड़ियों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कप्तान सलीमा टेटे के अनुभव को टीम के लिए उपयोगी बताया। इसके अलावा सुनीता, नमिता और सुशीला चानू जैसी अनुभवी खिलाड़ियों से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। वहीं, युवा खिलाड़ियों में इशिका और साक्षी पर भी नजर रहेगी। दोनों के लिए यह पहला विश्व कप होगा। रानी के मुताबिक युवा खिलाड़ियों में प्रतिभा है और अगर वे बड़े मंच के दबाव को संभालने में सफल रहती हैं तो टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

इंग्लैंड, चीन और दक्षिण अफ्रीका से कड़ी चुनौती

विश्व कप के ग्रुप चरण में भारत के सामने इंग्लैंड, चीन और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमें होंगी। रानी रामपाल का मानना है कि विश्व कप जैसे टूर्नामेंट में किसी भी टीम को कमजोर समझना बड़ी गलती हो सकती है। उन्होंने कहा कि चीन के खिलाफ मुकाबला कड़ा रहने की उम्मीद है। इंग्लैंड के खिलाफ भारत पहले भी प्रतिस्पर्धी मुकाबले खेल चुका है, जबकि दक्षिण अफ्रीका अपनी फिटनेस और तेज खेल के लिए जानी जाती है। इसलिए भारत को ग्रुप के हर मुकाबले में पूरी गंभीरता और तैयारी के साथ उतरना होगा।

पूरे टूर्नामेंट में कंसिस्टेंसी सबसे जरूरी

रानी रामपाल ने भारतीय टीम के लिए सबसे महत्वपूर्ण मंत्र कंसिस्टेंसी को बताया। उनका कहना है कि सिर्फ एक-दो मैचों में अच्छा प्रदर्शन करना पर्याप्त नहीं होगा। विश्व कप जैसे लंबे टूर्नामेंट में हर मैच और हर क्वार्टर महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने टीम को अपनी ताकत पर भरोसा रखने और पूरे मुकाबले में फोकस बनाए रखने की सलाह दी। 

खास तौर पर किसी भी क्वार्टर में ढील न देने पर जोर दिया गया। अगर भारतीय खिलाड़ी लगातार एक स्तर का प्रदर्शन करने में सफल रहती हैं, तो टीम के पास टूर्नामेंट में आगे बढ़ने का अच्छा मौका रहेगा।

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