WTC में बदला नियम बना आफत: जिम्बाब्वे के ब्रायन बैनेट 7 दिन के लिए हुए बाहर, जानें वजह

World Test Championship 2025: WTC के नए नियमों ने जिम्बाब्वे के ब्रायन बैनेट को 7 दिन टीम से बाहर किया। कनकशन प्रोटोकॉल के कारण मुश्किलें बढ़ीं, जानें पूरी खबर

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के नए सत्र की शुरुआत हो चुकी है, और इसके साथ ही आईसीसी के नए नियमों का असर भी मैदान पर दिखने लगा है। दरअसल, साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे के बीच खेले जा रहे टेस्ट मैच के दौरान जिम्बाब्वे के ओपनर बल्लेबाज ब्रायन बैनेट के सिर पर गेंद लग गई। 

स्पोर्ट्स न्यूज़: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के नए सीजन की शुरुआत के साथ ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने कई नए नियम लागू किए हैं, जिनमें से एक नियम जिम्बाब्वे के युवा बल्लेबाज ब्रायन बैनेट के लिए मुसीबत बनकर आया। दरअसल, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले जा रहे टेस्ट मुकाबले में बैनेट के सिर पर गेंद लगने के बाद उन्हें कनकशन (सिर में हल्का आघात) हुआ। टीम मैनेजमेंट ने एहतियातन उन्हें रिटायर्ड हर्ट किया और उनकी जगह प्रिंस मसवउरे को सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान में उतारा।

यह घटना जिम्बाब्वे की पहली पारी के छठे ओवर में घटी, जब दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज क्वेना मफाका की शॉर्ट गेंद पर ब्रायन बैनेट ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद सीधे उनके हेलमेट से टकरा गई। गेंद लगते ही बैनेट घुटनों पर बैठ गए, जिसके बाद फिजियो तुरंत मैदान पर पहुंचे और उनका प्राथमिक इलाज किया गया।

WTC में बदला नियम बना आफत: जिम्बाब्वे के ब्रायन बैनेट 7 दिन के लिए हुए बाहर, जानें वजह

कुछ मिनट बाद बैनेट ने खुद को ठीक महसूस किया और फिर से बल्लेबाजी जारी रखी। उन्होंने 7वें ओवर में तीन गेंदें भी खेलीं, लेकिन जैसे ही 8वां ओवर शुरू हुआ, उन्होंने असहज महसूस किया और तुरंत मैदान छोड़ दिया। बाद में जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड ने बयान जारी कर बताया कि मेडिकल स्टाफ की जांच में कनकशन के लक्षण पाए गए, जिसके कारण बैनेट को पवेलियन लौटना पड़ा।

ICC का नया कनकशन नियम बना सिरदर्द

ICC ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 चक्र से कनकशन प्रोटोकॉल में अहम बदलाव किया है। नए नियम के मुताबिक, यदि किसी खिलाड़ी को कनकशन के चलते मैदान से बाहर जाना पड़े और उसकी जगह रिप्लेसमेंट खिलाड़ी उतारा जाए, तो वह खिलाड़ी कम से कम 7 दिनों तक किसी भी फॉर्मेट का क्रिकेट नहीं खेल सकता। इसका मतलब है कि ब्रायन बैनेट अब अगले 7 दिनों तक मैदान से बाहर रहेंगे, भले ही वह फिट महसूस करें।

इससे पहले पुराने नियमों में कनकशन ग्रस्त खिलाड़ी फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद अगले ही मैच में वापसी कर सकता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों की सुरक्षा और सिर की चोटों को गंभीरता से लेना है। हालांकि, इसका खामियाजा फिलहाल जिम्बाब्वे को भुगतना पड़ रहा है क्योंकि टीम के ओपनर बल्लेबाज बैनेट अच्छी लय में थे और 28 गेंदों में 19 रन बनाकर टीम को ठोस शुरुआत दिलाने की कोशिश कर रहे थे।

ब्रायन बैनेट के बाहर होने से जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी कमजोर हो गई, और प्रिंस मसवउरे पर दबाव बढ़ गया। मसवउरे को अचानक मैदान में उतरना पड़ा, जो शायद मानसिक रूप से तैयार नहीं थे, जिससे टीम की लय भी प्रभावित हुई।

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टीम पर पड़ा गहरा असर

जिम्बाब्वे के लिए यह नियम किसी सजा से कम साबित नहीं हुआ क्योंकि टीम प्रबंधन को भरोसा था कि बैनेट जल्दी रिकवर होकर अगले टेस्ट में खेल पाएंगे। लेकिन 7 दिन का प्रतिबंध लगने के बाद न सिर्फ मौजूदा टेस्ट, बल्कि अगले मुकाबले में भी उनकी उपलब्धता संदिग्ध हो गई है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि नए कनकशन नियम भले ही खिलाड़ियों की सेहत के लिहाज से बेहतर हों, लेकिन जब अचानक किसी अहम खिलाड़ी को लंबे समय तक बाहर बैठना पड़े तो टीम कॉम्बिनेशन बिगड़ सकता है।

जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड ने भी इसे चुनौतीपूर्ण बताया और कहा कि वे ICC के दिशा-निर्देशों का सम्मान करते हैं, लेकिन भविष्य में ऐसे नियमों के लचीलेपन पर विचार किया जाना चाहिए, ताकि खिलाड़ी की फिटनेस के आधार पर उसकी वापसी तय की जा सके।

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