2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं ने भारत की कूटनीति और वैश्विक प्रभाव को मजबूत किया। उन्होंने यूरोप, अफ्रीका, एशिया और अमेरिका के कई देशों का दौरा किया, द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मंचों पर भारत के हितों को सशक्त किया और व्यापार, सुरक्षा, ऊर्जा व तकनीक सहयोग बढ़ाया। BRICS, SCO और G20 में भारत की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
Modi’s 2025 Foreign Diplomacy: इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की विदेश नीति को मजबूती देने के लिए विश्व भर के देशों का दौरा किया। फरवरी से दिसंबर तक उन्होंने यूरोप, अफ्रीका, एशिया और अमेरिका में कई देशों का दौरा किया, जहां व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और तकनीक सहयोग पर चर्चा की गई। इन यात्राओं का मकसद BRICS, SCO और G20 जैसे बहुपक्षीय मंचों में भारत की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करना और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना था।
पहले छः महीने यूरोप से अफ्रीका तक सक्रिय कूटनीति
पहले हिस्से में मोदी ने फरवरी से जून के बीच कई प्रमुख देशों का दौरा किया। साल की शुरुआत उन्होंने फ्रांस और अमेरिका यात्राओं से की, जहाँ दोनों देशों के नेताओं से व्यापार, रक्षा, तकनीक और रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा हुई।
मार्च में उन्होंने मॉरीशस का दौरा किया, दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा और आर्थिक भागीदारी के मुद्दों पर सहमति बनी। इसके बाद अप्रैल में सऊदी अरब, थाईलैंड और श्रीलंका की यात्राओं के दौरान क्षेत्रीय सहयोग और ऊर्जा सुरक्षा पर बातचीत हुई।
जून में मोदी पहली बार साइप्रस और क्रोएशिया जैसे यूरोपीय देशों का दौरा भी कर चुके हैं, इसके अलावा कनाडा में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने पर बात हुई।

ग्लोबल साउथ और बहुपक्षीय मंचों पर भारत का प्रभाव
जुलाई 2025 में पीएम मोदी ने एक लंबी बहु‑देशीय यात्रा की, जिसमें घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राज़ील और नामीबिया शामिल थे। इस दौरे का सबसे बड़ा मकसद BRICS Summit 2025 में भारत की सक्रिय भागीदारी और अफ्रीका‑अमेरिका महाद्वीपों में संबंधों को मजबूत करना था।
23 से 26 जुलाई को उन्होंने यूनाइटेड किंगडम और मालदीव की भी यात्रा की, जहां व्यापार, रक्षा और सांस्कृतिक सहयोग जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई। इसके बाद अगस्त‑सितंबर में जापान और चीन की यात्राओं में SCO (Shanghai Cooperation Organisation) तथा वार्षिक द्विपक्षीय शिखर बैठकों में भाग लिया गया।
दुनिया के प्रमुख समूह और G20 में भारत की भूमिका
नवंबर में प्रधानमंत्री मोदी दक्षिण अफ्रीका गए, जहां उन्होंने G20 शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया और वैश्विक आर्थिक तथा सामरिक मुद्दों पर विचार साझा किए।
वर्ष के अंतिम चरण में मोदी ने जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान का दौरा किया। जॉर्डन में किंग अब्दुल्ला II से मुलाक़ात के दौरान आतंकवाद, कृषि, नागरिक परमाणु सहयोग और सुरक्षा जैसे आठ प्रमुख एजेंडों पर चर्चा हुई, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा मिली।
यात्रा के दौरान इथियोपिया में उन्होंने संसद को संबोधित किया और भारत‑अफ्रीका साझेदारी पर ज़ोर दिया, जबकि ओमान में दोनों देशों ने Free Trade Agreement (FTA) समेत आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।












