यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बीएसपी ने तैयारी तेज कर दी है। मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक में संगठन मजबूत करने, बहुजन हितैषी विकास और रोजगार पर जोर दिया और कार्यकर्ताओं को निष्ठा से काम करने को कहा।
UP Politics: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने अपनी तैयारियां पूरी ताकत से शुरू कर दी हैं। बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने मंगलवार, 31 मार्च को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में यूपी स्टेट और जिला पदाधिकारियों की बैठक की। इस बैठक में संगठन की जमीनी मजबूती, आर्थिक स्थिति और आगामी चुनाव की रणनीति पर चर्चा की गई।
मायावती ने दिया साफ संदेश
बीएसपी प्रमुख मायावती ने बैठक में स्पष्ट किया कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में आपराधिक तत्वों को टिकट नहीं देगी। उन्होंने कहा कि जनता वर्तमान सरकार की उदासीनता और नीतियों से परेशान है और बीएसपी से उम्मीद लगाए हुए है। मायावती ने कार्यकर्ताओं को पूरी निष्ठा, मेहनत और ईमानदारी के साथ काम करने के निर्देश दिए।
मायावती ने प्रदेश की बड़ी समस्याओं में रोटी-रोजी, महंगाई और बेरोजगारी को प्रमुख माना। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता सिर्फ नारा नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे जमीन पर लागू किया जाना जरूरी है। उनका मानना है कि विकास केवल कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि सर्वजन हिताय होना चाहिए।
बहुजन हितैषी विकास पर जोर
मायावती ने कहा कि देश और प्रदेश में वर्तमान समय में विकास केवल कुछ सत्ताधारी लोगों के हाथों में सीमित है। उन्होंने यह सवाल उठाया कि क्या केवल कुछ मुट्ठी भर लोगों के विकास से व्यापक जनहित संभव है? उन्होंने बहुजन हितैषी और रोजगार-युक्त विकास को देश और उत्तर प्रदेश के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।

मायावती ने कहा कि यूपी में रोटी-रोजी की समस्या पहले से जटिल है और वर्तमान सरकारों की नीतियों से यह और विकट हो रही है। उन्होंने आलोचना की कि सरकारें ज्यादातर मामलों में केवल वादे और जुमलेबाजी पर निर्भर हैं, जबकि जनता की भूख, बेरोजगारी और जरूरतों को पूरा करने में असफल रहती हैं।
आत्मनिर्भरता का सही अर्थ
बीएसपी प्रमुख ने आत्मनिर्भरता पर भी बात की। उन्होंने कहा कि केवल स्लोगन से देश आत्मनिर्भर नहीं बन सकता। इसके लिए पूरी तत्परता और ईमानदारी के साथ नीतियों को लागू करना जरूरी है। मायावती ने यह भी स्पष्ट किया कि प्राइवेट सेक्टर पर अत्यधिक निर्भरता देश को वास्तविक रूप से आत्मनिर्भर नहीं बना सकती। उनका कहना है कि बहुजन समाज के जीवन को बेहतर बनाने के लिए सरकार और समाज को मिलकर काम करना होगा।
डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती का आयोजन
बैठक में मायावती ने 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती बड़े स्तर पर मनाने की घोषणा की। उन्होंने आरक्षण और कमजोर वर्गों के अधिकारों पर केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना की। मायावती ने कहा कि ये मुद्दे केवल दलगत राजनीति का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के जीवन और अधिकारों से सीधे जुड़े हैं।
कार्यकर्ताओं के लिए निर्देश
मायावती ने कार्यकर्ताओं को चुनावी रणनीति और संगठनात्मक मजबूती पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि पार्टी को केवल वोट बैंक तक सीमित नहीं रखना चाहिए बल्कि जनता के वास्तविक मुद्दों, जैसे रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय पर भी काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को जमीन पर लोगों से जुड़कर उनके मुद्दों को समझना और समाधान के लिए प्रयास करना होगा।










