यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं की फोन पर बातचीत के बाद बैठक तय हुई है। जेलेंस्की ने इसे रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने के प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कीव: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रविवार को बताया कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की है और दोनों नेताओं ने न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान आमने-सामने मुलाकात करने पर सहमति जताई है। जेलेंस्की ने इस बैठक को रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इससे बहुत कुछ बदल सकता है। जेलेंस्की के मुताबिक, बातचीत में शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने, तनाव कम करने और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूक्रेन की टीमें मिलकर काम कर रही हैं और गंभीर कदम उठाने के लिए तैयार हैं।
न्यूयॉर्क में होगी आमने-सामने बातचीत
जेलेंस्की ने 20 सितंबर को ट्रंप के साथ फोन पर हुई बातचीत के बाद मुलाकात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं की बातचीत महत्वपूर्ण रही और कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके बाद न्यूयॉर्क में मुलाकात तय की गई है।
यह बैठक संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान होने की उम्मीद है। अमेरिकी और यूक्रेनी पक्ष इससे पहले भी बैठक की तैयारियों में जुटे थे। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने 16 सितंबर को बताया था कि दोनों देशों की टीमें न्यूयॉर्क में नेताओं की बैठक की व्यवस्था पर काम कर रही थीं। जेलेंस्की ने कहा कि यह मुलाकात कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, बैठक के सटीक समय और विस्तृत एजेंडे की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
युद्ध खत्म करने के प्रयासों पर रहेगा फोकस
जेलेंस्की ने कहा कि शांति प्रक्रिया उनकी प्राथमिकता है। उनके अनुसार, दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने के लिए कुछ कदमों पर विचार किया जा रहा है।
उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और आम लोगों की जान की रक्षा को भी महत्वपूर्ण मुद्दे बताया। यूक्रेनी राष्ट्रपति के अनुसार, इन विषयों पर अमेरिकी टीम के साथ मिलकर काम किया जा रहा है।
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन गंभीर कदम उठाने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि न्यूयॉर्क बैठक में किसी संभावित समझौते या युद्धविराम को लेकर कौन से ठोस प्रस्ताव सामने रखे जाएंगे।
अमेरिका की मध्यस्थता के बीच हो रही बैठक
ट्रंप प्रशासन रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक रास्ते तलाश रहा है। हाल के दिनों में अमेरिकी अधिकारियों ने मॉस्को और कीव के साथ बातचीत की है।
जेलेंस्की ने ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की हालिया कीव यात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों अमेरिकी प्रतिनिधियों ने यूक्रेन की स्थिति को करीब से समझा और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
अमेरिकी और यूक्रेनी अधिकारियों के बीच बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब रूस और यूक्रेन के बीच सैन्य संघर्ष जारी है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए विभिन्न स्तरों पर कूटनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं।
ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा भी अहम मुद्दे
रूस-यूक्रेन युद्ध का असर केवल दोनों देशों की सुरक्षा पर ही नहीं पड़ा है, बल्कि ऊर्जा और खाद्य आपूर्ति पर भी इसका अंतरराष्ट्रीय प्रभाव रहा है।
जेलेंस्की ने न्यूयॉर्क बैठक के संभावित एजेंडे में ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा का विशेष उल्लेख किया है। यूक्रेन के अनुसार, नागरिक बुनियादी ढांचे और लोगों की सुरक्षा भी शांति प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
यूक्रेन पहले ऊर्जा और समुद्री क्षेत्रों में सीमित युद्धविराम जैसे विकल्पों पर चर्चा की इच्छा भी जता चुका है। जेलेंस्की ने कहा था कि यदि पूर्ण युद्धविराम पर सहमति नहीं बनती है तो ऊर्जा और समुद्री गतिविधियों से जुड़े आंशिक समझौतों पर भी विचार किया जा सकता है।
रूस-यूक्रेन युद्ध पांचवें वर्ष में
रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर सैन्य हमला शुरू किया था। सितंबर 2026 तक यह युद्ध पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है।
संघर्ष के दौरान दोनों देशों के सैनिकों और यूक्रेन के नागरिकों के मारे जाने की खबरें सामने आती रही हैं। लाखों यूक्रेनियन अपने घरों से विस्थापित हुए हैं और बड़ी संख्या में लोग देश छोड़कर दूसरे देशों में गए हैं।
2026 में भी रूस और यूक्रेन के बीच मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार निगरानी मिशन ने 2026 के शुरुआती महीनों में यूक्रेन में नागरिकों के हताहत होने में वृद्धि दर्ज की थी।
रूस पर हमलों के बीच कूटनीतिक प्रयास
जेलेंस्की और ट्रंप की आगामी बैठक ऐसे समय में हो रही है जब युद्ध के मैदान में भी संघर्ष तेज बना हुआ है।
20 सितंबर को रूस के संसदीय चुनाव के अंतिम दिन मॉस्को और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले हुए। रूसी अधिकारियों के अनुसार, 1,600 से अधिक ड्रोन को रोका गया या मार गिराया गया, जिनमें करीब 450 मॉस्को की दिशा में बढ़ रहे थे। हमले में लोगों की मौत हुई और एक प्रमुख तेल रिफाइनरी को नुकसान पहुंचा।
रूस ने इन हमलों के लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया है। इस बीच, युद्ध के समानांतर अमेरिका की ओर से कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।
डोनबास और क्षेत्रीय मुद्दे बड़ी चुनौती
रूस और यूक्रेन के बीच संभावित शांति समझौते में क्षेत्रीय नियंत्रण का सवाल सबसे जटिल मुद्दों में से एक बना हुआ है।
रूस यूक्रेन के कब्जे वाले क्षेत्रों पर अपने नियंत्रण को मान्यता देने की मांग करता रहा है, जबकि यूक्रेन अपनी क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता पर जोर देता है। दोनों पक्षों के रुख में यह अंतर किसी व्यापक शांति समझौते के लिए बड़ी चुनौती है।
डोनबास क्षेत्र इस विवाद के केंद्र में रहा है। रूस ने इस क्षेत्र के बड़े हिस्से पर नियंत्रण स्थापित किया है, जबकि यूक्रेन इन क्षेत्रों पर अपना दावा बनाए हुए है।
किसी भी समझौते में क्षेत्र, सुरक्षा गारंटी, युद्धविराम की निगरानी और भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था जैसे कई मुद्दों पर सहमति की जरूरत होगी।
ट्रंप से मुलाकात को लेकर जेलेंस्की की उम्मीद
जेलेंस्की ने न्यूयॉर्क में होने वाली बैठक को लेकर सकारात्मक संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि बैठक “बहुत कुछ बदल सकती है” और कूटनीतिक गति दिखाई दे रही है।
हालांकि, इस बैठक से किसी निश्चित समझौते या युद्धविराम की घोषणा होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। दोनों नेताओं की बातचीत के बाद ही यह सामने आएगा कि किन मुद्दों पर प्रगति हुई और आगे के लिए कौन से कदम तय किए गए।
जेलेंस्की ने ट्रंप को हाल में रूस से जुड़े प्रतिबंधों संबंधी कानून पर हस्ताक्षर करने के लिए भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन शांति के लिए गंभीर कदम उठाने को तैयार है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान बढ़ेगी कूटनीतिक गतिविधि
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा का उच्चस्तरीय सप्ताह शुरू होने के साथ कई देशों के नेताओं की द्विपक्षीय बैठकें भी होंगी। रूस-यूक्रेन युद्ध के अलावा मध्य पूर्व, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दे भी अंतरराष्ट्रीय एजेंडे में रहेंगे।
जेलेंस्की और ट्रंप की प्रस्तावित बैठक इसी व्यापक कूटनीतिक गतिविधि के बीच होगी। दोनों नेताओं के बीच बातचीत का मुख्य फोकस युद्ध को समाप्त करने के रास्ते, तनाव कम करने के उपाय और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर रहने की संभावना है।
फिलहाल बैठक की पुष्टि दोनों पक्षों के बयानों से हो चुकी है, लेकिन इसके नतीजे और किसी संभावित समझौते की दिशा बैठक के बाद ही स्पष्ट होगी।











